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गोरखपुर कांड के दोषियों को मिले सजा
Updated Tue, 15 Aug 2017 12:43 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)। निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। इसमें गोरखपुर में 60 से अधिक बच्चों की मौत को लेकर नाराजगी जताई गई। वक्ताओं ने इसे सरकार की विफलता बताते हुए मुख्यमंत्री को इस्तीफा देने की मांग की।
संगठन के हजारी लाल केवट ने कहा कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मासूमों की मौत से यह स्पष्ट हो गया कि सूबे की सरकार विफल हो चुकी है। घटना के बाद संवेदना जताने के बजाए सरकार के मंत्री राजनीति करने में लगे हैं। जिन बच्चों की मौत हुई उनके बच्चों को मृत्यु प्रमाणपत्र की रसीद भी नहीं दी गई। चुनाव में जनता के वोट लेने के बाद भाजपा का असली चेहरा धीरे-धीरे सामने आने लगा है। उन्होंने कहा कि दो दिन पूर्व जिस अस्पताल में मुख्यमंत्री पहुंचे थे उन्हें यह पता नहीं कि वहां आक्सीजन की व्यवस्था नहीं है। सरकार को सब कुछ पता था। बच्चों की मौत नहीं हुई बल्कि उनकी हत्या की गई। पदाधिकारियों ने पीड़ित परिवार को 25-25 लाख की सहायता देने की मांग की। धरने में सुशील निषाद, हीरामणि, श्याम नारायण, धनराज, कन्हैयालाल, रामनरेश आदि रहे।
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संगठन के हजारी लाल केवट ने कहा कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मासूमों की मौत से यह स्पष्ट हो गया कि सूबे की सरकार विफल हो चुकी है। घटना के बाद संवेदना जताने के बजाए सरकार के मंत्री राजनीति करने में लगे हैं। जिन बच्चों की मौत हुई उनके बच्चों को मृत्यु प्रमाणपत्र की रसीद भी नहीं दी गई। चुनाव में जनता के वोट लेने के बाद भाजपा का असली चेहरा धीरे-धीरे सामने आने लगा है। उन्होंने कहा कि दो दिन पूर्व जिस अस्पताल में मुख्यमंत्री पहुंचे थे उन्हें यह पता नहीं कि वहां आक्सीजन की व्यवस्था नहीं है। सरकार को सब कुछ पता था। बच्चों की मौत नहीं हुई बल्कि उनकी हत्या की गई। पदाधिकारियों ने पीड़ित परिवार को 25-25 लाख की सहायता देने की मांग की। धरने में सुशील निषाद, हीरामणि, श्याम नारायण, धनराज, कन्हैयालाल, रामनरेश आदि रहे।
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