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परिषदीय स्कूलों के 935 भवन जर्जर

Tue, 29 Jan 2019 11:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 29 Jan 2019 11:42 PM IST
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परिषदीय स्कूलों के 935 भवन जर्जर

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ज्ञानपुर। जिले के 1113 प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में 15 फीसदी से अधिक स्कूलों के भवन जर्जर हो चुके हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से नवंबर में कराए गए सर्वे में जो आंकड़े सामने आए हैं, वह काफी चौंकाने वाले हैं। सर्वे में 179 विद्यालयों के 935 कक्षा-कक्ष जर्जर मिले हैं। विभाग ऐसे भवनों में जो निष्प्रयोज्य हो चुके हैं, उन्हें चिह्नित कर कक्षाओं का संचालन को रोक दिया है। 2005 से लेकर 2010 तक बने एक कक्षीय एवं द्विकक्षीय भवनों की हालत सबसे ज्यादा खराब है।
बुनियादी शिक्षा की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए सरकार तमाम योजनाएं चला रही है, लेकिन धरातल पर स्थिति उलट है। मानक के अनुसार भवनों का निर्माण नहीं होने पर वे निर्माण के बाद जल्द ही जर्जर हो रहे हैं। जिले में जूनियर और प्राइमरी के कुल 1113 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें से 25 फीसदी विद्यालय एक दशक पुराने हैं। इनकी छतें, दीवारें, फर्श, खिड़की, दरवाजे जर्जर हो गए हैं। 75 फीसदी भवन सर्व शिक्षा अभियान के तहत 2005 से 2013 तक बनवाए गए। मानक के अनुरूप निर्माण नहीं होने से इन स्कूलों के भवन कम समय में ही जर्जर हो चुके हैं। प्रत्येक ब्लॉक में सर्वे के दौरान 179 स्कूलों के 935 भवन जर्जर पाए गए। इनमें 95 फीसदी एक कक्षीय और द्विकक्षीय भवन हैं। इसकी बानगी डीघ के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बिछियां में देखी जा सकती है। इसी तरह औराई, चौरी का लठियां, भाला, कोल्हुआं पांडेयपुर, सुरियावां, अभोली और भदोही के कई विद्यालयों में बारिश के मौसम में कक्षाएं संचालित करना मुश्किल हो जाता है। विद्यार्थी ही नहीं, शिक्षक भी इस आशंका से परेशान रहते हैं कि कहीं भवन ढह गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। इन स्कूलों में करीब 15 हजार से अधिक बच्चे अध्ययनरत हैं।
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स्कूल मेें बांधे जा रहे मवेशी, हो रहा कब्जा
ज्ञानपुर। प्रशासन और शिक्षा विभाग की उदासीनता से कई स्कूलों या उनके परिसर में मवेशी बांधे जा रहे हैं। सुरियावां विकास खंड के कोल्हुआ पांडेयपुर, चौरी के भाला समेत ऐसे कई विद्यालय है जहां मवेशी बांधे जा रहे हैं।
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कायाकल्प योजना से कई भवनों की स्थिति बेहतर की गई। जो भवन निष्प्रयोज्य हो चुके हैं उनमें कक्षाएं संचालित नहीं कराई जाती। कोल्हुआं पांडेयपुर का स्कूल भवन निष्प्रयोज्य हो चुका है लेकिन वहां कोई भी गतिविधि हो रही है तो उसकी कार्रवाई की जाएगी।
अमित कुमार, बीएसए अधिकारी
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