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ओपेक चिकित्सालय कैली में तीन साल से एमआरआई मशीन का इंतजार

Sun, 11 Jul 2021 11:03 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jul 2021 11:03 PM IST
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Waiting for MRI machine in OPEC Hospital Cali for three years
ओपेक चिकित्सालय कैली में तीन साल से एमआरआई मशीन का इंतजार
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बस्ती। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली में तीन साल से एमआरआई मशीन का इंतजार किया जा रहा है।
इस अस्पताल में 2018 में ही एमआरआई मिलनी थी। इस नाते यहां करोड़ों रुपये खर्च कर भवन निर्माण कराया गया, मगर तीन साल बाद भी एमआरआई मशीन नहीं मिल सकी। यही नहीं, इस संसाधन के संचालन की व्यवस्था पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन की उपेक्षा भारी पड़ गई। नतीजतन पीपीपी माडल से संचालित होने वाले इस अत्याधुनिक संसाधन के लिए अब तक कोई संस्था तक कॉलेज प्रशासन तय नहीं कर सका है। नतीजतन रख रखाव के अभाव में भवन धीरे-धीरे जर्जर हो रहा है।
जिले में 2018 में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को हरी झंडी मिली और यह कॉलेज बनकर तैयार हो गया। 2019 से यह संचालित भी किया जा रहा है। अभी दो साल से संचालित मेडिकल कॉलेज ने ओपेक चिकित्सालय कैली को ओपीडी तथा अन्य चिकित्सा सेवा के लिए संबद्ध कर लिया है। संबद्धीकरण के बाद यह तय हुआ था कि यहां विभिन्न उपकरण जो बंद हैं, उन्हें पीपीपी मॉडल पर संचालित किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत कैली में डायलिसिस संचालित किया जा रहा है। पूर्ण रूप से सफल इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पीपीपी माडल से एमआरआई लगवाकर उसे संचालित करने की योजना बनाई। करोड़ों रुपये के भवन बनाकर 2018 में ही तैयार कर दिए गए, मगर तीन वर्ष बाद भी यहां मशीन स्थापित नहीं हो सकी। यही नहीं, कॉलेज प्रशासन पीपीपी मॉडल के लिए कोई संस्था भी नहीं खोज पाया है। नतीजतन कागजों में स्थापना रह गई है। भवन जर्जर हो रहा है, मगर करोड़ों रुपये व्यय होने के बाद परिणाम शून्य है।
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मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. जीएम शुक्ल ने कहा कि एमआरआई की जरूरत तो यहां है, मगर यह क्यों स्थापित नहीं हो रहा है। यह संज्ञान में नहीं है। वैसे प्रभारी सीएमएस के चार्ज पर रहने के दौरान इसके लिए कई पत्र भेजा गया था। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि एमआरआई मशीन की स्थापना का प्रस्ताव मेडिकल एजूकेशन को भेजा गया है। उनकी स्वीकृति के बाद ही कुछ हो सकेगा। प्रयास है कि इस पर जल्द से जल्द काम शुरू हो जाए। चूंकि मेडिकल एजूकेशन ही भवन व मशीन स्थापना की स्वीकृति देगा, ऐसे में तीन साल पहले बनाए गए भवन के लिए भी उनसे स्वीकृति मांगी गई है।
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