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बस से स्वदेश रवाना हुए 11 बंग्लादेशी
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भदोही। गत वर्ष मार्च महीने में निजामुद्दीन स्थित मरकज में जमात के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद भदोही आए 11 जमाती बांग्लादेशियों को शनिवार को जिला प्रशासन ने बस से स्वदेश (बांग्लादेश) रवाना कर दिया। उनके साथ कोतवाली के दारोगा समेत स्थानीय अभिसूचना विभाग के अधिकारी भी हैं। जो उन्हें बांग्लादेश बार्डर पर छोड़कर आएंगे। रवाना होने से पूर्व सभी ने एमबीएस अस्पताल पहुंच कर कोविड की स्क्रीनिंग कराई।
बता दें कि वर्ष 2020 मार्च माह में मरकज में जमात के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद 11 बांग्लादेशी भदोही आ गए थे। प्रशासन को इसकी भनक लगने के बाद सभी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर न्यायालय में अभियोग चलाया गया। इन पर टूरिस्ट वीजा पर भारत आने और यहां धर्म प्रचार करने का आरोप था। मरकज का कार्यक्रम भी उसी का हिस्सा था। सीओ भदोही प्रयांक जैन ने बताया कि बांग्लादेशियों पर जो मुकदमा था वह खत्म हो चुका है। उक्त 11 बांग्लादेशी काजीपुर मरकज में ही रह रहे थे। उन्हें वापस भेजने का प्रयास चल रहा था। शनिवार को जब वे बस पर सवार होने के लिए अजिमुल्लाह चौराहे पर पहुंचे तो माहौल भावुक हो उठा। लोगों ने उन्हें माला पहना कर अपनी खुशी का इजहार किया। बांग्लादेशियों ने भी यहां के लोगों और पुलिस के स्वभाव की सराहना की। जाने से पूर्व उनकी आंखों में खुशी के आंसू देख स्थानीय लोगों की आंखें भी डबडबा गईं।
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बता दें कि वर्ष 2020 मार्च माह में मरकज में जमात के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद 11 बांग्लादेशी भदोही आ गए थे। प्रशासन को इसकी भनक लगने के बाद सभी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर न्यायालय में अभियोग चलाया गया। इन पर टूरिस्ट वीजा पर भारत आने और यहां धर्म प्रचार करने का आरोप था। मरकज का कार्यक्रम भी उसी का हिस्सा था। सीओ भदोही प्रयांक जैन ने बताया कि बांग्लादेशियों पर जो मुकदमा था वह खत्म हो चुका है। उक्त 11 बांग्लादेशी काजीपुर मरकज में ही रह रहे थे। उन्हें वापस भेजने का प्रयास चल रहा था। शनिवार को जब वे बस पर सवार होने के लिए अजिमुल्लाह चौराहे पर पहुंचे तो माहौल भावुक हो उठा। लोगों ने उन्हें माला पहना कर अपनी खुशी का इजहार किया। बांग्लादेशियों ने भी यहां के लोगों और पुलिस के स्वभाव की सराहना की। जाने से पूर्व उनकी आंखों में खुशी के आंसू देख स्थानीय लोगों की आंखें भी डबडबा गईं।
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