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Basti News: बदलते माैसम में गले में हो रहा संक्रमण, सता रहा बुखार
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जिला अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़-संवाद
बस्ती। मौसम में बदलाव और हवा की खराब गुणवत्ता के कारण नाक, कान के साथ गले के रोगियों में इजाफा हुआ है। गले में खराश के साथ बुखार चढ़ रहा है, इसके साथ ही टांसिलाइटिस के रोगी बढ़े हैं। जिला अस्पताल में समस्या लेकर रोजाना 50 से 60 रोगी पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में बृहस्पतिवार को 950 रोगियों का उपचार हुआ। अधिकतर रोगी पहले की तरह वायरल, फ्लू व त्वचा रोग के ही थे। इनके अलावा 50 मरीज नाक, कान व गला रोग के पहुंचे। जांच रिपोर्ट के आधार पर दवा दी गई। इसके साथ ही इन मरीजों को गले में खराश की वजह से बुखार व खांसी भी आ रही है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एसडी ओझा ने इन मरीजों को दवा व एहतियात बरतने की सलाह दी।
बताया कि हवा की खराब गुणवत्ता व बढ़ती ठंड से नाक, कान और गले के रोगी बढ़ रहे हैं। गले में खराश के साथ जख्म हो जा रहा है। खानपान और मौसम में लापरवाही बरतने वाले मरीजों में लक्षण अधिक दिख रहे हैं। गले में घरघराहट, तेज खांसी, बुखार, गले के टांसिल में समस्या के मरीज भी अधिक आ रहे हैं। बताया कि ठंडी खाद्य पदार्थ और ठंडा पानी पीने से नाक, कान और गले के रोगी बढ़ रहे हैं।
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चिकित्सकों का कहना है कि खानपान और मौसम के प्रति सचेत नहीं रहने वाले मरीजों में लक्षण अधिक दिख रहे हैं। खराश होने वजह से बुखार भी आ रहा है। इसके साथ ही खांसी की भी समस्या बन रही है।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में बृहस्पतिवार को 950 रोगियों का उपचार हुआ। अधिकतर रोगी पहले की तरह वायरल, फ्लू व त्वचा रोग के ही थे। इनके अलावा 50 मरीज नाक, कान व गला रोग के पहुंचे। जांच रिपोर्ट के आधार पर दवा दी गई। इसके साथ ही इन मरीजों को गले में खराश की वजह से बुखार व खांसी भी आ रही है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एसडी ओझा ने इन मरीजों को दवा व एहतियात बरतने की सलाह दी।
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बताया कि हवा की खराब गुणवत्ता व बढ़ती ठंड से नाक, कान और गले के रोगी बढ़ रहे हैं। गले में खराश के साथ जख्म हो जा रहा है। खानपान और मौसम में लापरवाही बरतने वाले मरीजों में लक्षण अधिक दिख रहे हैं। गले में घरघराहट, तेज खांसी, बुखार, गले के टांसिल में समस्या के मरीज भी अधिक आ रहे हैं। बताया कि ठंडी खाद्य पदार्थ और ठंडा पानी पीने से नाक, कान और गले के रोगी बढ़ रहे हैं।
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चिकित्सकों का कहना है कि खानपान और मौसम के प्रति सचेत नहीं रहने वाले मरीजों में लक्षण अधिक दिख रहे हैं। खराश होने वजह से बुखार भी आ रहा है। इसके साथ ही खांसी की भी समस्या बन रही है।