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Basti News: मेडिकल काॅलेज परिसर में पानी, मरीज और स्टाफ को हो रही परेशानी
Mon, 03 Jul 2023 01:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 03 Jul 2023 01:02 AM IST
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बस्ती। पिछले दो दिनों की बारिश ने मेडिकल कालेज के ओपेक चिकित्सालय कैली की स्थिति बिगाड़ दी है। परिसर पानी से लबालब भर गया है। मरीजों और तीमारदारों को आने-जाने में सांसत झेलनी पड़ रही है। मुख्य मार्ग से इमरजेंसी या अस्पताल के किसी वार्ड तक पहुंचने के लिए पानी में घुसकर जाना पड़ रहा है। दूसरी कालोनियों के सामने भी जलभराव है। यहां रहने वाले स्टाफ और उनके परिवार के लोग सांसत झेल रहे हैं।
ओपेक चिकित्सालय कैली परिसर में जलनिकासी की व्यवस्था न होने से बारिश का मौसम भारी पड़ रहा है। यहां परिसर में पानी भर गया है। जिसके निकलने का कोई जरिया नहीं है। यहां दो दिनों से लोग जलभराव के संकट से जूझ रहे हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से परिसर में एकत्र पानी को पंपसेट आदि से निकलवाने के लिए कोई इंतजाम भी नहीं किया गया। वाहनों से लोग किसी तरह अस्पताल के ओपीडी या इमरजेंसी तक पहुंच जा रहे हैं लेकिन पैदल पहुंचना कठिन हो गया है। मरीजों के साथ आए तीमारदारों का दवा एवं अन्य सामग्रियों के लिए अस्पताल से बाहर निकलना दुश्वार है। लोग पानी में घुसकर आते-जाते देखे जा रहे हैं। जलभराव के चलते अस्पताल के स्टाफ को भी आने जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। कालोनियों के सामने भी पानी भरा हुआ है। यहां लगभग दो सौ परिवार रहते हैं। परिसर में पानी भरने से बच्चों का स्कूल आना-जाना कठिन हो गया है। बाजार एवं अन्य जरूरी काम से निकली महिलाओं को कठिनाइयां उठानी पड़ रही है। कालोनी की प्रीति आर्य ने कहा कि मेडिकल कालेज स्तर का अस्पताल होने के बाद भी यहां जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। हर बार बारिश के समय हम लोग दुर्दशा झेलने को विवश रहते हैं। सुमन कन्नौजिया ने कहा कि जलभराव होने से हम लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। वाहन की व्यवस्था न हो तो पानी में घुसकर आना जाना पड़ता है। महेश पांडेय ने कहा कि वर्षों पुरानी बनी नालियां क्षतिग्रस्त हो गई है। वह घरों से निकलने वाला गंदा पानी भी नहीं बहा पा रही है। बबिता ने कहा कि भवन की दशा पहले से ही खराब है। इन दिनों बारिश के चलते दुर्दशा और बढ़ गई है। यदि पानी नहीं निकलवाया गया तो सड़ांध होगी। फिर घर के अंदर रहना भी दुश्वार हो जाएगा।
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मुख्य सड़क पर नाला लोगों ने पाट लिया है। जिससे अस्पताल परिसर के पानी का बहाव नहीं हो पा रहा है। जिला प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया गया है। जब तक नाला साफ नहीं कराया जाएगा तब तक जलनिकासी सुचारु रूप से नहीं हो पाएगी। -डॉ. एएन प्रसाद, सीएमएस।
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ओपेक चिकित्सालय कैली परिसर में जलनिकासी की व्यवस्था न होने से बारिश का मौसम भारी पड़ रहा है। यहां परिसर में पानी भर गया है। जिसके निकलने का कोई जरिया नहीं है। यहां दो दिनों से लोग जलभराव के संकट से जूझ रहे हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से परिसर में एकत्र पानी को पंपसेट आदि से निकलवाने के लिए कोई इंतजाम भी नहीं किया गया। वाहनों से लोग किसी तरह अस्पताल के ओपीडी या इमरजेंसी तक पहुंच जा रहे हैं लेकिन पैदल पहुंचना कठिन हो गया है। मरीजों के साथ आए तीमारदारों का दवा एवं अन्य सामग्रियों के लिए अस्पताल से बाहर निकलना दुश्वार है। लोग पानी में घुसकर आते-जाते देखे जा रहे हैं। जलभराव के चलते अस्पताल के स्टाफ को भी आने जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। कालोनियों के सामने भी पानी भरा हुआ है। यहां लगभग दो सौ परिवार रहते हैं। परिसर में पानी भरने से बच्चों का स्कूल आना-जाना कठिन हो गया है। बाजार एवं अन्य जरूरी काम से निकली महिलाओं को कठिनाइयां उठानी पड़ रही है। कालोनी की प्रीति आर्य ने कहा कि मेडिकल कालेज स्तर का अस्पताल होने के बाद भी यहां जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। हर बार बारिश के समय हम लोग दुर्दशा झेलने को विवश रहते हैं। सुमन कन्नौजिया ने कहा कि जलभराव होने से हम लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। वाहन की व्यवस्था न हो तो पानी में घुसकर आना जाना पड़ता है। महेश पांडेय ने कहा कि वर्षों पुरानी बनी नालियां क्षतिग्रस्त हो गई है। वह घरों से निकलने वाला गंदा पानी भी नहीं बहा पा रही है। बबिता ने कहा कि भवन की दशा पहले से ही खराब है। इन दिनों बारिश के चलते दुर्दशा और बढ़ गई है। यदि पानी नहीं निकलवाया गया तो सड़ांध होगी। फिर घर के अंदर रहना भी दुश्वार हो जाएगा।
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मुख्य सड़क पर नाला लोगों ने पाट लिया है। जिससे अस्पताल परिसर के पानी का बहाव नहीं हो पा रहा है। जिला प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया गया है। जब तक नाला साफ नहीं कराया जाएगा तब तक जलनिकासी सुचारु रूप से नहीं हो पाएगी। -डॉ. एएन प्रसाद, सीएमएस।
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