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Basti News: नए शासनादेश से 322 आउटसोर्स कर्मियों का घट गया मानदेय
Mon, 20 Oct 2025 01:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 20 Oct 2025 01:42 AM IST
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बस्ती। नगर पालिका परिषद बस्ती में तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में कटौती की गई है। इससे कर्मियों को झटका लगा है। मानदेय में कटौती को लेकर कर्मचारियों और अधिकारियों का इसमें अलग-अलग तर्क हैं।
नपा बस्ती में सफाई, प्रकाश व्यवस्था, मेट, गोशाला समेत अन्य विंग में 322 कर्मचारी आउटसोर्स के तहत कार्यरत हैं। इन कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से 30 दिन का वेतन दिया जाता था, लेकिन सितंबर के मानदेय में कटौती कर दी गई है। इससे हजार से दो हजार रुपये की कटौती हुई है। कर्मचारियों ने कहा कि बढ़ने के बजाय पालिका मानदेय पर कैंची चला दी है। इससे कर्मी आहत हैं। कर्मचारियों ने कहा कि यदि तकनीकी खामियां थीं तो पूर्व में ही सुधारा जा सकता था, अब इसमें कटौती करके हक छीना जा रहा है। वहीं, नगर पालिका के ईओ अंगद गुप्ता का कहना है कि पूर्व में आउटसोर्स कर्मचारियों के मद में जो भुगतान किया जाता था, वह 366 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 30 दिन के लिए था, जबकि शासनादेश में 26 दिन का ही मानदेय देने का प्रावधान किया गया था। उसके विपरीत यहां भुगतान हो रहा था, जिसको सुधारा गया। अब, नए सिरे से शासनादेश के तहत 423 रुपये की दर से 26 दिन का मानदेय दिया जा रहा है। त्रुटि को सुधारा गया है। यह आदेश पूरे प्रदेश और नगर पंचायतों में भी लागू है।
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नपा बस्ती में सफाई, प्रकाश व्यवस्था, मेट, गोशाला समेत अन्य विंग में 322 कर्मचारी आउटसोर्स के तहत कार्यरत हैं। इन कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से 30 दिन का वेतन दिया जाता था, लेकिन सितंबर के मानदेय में कटौती कर दी गई है। इससे हजार से दो हजार रुपये की कटौती हुई है। कर्मचारियों ने कहा कि बढ़ने के बजाय पालिका मानदेय पर कैंची चला दी है। इससे कर्मी आहत हैं। कर्मचारियों ने कहा कि यदि तकनीकी खामियां थीं तो पूर्व में ही सुधारा जा सकता था, अब इसमें कटौती करके हक छीना जा रहा है। वहीं, नगर पालिका के ईओ अंगद गुप्ता का कहना है कि पूर्व में आउटसोर्स कर्मचारियों के मद में जो भुगतान किया जाता था, वह 366 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 30 दिन के लिए था, जबकि शासनादेश में 26 दिन का ही मानदेय देने का प्रावधान किया गया था। उसके विपरीत यहां भुगतान हो रहा था, जिसको सुधारा गया। अब, नए सिरे से शासनादेश के तहत 423 रुपये की दर से 26 दिन का मानदेय दिया जा रहा है। त्रुटि को सुधारा गया है। यह आदेश पूरे प्रदेश और नगर पंचायतों में भी लागू है।
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