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महंगाई के चलते किचन से दूर होने लगीं सब्जियां
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बस्ती शहर के पक्का बाजार स्थित सब्जी मंडी में लगी दुकान।
- फोटो : BASTI
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महंगाई के चलते किचन से दूर होने लगीं सब्जियां
40 रुपये किलो बिकने लगी भिंडी, टमाटर ने भी दिखा दिया रंग
बारिश के चलते बढ़ गए सब्जियों के दाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अनलॉक-दो में महंगी हुई सब्जियां लोगों के किचन से दूर होने लगी हैं। लॉकडाउन के दौरान जो भिंडी 10 से 20 रुपये किलो बिकती थीं, मौजूदा समय में 40 रुपये किलो है। टमाटर 50 रुपये किलो बिक रहा है। तरोई, सरपुतिया पहले दस रुपये किलो बिक रही थी, अब 40 रुपये किलो है।
आलू 30 रुपये किलो है। लॉकडाउन में 15 रुपये किलो बिक रहा था। हरी धनिया साब्जियों का जायका बढ़ाती है। इन दिनों 40 रुपये पाव बिक है। पहले दस रुपये पाव मिल जाती थी। शहर के रौता चौराहा की रहने वाली प्रतिमा जायसवाल कहती हैं कि सब्जियों के दाम अचानक से बढ़ गए हैं। इसके चलते कुछ सब्जियों से मुंह फेरना पड़ रहा है। सरकार को चाहिए कि महंगाई पर अंकुश लगाए। मालवीय रोड की रेनू सिंह कहती हैं कि लॉकडाउन के दौरान दस से 20 रुपये किलो भिंडी मिल रही थी। मौजूदा समय में 40 रुपये किलो बिक रही है। अचानक से टमाटर ने भी अपना रंग दिखा दिया। जो टमाटर दस रुपये किलो बिक रहा था, अब 50 रुपये किलो खरीदना पड़ रहा है। सब्जियों के बढ़े दामों को लेकर मंडी समिति के सचिव राजित राम वर्मा कहते हैं कि बारिश के मौसम में यह स्थिति उत्पन्न हो जाती है, लेकिन बारिश के बाद सब्जियों के दाम खुद ही कम हो जाते हैं। क्योंकि उपज बढ़ जाती है और मंडी में भी भरपूर मात्रा में सब्जियां पहुंचती हैं।
बारिश के चलते बढ़ गए दाम
शहर के पक्का बाजार स्थित सब्जी व्यापारी मुन्ना भाई कहते हैं कि बारिश के मौसम में सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं। खेतों में पानी भर जाता है और साब्जियां सड़ने लगती हैं। ठेले पर घूमकर सब्जी बेचने वाले विजय कहते हैं कि मंडी में सब्जियां कम आने लगती हैं। क्योंकि इस मौसम में उपज प्रभावित होती है।
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40 रुपये किलो बिकने लगी भिंडी, टमाटर ने भी दिखा दिया रंग
बारिश के चलते बढ़ गए सब्जियों के दाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अनलॉक-दो में महंगी हुई सब्जियां लोगों के किचन से दूर होने लगी हैं। लॉकडाउन के दौरान जो भिंडी 10 से 20 रुपये किलो बिकती थीं, मौजूदा समय में 40 रुपये किलो है। टमाटर 50 रुपये किलो बिक रहा है। तरोई, सरपुतिया पहले दस रुपये किलो बिक रही थी, अब 40 रुपये किलो है।
आलू 30 रुपये किलो है। लॉकडाउन में 15 रुपये किलो बिक रहा था। हरी धनिया साब्जियों का जायका बढ़ाती है। इन दिनों 40 रुपये पाव बिक है। पहले दस रुपये पाव मिल जाती थी। शहर के रौता चौराहा की रहने वाली प्रतिमा जायसवाल कहती हैं कि सब्जियों के दाम अचानक से बढ़ गए हैं। इसके चलते कुछ सब्जियों से मुंह फेरना पड़ रहा है। सरकार को चाहिए कि महंगाई पर अंकुश लगाए। मालवीय रोड की रेनू सिंह कहती हैं कि लॉकडाउन के दौरान दस से 20 रुपये किलो भिंडी मिल रही थी। मौजूदा समय में 40 रुपये किलो बिक रही है। अचानक से टमाटर ने भी अपना रंग दिखा दिया। जो टमाटर दस रुपये किलो बिक रहा था, अब 50 रुपये किलो खरीदना पड़ रहा है। सब्जियों के बढ़े दामों को लेकर मंडी समिति के सचिव राजित राम वर्मा कहते हैं कि बारिश के मौसम में यह स्थिति उत्पन्न हो जाती है, लेकिन बारिश के बाद सब्जियों के दाम खुद ही कम हो जाते हैं। क्योंकि उपज बढ़ जाती है और मंडी में भी भरपूर मात्रा में सब्जियां पहुंचती हैं।
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बारिश के चलते बढ़ गए दाम
शहर के पक्का बाजार स्थित सब्जी व्यापारी मुन्ना भाई कहते हैं कि बारिश के मौसम में सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं। खेतों में पानी भर जाता है और साब्जियां सड़ने लगती हैं। ठेले पर घूमकर सब्जी बेचने वाले विजय कहते हैं कि मंडी में सब्जियां कम आने लगती हैं। क्योंकि इस मौसम में उपज प्रभावित होती है।
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