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Basti News: विभाग मेहरबान...एक लाइसेंस पर चल रहे दो-दो अस्पताल
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बस्ती। जिले में पंजीकृत अस्पतालों की संख्या 190 के आसपास हैं। इसके अलावा जितने भी अस्पताल संचालित हाे रहे हैं, वह सभी अवैध हैं। जानकारों का कहना है कि अवैध रूप से संचालित अस्पतालों में ज्यादातर अप्रशिक्षित मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
इनके गलत इलाज की वजह से आए दिन किसी न किसी की जान जा रही है। विभाग की मेहरबानी का आलम यह है कि एक ही लाइसेंस पर दो-दो अस्पताल संचालित हो रहे हैं, जहां मरीज छले जा रहे हैं।
बता दें कि मालवीय रोड ब्रह्माण महासभा के पास हो या फिर फौव्वारा तिराहा के पास कृषि विभाग गली की। यहां संचालित अस्पताल का नाम और लाइसेंस एक है, पर अस्पताल दो-दो उसी नाम से चल रहे हैं।
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यहां बकायदा भर्ती की सुविधा दी जा रही है। हाल ही में शिकायत में मामला उजागर हुआ, लेकिन विभागीय अधिकारियों की मेहरबानी से कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही नाम पर लाइसेंस लेकर दो-दो जगहों पर ओपीडी और भर्ती समेत अन्य आईपीडी कार्य हो रहा है।
इसी तरह सोनूपार रोड, कैली रोड, पचपेड़िया, जिला महिला अस्पताल गली समेत अन्य गली-मोहल्ले में अवैध अस्पताल संचालित हो रहे हैं। यहां अल्ट्रासाउंड से लेकर ब्लड जांच और ओपीडी करके मरीजों को ठग रहे हैं। इसमें कथित दलाल मददगार बने हुए हैं।
बता दें कि इस बार पंजीकरण के लिए करीब 300 आवेदन निजी अस्पतालों के आए थे, जिसमें से सिर्फ 190 का पंजीकरण हो पाया है। शेष पर अभी निर्णय लिया जाना बाकी है। नोडल अधिकारी का कहना है कि पोर्टल पर जो आवेदन प्राप्त हुए थे, उसके अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
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इनके गलत इलाज की वजह से आए दिन किसी न किसी की जान जा रही है। विभाग की मेहरबानी का आलम यह है कि एक ही लाइसेंस पर दो-दो अस्पताल संचालित हो रहे हैं, जहां मरीज छले जा रहे हैं।
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बता दें कि मालवीय रोड ब्रह्माण महासभा के पास हो या फिर फौव्वारा तिराहा के पास कृषि विभाग गली की। यहां संचालित अस्पताल का नाम और लाइसेंस एक है, पर अस्पताल दो-दो उसी नाम से चल रहे हैं।
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यहां बकायदा भर्ती की सुविधा दी जा रही है। हाल ही में शिकायत में मामला उजागर हुआ, लेकिन विभागीय अधिकारियों की मेहरबानी से कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही नाम पर लाइसेंस लेकर दो-दो जगहों पर ओपीडी और भर्ती समेत अन्य आईपीडी कार्य हो रहा है।
इसी तरह सोनूपार रोड, कैली रोड, पचपेड़िया, जिला महिला अस्पताल गली समेत अन्य गली-मोहल्ले में अवैध अस्पताल संचालित हो रहे हैं। यहां अल्ट्रासाउंड से लेकर ब्लड जांच और ओपीडी करके मरीजों को ठग रहे हैं। इसमें कथित दलाल मददगार बने हुए हैं।
बता दें कि इस बार पंजीकरण के लिए करीब 300 आवेदन निजी अस्पतालों के आए थे, जिसमें से सिर्फ 190 का पंजीकरण हो पाया है। शेष पर अभी निर्णय लिया जाना बाकी है। नोडल अधिकारी का कहना है कि पोर्टल पर जो आवेदन प्राप्त हुए थे, उसके अनुसार कार्रवाई की जा रही है।