{"_id":"6a6270d24a34bcad5f040eaa","slug":"three-convicted-in-murder-case-get-life-imprisonment-basti-news-c-207-1-bst1001-162938-2026-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: हत्या के मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: हत्या के मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद
विज्ञापन
बस्ती। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश कुमार की अदालत ने 15 साल पुराने बहुचर्चित हत्या के मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला छावनी थाना क्षेत्र का है। एडीजीसी वेद प्रकाश पांडेय, लक्ष्मीकांत द्विवेदी तथा निजी अधिवक्ता जय गोविंद सिंह ने अदालत को बताया कि वादी श्रवण कुमार तिवारी निवासी दुल्लापुर, थाना नवाबगंज (गोंडा) ने नवंबर 2010 को छावनी थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनके पिता के मित्र राजितराम मिश्र के पुत्र अतुल कुमार मिश्र नंदिनी नगर महाविद्यालय, नवाबगंज (गोंडा) में बी-फार्मा अंतिम वर्ष के छात्र थे। वह अयोध्या के रामपैड़ी के पास अनिल दूबे के मकान में किराये पर रहते थे।
अतुल 23 नवंबर 2010 को सुबह से लापता थे। काफी तलाश के बाद भी उनका पता नहीं चलने पर 24 नवंबर 2010 की रात अयोध्या कोतवाली में अतुल के चचेरे भाई विनीत ने गुमशुदगी दर्ज कराई गई। अगले दिन विक्रमजोत कस्बे में कल्याणपुर पड़ाव गांव के पास गन्ने के खेत में शव पड़ा होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर शव की पहचान अतुल कुमार मिश्र के रूप में हुई। शव पर चाकू से किए गए वार के निशान मिले, जिससे हत्या की आशंका जताई गई।
विज्ञापन
वादी की तहरीर पर हत्या और साक्ष्य मिटाने का मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने अनिल कुमार तिवारी निवासी दुल्लापुर, थाना नवाबगंज (गोंडा) तथा राकेश कुमार मिश्र और अरुण कुमार मिश्र निवासी बड़ागांव, थाना उतरांव (तत्कालीन इलाहाबाद, वर्तमान प्रयागराज) को आरोपी बनाया। जांच में पट्टीदारी की रंजिश हत्या की वजह सामने आई।
सुनवाई के दौरान साक्ष्यों व गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने तीनों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला छावनी थाना क्षेत्र का है। एडीजीसी वेद प्रकाश पांडेय, लक्ष्मीकांत द्विवेदी तथा निजी अधिवक्ता जय गोविंद सिंह ने अदालत को बताया कि वादी श्रवण कुमार तिवारी निवासी दुल्लापुर, थाना नवाबगंज (गोंडा) ने नवंबर 2010 को छावनी थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनके पिता के मित्र राजितराम मिश्र के पुत्र अतुल कुमार मिश्र नंदिनी नगर महाविद्यालय, नवाबगंज (गोंडा) में बी-फार्मा अंतिम वर्ष के छात्र थे। वह अयोध्या के रामपैड़ी के पास अनिल दूबे के मकान में किराये पर रहते थे।
विज्ञापन
अतुल 23 नवंबर 2010 को सुबह से लापता थे। काफी तलाश के बाद भी उनका पता नहीं चलने पर 24 नवंबर 2010 की रात अयोध्या कोतवाली में अतुल के चचेरे भाई विनीत ने गुमशुदगी दर्ज कराई गई। अगले दिन विक्रमजोत कस्बे में कल्याणपुर पड़ाव गांव के पास गन्ने के खेत में शव पड़ा होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर शव की पहचान अतुल कुमार मिश्र के रूप में हुई। शव पर चाकू से किए गए वार के निशान मिले, जिससे हत्या की आशंका जताई गई।
विज्ञापन
वादी की तहरीर पर हत्या और साक्ष्य मिटाने का मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने अनिल कुमार तिवारी निवासी दुल्लापुर, थाना नवाबगंज (गोंडा) तथा राकेश कुमार मिश्र और अरुण कुमार मिश्र निवासी बड़ागांव, थाना उतरांव (तत्कालीन इलाहाबाद, वर्तमान प्रयागराज) को आरोपी बनाया। जांच में पट्टीदारी की रंजिश हत्या की वजह सामने आई।
सुनवाई के दौरान साक्ष्यों व गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने तीनों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।