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वाल्टरगंज चीनी मिल प्रबंधन ने गन्ने की पेराई से खड़े किए हाथ
बस्ती (ब्यूरो)
Updated Sun, 18 Feb 2018 12:47 AM IST
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बस्ती। मुंडेरवा चीनी मिल का शिलान्यास नहीं हुआ, बस्ती मिल के कलपुर्जों की नीलामी चल रही है और इस बीच अब वाल्टरंगज मिल प्रबंधन ने नो-केन बताकर गन्ना पेराई से ही हाथ खड़ा कर दिया है। जिला प्रशासन को लिखित सूचना देकर मिल प्रबंधन ने पेराई बंद करने की अनुमति मांगी है।
जिले के गन्ना किसानों में बेचैनी बढ़ गई है। वाल्टरंगज और रुधौली चीनी मिल से जुड़े करीब 34 हजार किसानों के सामने गन्ना बेचने की समस्या पैदा हो गई है। इन दोनों मिलों पर पिछले पेराई सत्र का लगभग 33 करोड़ रुपये बकाया है। इनमें वाल्टरगंज चीनी प्रबंधन के खिलाफ बकाया न देने पर 26.44 करोड़ का आरसी भी जारी हो चुका है। वर्तमान पेराई सत्र में इस मिल पर 23 करोड़ बकाया हो चुका है। किसानों का कुल लगभग 50 करोड़ का बकाया है। इसी तरह रूधौली चीनी मिल पर किसानों का पिछले पेराई सत्र का 6.92 करोड़ और इस सत्र का 78 करोड़ बकाया है। इस तरह दोनों पेराई सत्र के बकाए की रकम लगभग 91 करोड़ तक पहुंच गई है।
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जिले के गन्ना किसानों में बेचैनी बढ़ गई है। वाल्टरंगज और रुधौली चीनी मिल से जुड़े करीब 34 हजार किसानों के सामने गन्ना बेचने की समस्या पैदा हो गई है। इन दोनों मिलों पर पिछले पेराई सत्र का लगभग 33 करोड़ रुपये बकाया है। इनमें वाल्टरगंज चीनी प्रबंधन के खिलाफ बकाया न देने पर 26.44 करोड़ का आरसी भी जारी हो चुका है। वर्तमान पेराई सत्र में इस मिल पर 23 करोड़ बकाया हो चुका है। किसानों का कुल लगभग 50 करोड़ का बकाया है। इसी तरह रूधौली चीनी मिल पर किसानों का पिछले पेराई सत्र का 6.92 करोड़ और इस सत्र का 78 करोड़ बकाया है। इस तरह दोनों पेराई सत्र के बकाए की रकम लगभग 91 करोड़ तक पहुंच गई है।
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