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Basti News: नगर पालिका परिसर में धूल फांक रहे वाहन...करोड़ों की मशीनें बनीं कबाड़
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नगर पालिका परिषद बस्ती कार्यालय परिसर में कबाड़ हो रहे करोड़ों के वाहन संवाद
बस्ती। शहर में चलाए जा रहे स्वच्छ भारत मिशन अभियान (एसबीएम) का सपना नगर पालिका में अधूरा होता हुआ दिखाई दे रहा है। इसका मुख्य कारण, नगर पालिका की ढिलाई है।
यह चिंता का विषय है, क्योंकि शहर में सफाई करने वाले करोड़ों रुपये के संसाधन नपा बेड़े में सड़ रहे और मशीनें कबाड़ बन चुकी हैं। मगर इस ओर प्रशासन का ध्यान नहीं है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, नगर पालिका बस्ती की ओर से 2017 और 2020 में सफाई से संबंधित संसाधन एसबीएम योजना के तहत छोटे-बड़े करीब 50 से अधिक वाहन मंगवाए गए थे। रख-रखाव और मामूली खराबी ठीक न करने पर ये बाहर आज कबाड़ होकर नगर पालिका परिसर के एक कोने में धूल फांकते-फांकते कबाड़ हो चुके हैं। नपा की ओर से अभी तक इनका नंबर परिवहन विभाग में सरेंडर नहीं किया गया है। इससे नपा के बेड़े में वाहनों की संख्या तो दिख रही है, मगर सफाई कार्य के लिए समय से वाहन नहीं मिलते और इससे संकट गहराया हुआ है।
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जानकारों ने बताया कि नए वाहन की खरीदारी के लिए ऐसे वाहन जो जुगाड़ पर चल रहे उन्हें साइडलाइन करके कंडम घोषित करके इंडेंड कर नया वाहन मंगवा ले रहे हैं, मगर कबाड़ हो चुके अधिकांश वाहनों के नंबर सरेंडर तक नहीं किए गए हैं। सूत्र बताते हैं कि जब तक पुराने वाहनों का नंबर सरेंडर कर संख्या कम नहीं करेंगे, नया वाहन के लिए खरीद मुश्किल जैसा होता है।
सूत्रों के अनुसार, कबाड़ हुए 25 से अधिक ऑटो का समय से मेंटेनेंस नहीं हुआ। इसी प्रकार टैक्टर-ट्राली पांच, जेसीबी पांच, पोकलेन छोटा दो, डंपर एक परिसर में खराब होकर खड़े हैं। वहीं जो सड़क पर चल रहे हैं उसकी भी दशा खराब है। बैट्री तक नहीं है, कभी-कभी ट्रैक्टर को धक्का मारकर स्टार्ट करना पड़ता है। तीन जेसीबी में एक खराब है, वहीं एक कोइलपुरा एमआरएफ सेंटर में होने के चलते परेशानी भी हो रही है।
वर्तमान में 52 वाहन-संसाधन हैं चालू : नगर पालिका में सफाई व्यवस्था के लिए 30 टैंपों, ट्रैक्टर-ट्राली सात, दो डंपर, तीन पोकलेन मशीन, तीन जेसीबी चालू हालत में है। तीन ट्रक भी चल रहे हैं। टेली हैंडलर एक, एक स्काई लैडर, एक हाइवा खराब है, एक कंपैक्टर चालू हालत में है, दो खराब है। बताते हैं कि वाहन यदि खराब हुआ तो दोबारा मरम्मत करके उसे सड़क पर उतारने की जहमत नहीं पाल रहे हैं, इसके पीछे कई खेल बता रहे हैं।
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यह चिंता का विषय है, क्योंकि शहर में सफाई करने वाले करोड़ों रुपये के संसाधन नपा बेड़े में सड़ रहे और मशीनें कबाड़ बन चुकी हैं। मगर इस ओर प्रशासन का ध्यान नहीं है।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार, नगर पालिका बस्ती की ओर से 2017 और 2020 में सफाई से संबंधित संसाधन एसबीएम योजना के तहत छोटे-बड़े करीब 50 से अधिक वाहन मंगवाए गए थे। रख-रखाव और मामूली खराबी ठीक न करने पर ये बाहर आज कबाड़ होकर नगर पालिका परिसर के एक कोने में धूल फांकते-फांकते कबाड़ हो चुके हैं। नपा की ओर से अभी तक इनका नंबर परिवहन विभाग में सरेंडर नहीं किया गया है। इससे नपा के बेड़े में वाहनों की संख्या तो दिख रही है, मगर सफाई कार्य के लिए समय से वाहन नहीं मिलते और इससे संकट गहराया हुआ है।
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जानकारों ने बताया कि नए वाहन की खरीदारी के लिए ऐसे वाहन जो जुगाड़ पर चल रहे उन्हें साइडलाइन करके कंडम घोषित करके इंडेंड कर नया वाहन मंगवा ले रहे हैं, मगर कबाड़ हो चुके अधिकांश वाहनों के नंबर सरेंडर तक नहीं किए गए हैं। सूत्र बताते हैं कि जब तक पुराने वाहनों का नंबर सरेंडर कर संख्या कम नहीं करेंगे, नया वाहन के लिए खरीद मुश्किल जैसा होता है।
सूत्रों के अनुसार, कबाड़ हुए 25 से अधिक ऑटो का समय से मेंटेनेंस नहीं हुआ। इसी प्रकार टैक्टर-ट्राली पांच, जेसीबी पांच, पोकलेन छोटा दो, डंपर एक परिसर में खराब होकर खड़े हैं। वहीं जो सड़क पर चल रहे हैं उसकी भी दशा खराब है। बैट्री तक नहीं है, कभी-कभी ट्रैक्टर को धक्का मारकर स्टार्ट करना पड़ता है। तीन जेसीबी में एक खराब है, वहीं एक कोइलपुरा एमआरएफ सेंटर में होने के चलते परेशानी भी हो रही है।
वर्तमान में 52 वाहन-संसाधन हैं चालू : नगर पालिका में सफाई व्यवस्था के लिए 30 टैंपों, ट्रैक्टर-ट्राली सात, दो डंपर, तीन पोकलेन मशीन, तीन जेसीबी चालू हालत में है। तीन ट्रक भी चल रहे हैं। टेली हैंडलर एक, एक स्काई लैडर, एक हाइवा खराब है, एक कंपैक्टर चालू हालत में है, दो खराब है। बताते हैं कि वाहन यदि खराब हुआ तो दोबारा मरम्मत करके उसे सड़क पर उतारने की जहमत नहीं पाल रहे हैं, इसके पीछे कई खेल बता रहे हैं।