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Bhadohi News: बूंदें गिरी 11.5 मिलीमीटर, न्यूनतम तापमान दो डिग्री गिरा
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ज्ञानपुर। रविवार की देर शाम बूंदाबांदी और सोमवार को सुबह झमाझम बारिश हुई। बारिश से शहरी इलाकों में कीचड़ हो गया है लेकिन गेहूं की सिंचाई के लिए पानी की प्रतीक्षा कर रहे किसान खुश हैं। कुल 11.5 मिलीमीटर वर्षा हुई जबकि न्यूनतम तापमान दो डिग्री गिरकर 13.4 डिग्री पर पहुंचा गया। अधिकतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
जिले में रविवार की देर शाम से शुरू हुई बारिश सोमवार को सुबह भी जारी रही। जिले के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई। सुबह जब लोगों की नींद खुली तो पूरे आसमान में काले बादल छाए थे। बादलों की स्थिति को देखते हुए लग रहा है कि पूरे दिन ऐसे ही बारिश का मौसम बना रहेगा, लेकिन सुबह 10 बजे के बाद बारिश बंद हो गई।
सुबह बारिश के दौरान सड़कों पर आवाजाही कम रही। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को हुई। बच्चों के अभिभावक उन्हें छाते में लेकर स्कूल जाते हुए देखे गए। मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में बारिश का असर बना है। हालांकि अब इसका प्रभाव धीरे-धीरे कम हुआ है। जिससे आने वाले दिनों में धूप अच्छी खिलेगी। बताया कि सोमवार को लगभग 11.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
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सिंचाई की हुई बचतकृषि विज्ञान केन्द्र, बेजवां के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विश्वेन्दु द्विवेदी ने कहा कि बारिश से रबी की फसल गेहूं, जौ, तिलहन और दलहन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इससे एक सिंचाई की बचत हुई है। बारिश से सरसों की फसल में माहू कीट का प्रभाव कम होगा। तापमान बढ़ने पर मटर की फसल में चूर्णित आसिता रोग लगने की आशंका है। लगातार बादल छाए रहने पर आलू में झुलसा रोग लग सकता है। हालांकि गेहूं की खेती के लिए यह फायदे मंद है।
अस्पतालों में 769 मरीजों का उपचारमौसम में लगातार हो रहे बदलाव से लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। लोग बीमार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। सोमवार को जिला अस्पताल में चिकित्सकों की ओपीडी में बरसात के बाद भी 769 मरीज पहुंचे। इन मरीजों में सबसे अधिक मरीज वायरल बुखार से पीड़ित थे। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रदीप यादव ने कहा कि बदलते मौसम में सबसे अधिक बच्चों के बचाव की आवश्यकता होती है। सुबह और शाम ठंड अधिक पड़ रही है और दोपहर में ठंड कम है। मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण बच्चे वायरल फीवर की चपेट में आ रहे हैं।
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जिले में रविवार की देर शाम से शुरू हुई बारिश सोमवार को सुबह भी जारी रही। जिले के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई। सुबह जब लोगों की नींद खुली तो पूरे आसमान में काले बादल छाए थे। बादलों की स्थिति को देखते हुए लग रहा है कि पूरे दिन ऐसे ही बारिश का मौसम बना रहेगा, लेकिन सुबह 10 बजे के बाद बारिश बंद हो गई।
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सुबह बारिश के दौरान सड़कों पर आवाजाही कम रही। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को हुई। बच्चों के अभिभावक उन्हें छाते में लेकर स्कूल जाते हुए देखे गए। मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में बारिश का असर बना है। हालांकि अब इसका प्रभाव धीरे-धीरे कम हुआ है। जिससे आने वाले दिनों में धूप अच्छी खिलेगी। बताया कि सोमवार को लगभग 11.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
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सिंचाई की हुई बचतकृषि विज्ञान केन्द्र, बेजवां के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विश्वेन्दु द्विवेदी ने कहा कि बारिश से रबी की फसल गेहूं, जौ, तिलहन और दलहन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इससे एक सिंचाई की बचत हुई है। बारिश से सरसों की फसल में माहू कीट का प्रभाव कम होगा। तापमान बढ़ने पर मटर की फसल में चूर्णित आसिता रोग लगने की आशंका है। लगातार बादल छाए रहने पर आलू में झुलसा रोग लग सकता है। हालांकि गेहूं की खेती के लिए यह फायदे मंद है।
अस्पतालों में 769 मरीजों का उपचारमौसम में लगातार हो रहे बदलाव से लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। लोग बीमार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। सोमवार को जिला अस्पताल में चिकित्सकों की ओपीडी में बरसात के बाद भी 769 मरीज पहुंचे। इन मरीजों में सबसे अधिक मरीज वायरल बुखार से पीड़ित थे। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रदीप यादव ने कहा कि बदलते मौसम में सबसे अधिक बच्चों के बचाव की आवश्यकता होती है। सुबह और शाम ठंड अधिक पड़ रही है और दोपहर में ठंड कम है। मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण बच्चे वायरल फीवर की चपेट में आ रहे हैं।