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सरकार ने रवैया नहीं बदला तो राष्ट्रव्यापी अंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Oct 2017 11:56 PM IST
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दि नेशनल इण्डिपेण्डेन्ट स्कूल अलायंस (निसा) के सरकार के विरोध मे काली पट्टी बांध कर किया प्रदर्शन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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बस्ती। निजी स्कूल के संचालकों एवं शिक्षकों ने सरकार पर मनमानी का आरोप लगाकर काली पट्टी बांध शिक्षण कार्य किया। चेतावनी दी कि सरकार का रवैया नहीं बदला तो राष्ट्र व्यापी आंदोलन चलाया जाएगा।
दि नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल अलायंस (निसा) के आवाहन पर बृहस्पतिवार को प्रबंधन और शिक्षण संस्थान से जुड़े लोगों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर कर सरकार की नीतियों का विरोध किया। साथ ही शिक्षण कार्य किया। सीबीएसई बोर्ड मैनेजर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तर प्रदेश के प्रांतीय संयुक्त मंत्री अनूप खरे ने कहा कि देश में शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार लाने की दिशा में निजी स्कूलों के प्रयासों को दरकिनार नहीं किया जा सकता।
देश में शिक्षा का स्तर सुधरा है तो इसका श्रेय निजी स्कूलों को ही जाता है। बावजूद इसके उनके योगदान की अनदेखी कर जारी किया गया तुगलकी फरमान किसी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जायेगा। अभी इस दिशा में प्राथमिक स्तर के प्रयास शुरू किये गए हैं। सरकार का रवैया नहीं बदला तो विरोध का स्वरूप राष्ट्रव्यापी होगा।
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सेंट्रल स्कूल के प्रबंधक जेपी तिवारी ने कहा कि सरकार को निजी स्कूलों के प्रति अपना नजरिया बदलना होगा। तमाम सुविधायें मिलने के बावजूद जहां सरकारी स्कूलों में अभिभावक अपने पाल्यों को भेजना ही नहीं चाहते वहीं निजी स्कूलों में अभिभावकों की लाइन लगी है।
ऐसे में सरकार को खुद समझ लेना चाहिए कि गुणवत्ता के मामले में अभिभावकों को निजी स्कूलों ने ही संतुष्ट किया है। इस मौके पर एके श्रीवास्तव, दिव्या शुक्ला, दीपिका शुक्ला, शिखा मिश्रा, आबिद अरशद, केएन मिश्रा, ममता मिश्रा, रंजीता ओझा, महमूद, अमर प्रताप सिंह, रवीन्द्र शुक्ला, प्रदीप मुखर्जी, यशिका अग्रवाल, प्रतिभा त्रिपाठी, संतोष श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, सुबाष चन्द्र, राजेश गुप्ता, प्रसून पाठक, साहिल अहमद, दिलीप श्रीवास्तव, रूक्मिणी मिश्रा, वंदना उपाध्याय, श्वेता श्रीवास्तव, मौजूद रहे।
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दि नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल अलायंस (निसा) के आवाहन पर बृहस्पतिवार को प्रबंधन और शिक्षण संस्थान से जुड़े लोगों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर कर सरकार की नीतियों का विरोध किया। साथ ही शिक्षण कार्य किया। सीबीएसई बोर्ड मैनेजर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तर प्रदेश के प्रांतीय संयुक्त मंत्री अनूप खरे ने कहा कि देश में शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार लाने की दिशा में निजी स्कूलों के प्रयासों को दरकिनार नहीं किया जा सकता।
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देश में शिक्षा का स्तर सुधरा है तो इसका श्रेय निजी स्कूलों को ही जाता है। बावजूद इसके उनके योगदान की अनदेखी कर जारी किया गया तुगलकी फरमान किसी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जायेगा। अभी इस दिशा में प्राथमिक स्तर के प्रयास शुरू किये गए हैं। सरकार का रवैया नहीं बदला तो विरोध का स्वरूप राष्ट्रव्यापी होगा।
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सेंट्रल स्कूल के प्रबंधक जेपी तिवारी ने कहा कि सरकार को निजी स्कूलों के प्रति अपना नजरिया बदलना होगा। तमाम सुविधायें मिलने के बावजूद जहां सरकारी स्कूलों में अभिभावक अपने पाल्यों को भेजना ही नहीं चाहते वहीं निजी स्कूलों में अभिभावकों की लाइन लगी है।
ऐसे में सरकार को खुद समझ लेना चाहिए कि गुणवत्ता के मामले में अभिभावकों को निजी स्कूलों ने ही संतुष्ट किया है। इस मौके पर एके श्रीवास्तव, दिव्या शुक्ला, दीपिका शुक्ला, शिखा मिश्रा, आबिद अरशद, केएन मिश्रा, ममता मिश्रा, रंजीता ओझा, महमूद, अमर प्रताप सिंह, रवीन्द्र शुक्ला, प्रदीप मुखर्जी, यशिका अग्रवाल, प्रतिभा त्रिपाठी, संतोष श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, सुबाष चन्द्र, राजेश गुप्ता, प्रसून पाठक, साहिल अहमद, दिलीप श्रीवास्तव, रूक्मिणी मिश्रा, वंदना उपाध्याय, श्वेता श्रीवास्तव, मौजूद रहे।