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पशु तस्करी में गिरी गाज, चार सिपाही हटाए गए
Updated Thu, 04 Oct 2018 01:06 AM IST
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ज्ञानपुर। जिले में पशु तस्करी के नेटवर्क में शामिल चार सिपाहियों पर आखिरकार कार्रवाई की गाज गिर गई। चौरी और ऊंज थाने के दो सिपाहियों का गैर जनपद स्थानांतरण कर दिय गया है जबकि औराई के दो सिपाहियों को जिले के ही दूसरे थानों पर भेजा गया गया। इस कार्रवाई से तस्करी में लिप्त पुलिसकर्मियों की धड़कनें बढ़ गई हैं। प्रदेश सरकार की सख्ती के बाद भी पशु तस्करी पर रोक नहीं लग रही। सफेदपोश से लेकर पुलिस महकमे के कुछ लोग तस्करों के नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं। पशु तस्कर इलाहाबाद के एक बर्खास्त सिपाही के अलावा ऊंज के एक, औराई के दो और चौरी के एक सिपाही के साथ नेटवर्क बनाकर लगातार तस्करी का बखूबी अंजाम दे रहे थे। इसमें गोवंश से लेकर भैंस शामिल रहते थे। चौरी थाने में तैनात सिपाही पूरे नेटवर्क की मानीटरिंग करता। मामला पुलिस महकमें के प्रदेश स्तरीय अधिकारियों के संज्ञान में आया तो उन पर कार्रवाई की गाज गिरने लगी। चौरी और ऊंज थाने के सिपाहियों को गैर जनपद स्थानांतरित किया गया जबकि औराई के एक सिपाही को भदोही तो दूसरे को सुरियावां भेजा गया। सूत्र बताते हैं कि ऊंज और चौरी थाने के सिपाहियों का नेटवर्क सपा सरकार से ही सक्रिय था। तस्करी में संलिप्त सिपाही कुछ आला अधिकारियों की कृपा से अपना कारोबार चला रहे थे। अचानक हुई कार्रवाई से तस्करी में शामिल अन्य सिपाहियों में खलबली मच गई है। गोपीगंज और ऊंज थाने के कुछ और सिपाही हैं जो वाहनों को पास कराते हैं। प्रभारी एसपी डॉ. संजय कुमार ने कहा कि पशु तस्करी रोकने के लिए अभियान चल रहा है। विशेष टीम का भी गठन किया गया है। सिपाहियों के तबादले रूटीन व्यवस्था से किया गया है।
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