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पहली बारिश भी नहीं झेल पाया आश्रय गृह

Mon, 13 Jul 2020 10:52 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jul 2020 10:52 PM IST
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till date the rain
आश्रय गृह की क्रेक हुई बाउंड्रीवाल की दीवार। - फोटो : BASTI
पहली बारिश भी नहीं झेल पाया आश्रय गृह
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बस्ती। निराश्रितों के लिए शहर के पचपेड़िया में लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से बनवाया गया आश्रय स्थल पहली बारिश भी नहीं झेल पाया। आलम यह है कि इसके कमरों की छत जगह-जगह से टपक रही है। वहीं, जिम्मेदार इससे बेखबर हैं।
दीन दयाल अंत्योदय योजना एनयूएलएम के तहत बने इस आश्रय गृह का उद्घाटन दिसंबर 2019 में डीएम आशुतोष निरंजन व सदर विधायक दयाराम चौधरी ने किया था। यह आश्रय गृह निराश्रितों के लिए काफी उपयोगी है। यहां कम शुल्क में दोनों वक्त का भोजन व ठहरने का इंतजाम है। लेकिन चौकाने वाली बात यह है कि इतनी रकम इस स्थल पर खर्च तो कर दिया गया, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया जिसका खामियाजा मौजूूदा समय में इसकी व्यवस्था देख रहे लोग झेल रहे हैं। दीवारों से पानी रिस रहा है, और इसकी बाउंड्रीवाल भी क्रेक कर गई है। छत पर बारिश का पानी जमा रहता है, इसे देखने से लगता है, मानों जल निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं बनाई गई है।
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आश्रय गृह के प्रबंधक राम किशोर ने बताया कि बारिश में छत टपक रही है। इसके साथ ही बाउंड्रीवाल की दीवार भी क्रेक कर गई है जिससे उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। कहते हैं कि दिसंबर 2019 से लेकर अब तक यहां लगभग चार हजार से अधिक लोग ठहर चुके हैं। यहां कुल पांच स्टाफ हैं, जिसमें एक प्रबंधक, दो केयर टेकर, एक गार्ड, एक सफाई कर्मी व एक रसोइया की तैनाती है।
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राख से बैठा दी थी शौचालय की टाइल्स
जानकर हैरानी होगी कि इस आश्रय स्थल में मौजूद सार्वजनिक शौचालय की टाइल्स पेपर मिल के राख से बैठा दी गई थी, जो मौजूदा समय में जगह-जगह से टूट रही है। टूटे टाइल्स व नीचे की राख को देखकर जब प्रबंधक से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इससे भी उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
लोगों ने बताया कि टूट गई है शौचालय की टाइल्स
आश्रय गृह में ठहरे हुए संतकबीरनगर निवासी नागेंद्र सिंह कहते हैं कि भवन की छत टपक रही है, इसके साथ ही शौचालय की टाइल्स भी टूट गई है। वहीं, आगरा के रहने वाले टिंकल व राहुल कहते हैं कि लाखों खर्च कर बनवाया गया। इस भवन की यही स्थिति रही तो धीरे-धीरे बदहाल हो जाएगा। अमेठी के रहने वाले दीपक कहते हैं कि हाल ही में बने इस भवन की स्थिति को देखकर हैरत हो रही है। जगह-जगह से पानी चू रहा है, बाउंड्रीवाल की दीवार भी क्रेक हो गई है, जो कभी भी गिर सकती है।

जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी : डूडा अधिकारी
नगरीय विकास अभिकरण डूडा के पीओ चंद्रभान वर्मा ने बताया कि आश्रय गृह का निर्माण सीएनडीएस ने कराया था, अभी इसके मेन्टेनेंस की जिम्मेदारी उनकी है। शौचालय में राख से टाइल्स बिछाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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