फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   The process of dismissal of the robbery accused started

लूट के आरोपित पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू

Fri, 22 Jan 2021 11:57 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 22 Jan 2021 11:57 PM IST
विज्ञापन
The process of dismissal of the robbery accused started
लूट के आरोपित पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू
विज्ञापन

बस्ती। वर्दी पहनकर लूटपाट में लिप्त पाए गए चारों पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि पुलिस इसमें हड़बड़ी करने के मूड में नहीं दिखती।
अधिकारियों का कहना है कि पुख्ता साक्ष्य और विभागीय प्रक्रिया को पूरी करके बर्खास्त किया जाएगा। इसके लिए पूरे प्रकरण की दो स्तरीय जांच कराई जा रही है। उसके तहत चारों के खिलाफ सारे साक्ष्य और बयान संकलित किए जा रहे हैं। आईजी एके राय ने बताया कि विभागीय प्रक्रिया पूरी करते हुए चारों को बर्खास्त किया जाएगा।
विज्ञापन

असल में पुलिस कर्मियों से जुड़े मामलों में हाईकोर्ट ने त्वरित बर्खास्तगी से बचने की सलाह दी है। इसके लिए पहले विभागीय जांच करने का प्राविधान है, जिसमें आरोपित पुलिस कर्मी का पक्ष भी शामिल किया जाना होता है। एसपी हेमराज मीणा का कहना है कि एएसपी रवींद्र कुमार सिंह को विभागीय जांच सौंपी गई है। इसके साथ सीओ रुधौली शक्ति सिंह से चारों के ड्यूटी पर होने या न होने के बारे में अलग से जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है। उसमें यह तय होगा कि इनको किन परिस्थितियों में बिना अवकाश के ड्यूटी से नदारद रहने के बावजूद किसी पर्यवेक्षण अधिकारी या उच्चाधिकारी ने अपने सीनियर को रिपोर्ट नहीं किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुरानी बस्ती थाने के एक और निलंबित सिपाही आशीष भार्गव को भी गोरखपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उस पर गोरखपुर के शाहपुर में व्यापारी से हुई लूट में शामिल होने के आरोप में कार्रवाई की गई है। बृहस्पतिवार को उसे साऊंघाट ब्लॉक के कोरोना वैक्सीन कोल्डचेन ड्यूटी से नदारद रहने के कारण निलंबित किया गया था। मगर उसी रात गोरखपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

दूसरी ओर इस वारदात के बाद मौखिक अनुमति पर छुट्टी देने और ड्यूटी प्वाइंट से नदारद रहने वाले पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से सुधर जाने की नसीहत दी गई है। आईजी एके राय ने बताया कि तीनों जिले के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि इसका सख्ती से अनुपालन कराएं। सीओ को इसके लिए जवाबदेह बनाया जाए। थाने के प्रत्येक कर्मचारी की थानेदार की जवाबदेही होगी। इसमें कोई भी ढील अक्षम्य होगी। आईजी ने बताया कि आफ ड्यूटी भी कर्मचारी क्या कर रहा है, उसके सीनियर को पता होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed