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शहर में यातायात पर ब्रेक लगा रहे आवारा पशु

Tue, 25 Sep 2018 12:25 AM IST
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:25 AM IST
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शहर में यातायात पर ब्रेक लगा रहे आवारा पशु
ज्ञानपुर/भदोही। सिवान में किसानों की मेहनत की कमाई को रौंदकर मिट्टी में मिला रहे छुट्टा पशु नगर और कस्बों में सुरक्षित यातायात के लिए भी चुनौती साबित हो रहे हैं। सड़कों, गलियों में मवेशियों की धमाचौकड़ी के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रहीं हैं। एक महीने में पशुओं की वजह से जिले में एक दर्जन से अधिक सड़क हादसे हो चुके हैं। इसके अलावा जाम की समस्या भी मवेशियों की वजह से बढ़ती जा रही है। पशुपालकों की मनमानी और नगर निकायों की लापरवाही राहगीरों और दुकानदारों पर भारी पड़ रही है। नगरों में मोहल्ले से लेकर हाईवे तक छुट्टा पशुओं की तादाद काफी ज्यादा हो गई है। सुबह पशुपालक दूध दुहने के बाद अपने मवेशियों को छुट्टा छोड़ देते हैं, जो दिन भर गलियों और सड़कों पर धमाचौकड़ी मचाते हैं। ऐसे पशुओं को पकड़ने और पशुपालकों के खिलाफ कार्रवाई करने की जिम्मेदारी नगर निकाय प्रशासन की होती है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। यही वजह है कि ज्ञानपुर और भदोही नगर के कुछ स्थान पशुओं के कारण डेंजर जोन बन गए हैं। ज्ञानपुर नगर में शीतल पाल तिराहा, हरिहरनाथ धाम, पुलिस लाइन और दुर्गागंज त्रिमुहानी के आसपास छुट्टा पशुओं का जमावड़ा होता है। इसी वजह से इन इलाकों में पशुओं की वजह से कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। नगर पंचायत के ईओ राजेंद्र दूबे ने कहा कि छुट्टा पशुओं को पकड़कर कांजी हाउस में छोड़ने का प्रावधान है लेकिन जिलेेे में एक भी कांजी हाउस नहीं है। भदोही नगर की सड़कों का भी यही हाल है। कई मार्गों पर छुट्टा पशुओं की वजह से राहगीरों को मुश्किल का सामना करना पड़ता है। मर्यादपट्टी से लेकर रजपुरा और नेशनल तिराहे तक एवं इंदिरा मिल चौराहे से लेकर स्टेशन रोड और पकरी तिराहे छुट्टा पशुओं का कब्जा रहता है। छुट्टा पशु शहर की यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। स्टेशन रोड पर दो बालिका विद्यालय, एक महिला डिग्री कॉलेज होने के कारण सैकड़ों बालिकाओं का आना-जाना होता है। जुलाई में विद्यालय से घर जाते समय दो बालिकाएं पशुओं के हमले में घायल हो गईं थीं। इसके अलावा नई बाजार में डेढ़ माह पूर्व छुट्टा पशु के हमले में घायल वृद्ध की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसी तरह चौरी रोड पर पशुओं के हमले में अलग-अलग घटनाओं में तीन युवक घायल हो चुके हैं। मर्यादपट्टी के सजावल सिंह का कहना है कि पशुओं के चलते सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है। आए दिन पशुओं की वजह से हादसे होते हैं। इसी तरह गोपीगंज, औराई, महाराजगंज, जंगीगंज, ऊंज में भी छुट्टा पशु राहगीरों के लिए मुश्किलें पैदा करते हैं।
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