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Basti News: भावनाओं के आवेग में युवक-युवती ने की खुदकुशी

Fri, 24 Jul 2026 11:29 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2026 11:29 PM IST
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Young man and woman commit suicide in a fit of emotion.
नगर बाजार। रिश्ते में क्षणिक कड़वाहट से उपजे भावावेग ने बृहस्पतिवार की रात युवक-युवती की जान ले ली। युवती ने किसी बात पर कहा दिया कि मर जाओ और युवक ने फंदा ही लगा लिया। अगले ही पल युवती को अपनी भूल का एहसास हुआ लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। वह फोन करती रही लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। कुछ घंटों की अकुलाहट के बाद उसने भी मौत को गले लगा लिया। दोनों परिवारों में मातम है और घर में कभी न खत्म होने वाली उदासी।
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क्षेत्र के एक गांव में शुक्रवार की सुबह बीएससी अंतिम वर्ष की छात्रा का घर में ही फंदे से लटका शव मिला। मामले की जानकारी पर पहुंची पुलिस टीम ने जांच शुरू की तो कमरे में एक सुसाइड नोट मिला। सुसाइड नोट में दर्ज चंद अल्फाज ने मौके पर गांव के लोगों को भी झकझोर कर रख दिया। युवती ने पड़ोस के गांव के युवक से चार साल के रिश्ते का जिक्र करते हुए लिखा था कि बृहस्पतिवार की रात फोन पर बातचीत में उसने किसी बात पर कह दिया कि मर जाओ...। इसके बाद जब तक उसे अपनी भूल का एहसास होता और वह मनुहार करती युवक हमेशा के लिए जबान बंद कर चुका था। इससे आहत युवती ने भी फंदा लगा लिया।
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पुलिस ने जांच शुरू की तो पड़ोस के गांव में एक युवक के खुदकुशी करने की जानकारी मिली। हालांकि, पुलिस जब तक पहुंचती परिवार के लोग अंतिम संस्कार कर चुके थे। दोनों के मोबाइल की जांच हुई तो रात करीब पौने 11 बजे तक दोनों की बातचीत की भी तस्दीक हुई। नगर थानाक्षेत्र के थानेदार रामप्रसाद यादव ने बताया कि युवक और युवती ने वीडियो कॉल पर बात की थी। उन्होंने कहा कि मुमकिन है कि इसी बातचीत के दौरान कुछ क्षणों की कड़वाहट उभरी और बात जान देने तक पहुंच गई।
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इकलौते बेटे की खुदकुशी से सदमे में परिवार
सुसाइड नोट और पुलिस की जांच में युवक-युवती की बातचीत सामने आने से पहले तक दोनों के परिवार वजह से अनजान थे। पता चला कि युवक-युवती दोनों इंटरमीडिएट तक साथ पढ़े हुए थे। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। इंटरमीडिएट के बाद युवक ने पढ़ाई छोड़ दी थी। परिवार का इकलौता बेटा रोजगार की तलाश में था। वहीं दो बहनों और इकलौते भाई में बड़ी युवती बीएससी अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। कॉलेज का साथ खत्म होने के बाद भी दिलों का साथ बना रहा और दोनों जिंदगी भर के साथ के सपने देखते रहे। यह साझा सपना दिलों में पल ही रहा था कि मामूली बात पर सबकुछ तबाह हो गया। इकलौते बेटे की खुदकुशी से परिवार गहरे सदमे में है।


कोट
ऐसी घटनाओं में व्यक्ति अक्सर भावनात्मक आवेग, अत्यधिक तनाव और असहनीय मानसिक पीड़ा के कारण अचानक फैसले ले लेता है। मामूली विवाद कई बार गहरे लगाव, असुरक्षा, अपराधबोध या अकेलेपन की भावना को बढ़ा देते हैं। आत्महत्या का विचार समस्या का समाधान नहीं बल्कि उस समय की मानसिक स्थिति का परिणाम होता है। ऐसे मामलों में भावनाओं को समझना, संवाद बनाए रखना और समय पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मदद लेना बेहद जरूरी है।
- डॉ. आकृति पांडेय, मनोवैज्ञानिक
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