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मोदी सरकार का तोहफा, किसानों की 1.60 लाख क्रेडिट
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ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) में लाने की कवायद जिले में शुरू हो गई है। इससे जिले के 1.87 लाख किसानों को लाभ मिलेगा। किसानों की एक लाख 60 हजार की क्रेडिट रहेगी। केसीसी से किसान कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों के लिए बैंकों से ऋण ले सकेंगे। सबसे खास बात है कि बिना किसी कागजात को उन्हें बैंको से मात्र चार फीसदी ब्याज पर लोन मिलेगा।
संसद में एक फरवरी को जारी केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एलान के बाद अब जिला प्रशासन इसको प्रभावी बनाने में जुट गया है। नाबार्ड, बैंक और कृषि विभाग आपसी तालमेल से किसानों को केसीसी से जोड़ेंगे। डीएम ने सभी बैंकर्स को 23 फरवरी तक हार हाल में किसानों को केसीसी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। बैंक अफसरों से कहा गया कि बैंक के पास उपलब्ध सूची में जिन किसानों के पास पहले से ही किसान क्रेडिट कार्ड है, उन्हें अलग कर दिया जाएगा। जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में अब तक 1.75 लाख किसानों का डाटा लॉक है। बैंक अधिकारी इन किसानों को केसीसी उपलब्ध कराएंगे। योजना में जिन किसानों की केसीसी बनेगी उन्हें बिना किसी जरूरी अभिलेख के एक लाख 60 हजार का ऋण मिल जाएगा। बताते चलें कि वर्तमान समय में 35 हजार किसानों की केसीसी बनी है। सभी किसानों की केसीसी बनी तो यह संख्या एक लाख 75 हजार तक पहुंच जाएगी, हालांकि कृषि विभाग का अनुमान है कि 1.60 लाख किसान केसीसी धारक होंगे। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने बताया कि शासनड के निर्देश पर नाबार्ड, बैंक और विभाग की ओर से एक पखवारे तक अभियान चलाकर पीएम किसान से जुड़े कृषकों की केसीसी बनाई जाएगी। पशुपालन एवं मत्स्य पालन कर रहे हैं किसान भी क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन संबंधित बैंक में कर सकते हैं। तालाब पट्टा धारक भी मत्स्य पालन के लिए लोन ले सकते हैं। इसमें तालाबों का विकास भी किया जा सकता है।
एक पन्ने का फार्म है जरूरी
ज्ञानपुर। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंहने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए बैंकों में दिए गए एक पन्ने का फॉर्म अपनी खसरा खतौनी के साथ जमा करके सस्ती दर पर कृषि ऋण का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसमें किसानों को ज्यादा भागदौड़ करने की जरूरत है। वह सीधे बैंक में जाकर फार्म जमा करें, दलालों के चक्कर में पड़ने से दिक्कत होगी।
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संसद में एक फरवरी को जारी केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एलान के बाद अब जिला प्रशासन इसको प्रभावी बनाने में जुट गया है। नाबार्ड, बैंक और कृषि विभाग आपसी तालमेल से किसानों को केसीसी से जोड़ेंगे। डीएम ने सभी बैंकर्स को 23 फरवरी तक हार हाल में किसानों को केसीसी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। बैंक अफसरों से कहा गया कि बैंक के पास उपलब्ध सूची में जिन किसानों के पास पहले से ही किसान क्रेडिट कार्ड है, उन्हें अलग कर दिया जाएगा। जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में अब तक 1.75 लाख किसानों का डाटा लॉक है। बैंक अधिकारी इन किसानों को केसीसी उपलब्ध कराएंगे। योजना में जिन किसानों की केसीसी बनेगी उन्हें बिना किसी जरूरी अभिलेख के एक लाख 60 हजार का ऋण मिल जाएगा। बताते चलें कि वर्तमान समय में 35 हजार किसानों की केसीसी बनी है। सभी किसानों की केसीसी बनी तो यह संख्या एक लाख 75 हजार तक पहुंच जाएगी, हालांकि कृषि विभाग का अनुमान है कि 1.60 लाख किसान केसीसी धारक होंगे। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने बताया कि शासनड के निर्देश पर नाबार्ड, बैंक और विभाग की ओर से एक पखवारे तक अभियान चलाकर पीएम किसान से जुड़े कृषकों की केसीसी बनाई जाएगी। पशुपालन एवं मत्स्य पालन कर रहे हैं किसान भी क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन संबंधित बैंक में कर सकते हैं। तालाब पट्टा धारक भी मत्स्य पालन के लिए लोन ले सकते हैं। इसमें तालाबों का विकास भी किया जा सकता है।
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एक पन्ने का फार्म है जरूरी
ज्ञानपुर। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंहने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए बैंकों में दिए गए एक पन्ने का फॉर्म अपनी खसरा खतौनी के साथ जमा करके सस्ती दर पर कृषि ऋण का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसमें किसानों को ज्यादा भागदौड़ करने की जरूरत है। वह सीधे बैंक में जाकर फार्म जमा करें, दलालों के चक्कर में पड़ने से दिक्कत होगी।
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