{"_id":"5c8d4334bdec2214492a868c","slug":"121552761652-bhadohi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुलेआम बिक रहा मौत रूपी सिलेंडर बम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुलेआम बिक रहा मौत रूपी सिलेंडर बम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर/चौरी। रसोई गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी और रीफिलिंग पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। बस्तियों में असुरक्षित ढंग से किया गया सिलिंडरों का भंडारण किसी बड़ी घटना का कारण बन जाए तो आश्चर्य की बात नहीं। जिले में कई स्थानों पर बेरोकटोक रीफिलिंग हो रही है। यहां किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
जिले में छोटे गैस सिलिंडरों की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई के नाम पर अब तक कोई बड़ा अभियान नहीं चला पाए। जिससे ज्ञानपुर, गोपीगंज, चौरी, भदोही, सुरियावां आदि क्षेत्रों में खुलेआम इसकी बिक्री की जा रही है। जिले में विभिन्न कंपनियों की 42 गैस एजेंसियां हैं। इसमें घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ता करीब तीन लाख 64 हजार हैं। शासन की ओर से इन्हीं एजेंसियों से ही पांच किलोग्राम के छोटे सिलिंडरों की बिक्री कराई जाती है। इसमें बकायदा कनेक्शन दिया जाता है, बावजूद इनकी संख्या बमुश्किल 200 से 300 के बीच ही है। जानकारी के अभाव में लोग बाजार से खुलेआम सिलिंडर खरीद रहे हैं, जो मानकों के विपरीत होते हैं। यही नहीं सिलिंडरों की रीफ्लिंग भी दुकान के अंदर कर दी जाती है। साथ ही गैस रिसाव का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। भारत पेट्रोलियम के एरिया मैनेजर समीर सहगल ने कहा कि सभी एजेंसियों में पांच किलो के छोटे सिलिंडर उपलब्ध हैं। इसके कनेक्शन के लिए करीब एक हजार रुपये जमा करने पड़ते हैं। यह सिलिंडर मानकों पर पूरी तरह तैयार होता है। एक साल में 34 सिलिंडर देने का प्रावधान है, हालांकि काफी कम लोग ही इसका कनेक्शन लिए हैं।
बाजारों में छोटे सिलिंडर की बिक्री अवैध है। रीफलिंग आदि भी किया जाता है। सप्ताह भर पहले ऑयल कंपनियों के अफसरों संग बैठक हुई थी, जिसमें निर्णय लिया गया है कि ऐसी दुकानों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
अमित कुमार तिवारी, डीएसओ भदोही
लखनों हादसे वाली वैन में भी लगा था घरेलू गैस
ज्ञानपुर। 12 जनवरी को लखनो गांव में जो स्कूली वैन हादसे की शिकार हुई थी, उसमें भी घरेलू गैस इस्तेमाल किया जा रहा था। उस घटना में 19 बच्चे झुलस गए थे, जिसमें तीन की मौत भी हो चुकी। घटना को लेकर पूर्ति विभाग भी संजीदा नहीं दिखा। करीब दो महीने से अधिक गुजर गए लेकिन पूर्ति विभाग की ओर से आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
एजेंसियों की लूट, 1600 का कनेक्शन 3200 में
सामान्य कनेक्शन देने में गैस एजेंसी संचालकों ने खुलेआम लूट मचा रखी है। एक सिलिंडर के कनेक्शन के लिए 3200 रुपये वसूल किए जाते हैं, जबकि बिल केवल 1600 रुपये का ही दिया जाता है। हैरत की बात यह है कि यह उगाही लंबे समय से चल रही है, लेकिन इस पर रोक नहीं लग पा रही।
विज्ञापन
जिले में छोटे गैस सिलिंडरों की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई के नाम पर अब तक कोई बड़ा अभियान नहीं चला पाए। जिससे ज्ञानपुर, गोपीगंज, चौरी, भदोही, सुरियावां आदि क्षेत्रों में खुलेआम इसकी बिक्री की जा रही है। जिले में विभिन्न कंपनियों की 42 गैस एजेंसियां हैं। इसमें घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ता करीब तीन लाख 64 हजार हैं। शासन की ओर से इन्हीं एजेंसियों से ही पांच किलोग्राम के छोटे सिलिंडरों की बिक्री कराई जाती है। इसमें बकायदा कनेक्शन दिया जाता है, बावजूद इनकी संख्या बमुश्किल 200 से 300 के बीच ही है। जानकारी के अभाव में लोग बाजार से खुलेआम सिलिंडर खरीद रहे हैं, जो मानकों के विपरीत होते हैं। यही नहीं सिलिंडरों की रीफ्लिंग भी दुकान के अंदर कर दी जाती है। साथ ही गैस रिसाव का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। भारत पेट्रोलियम के एरिया मैनेजर समीर सहगल ने कहा कि सभी एजेंसियों में पांच किलो के छोटे सिलिंडर उपलब्ध हैं। इसके कनेक्शन के लिए करीब एक हजार रुपये जमा करने पड़ते हैं। यह सिलिंडर मानकों पर पूरी तरह तैयार होता है। एक साल में 34 सिलिंडर देने का प्रावधान है, हालांकि काफी कम लोग ही इसका कनेक्शन लिए हैं।
विज्ञापन
बाजारों में छोटे सिलिंडर की बिक्री अवैध है। रीफलिंग आदि भी किया जाता है। सप्ताह भर पहले ऑयल कंपनियों के अफसरों संग बैठक हुई थी, जिसमें निर्णय लिया गया है कि ऐसी दुकानों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
अमित कुमार तिवारी, डीएसओ भदोही
लखनों हादसे वाली वैन में भी लगा था घरेलू गैस
ज्ञानपुर। 12 जनवरी को लखनो गांव में जो स्कूली वैन हादसे की शिकार हुई थी, उसमें भी घरेलू गैस इस्तेमाल किया जा रहा था। उस घटना में 19 बच्चे झुलस गए थे, जिसमें तीन की मौत भी हो चुकी। घटना को लेकर पूर्ति विभाग भी संजीदा नहीं दिखा। करीब दो महीने से अधिक गुजर गए लेकिन पूर्ति विभाग की ओर से आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
एजेंसियों की लूट, 1600 का कनेक्शन 3200 में
सामान्य कनेक्शन देने में गैस एजेंसी संचालकों ने खुलेआम लूट मचा रखी है। एक सिलिंडर के कनेक्शन के लिए 3200 रुपये वसूल किए जाते हैं, जबकि बिल केवल 1600 रुपये का ही दिया जाता है। हैरत की बात यह है कि यह उगाही लंबे समय से चल रही है, लेकिन इस पर रोक नहीं लग पा रही।