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Basti News: नॉर्मल डिलीवरी के बहाने निकाल दी बच्चेदानी
Fri, 12 Sep 2025 02:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 12 Sep 2025 02:38 AM IST
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बस्ती। कटरा स्थित एक निजी अस्पताल में नॉर्मल प्रसव कराने के बहाने से गर्भवती की बच्चेदानी निकाल देने के मामले में दोबारा शिकायत की गई है। पीड़ित ने न्याय न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के गनेशपुर नगर पंचायत के वार्ड-10 पटेल नगर निवासी मेवालाल ने शिकायती पत्र में बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी रीता को निजी अस्पताल ले गया था। वहां नार्मल डिलीवरी का झांसा देकर बच्चेदानी निकाल दी गई। इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मेवालाल ने चेतावनी दी कि यदि न्याय न मिला तो वह पत्नी के साथ आत्मदाह के लिए बाध्य होगा।
मेवालाल ने कहा कि वह प्रसव पीड़ित पत्नी रीता को लेकर आशा कार्यकर्ता के साथ पहले महिला चिकित्सालय गए। आशा ने अल्ट्रासाउंड कराने के बाद नार्मल डिलीवरी का आश्वासन देकर कटरा स्थित मैटरनिटी सेंटर ले गई। यहां दो डॉक्टरों ने अधिक रक्तस्राव होने की बात कहकर बच्चेदानी ही निकाल दी।मेवालाल ने बताया कि पत्नी पहली बार गर्भवती थी। अब वह कभी मां नहीं बन सकती। इससे पहले भी पत्र देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। विभागीय जिम्मेदारों पर जांच में लीपापोती का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन तक अस्पताल बंद किया गया गया था। अब फिर से खोल दिया गया है।
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सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि मामला संज्ञान में है। फिर से जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के गनेशपुर नगर पंचायत के वार्ड-10 पटेल नगर निवासी मेवालाल ने शिकायती पत्र में बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी रीता को निजी अस्पताल ले गया था। वहां नार्मल डिलीवरी का झांसा देकर बच्चेदानी निकाल दी गई। इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मेवालाल ने चेतावनी दी कि यदि न्याय न मिला तो वह पत्नी के साथ आत्मदाह के लिए बाध्य होगा।
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मेवालाल ने कहा कि वह प्रसव पीड़ित पत्नी रीता को लेकर आशा कार्यकर्ता के साथ पहले महिला चिकित्सालय गए। आशा ने अल्ट्रासाउंड कराने के बाद नार्मल डिलीवरी का आश्वासन देकर कटरा स्थित मैटरनिटी सेंटर ले गई। यहां दो डॉक्टरों ने अधिक रक्तस्राव होने की बात कहकर बच्चेदानी ही निकाल दी।मेवालाल ने बताया कि पत्नी पहली बार गर्भवती थी। अब वह कभी मां नहीं बन सकती। इससे पहले भी पत्र देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। विभागीय जिम्मेदारों पर जांच में लीपापोती का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन तक अस्पताल बंद किया गया गया था। अब फिर से खोल दिया गया है।
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सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि मामला संज्ञान में है। फिर से जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।