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Basti News: सुरंग से निकली थीं मधुमक्खियां भाग नहीं पाए थे दोनों मासूम
Sun, 28 Sep 2025 10:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 28 Sep 2025 10:02 AM IST
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मानपुर गांव के सुशांत की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन,जुटे गांव के लोग- संवाद
कप्तानगंज(बस्ती)। जगदीशपुर गांव स्थित आरकेडी मेमोरियल स्कूल के दो मासूमों की मधुमक्खियों के हमले से मौत के मामले ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। बताया जा रहा है कि स्कूल के पीछे जमीन में सुरंग में काली मधुमक्खियों ने बड़ा छत्ता लगाया था।
शुक्रवार को कुछ बच्चे क्लास रूम से निकलकर स्कूल के पीछे बाथरूम के लिए निकले थे। उन्हें भी सुरंग में काली मधुमक्खियों का झुंड होने का आभास नहीं था। इसी बीच मधुमक्खियों ने हमला शुरू कर दिया। कुछ बच्चे दो भाग निकले लेकिन, सुरंग के बिल्कुल नजदीक दो मासूम नहीं भाग पाए। दोनों की मौत हो गई।
इस घटना के बाद स्कूल और आसपास के लोगों में अभी भी दहशत का माहौल है। स्कूल के पीछे बने सुरंग में केमिकल कीटनाशक दवा और आग के जलाकर उन्हें भगाने का प्रयास दूसरे दिन भी होते देखा गया। मधुमक्खियां अभी सुरंग से निकली नहीं है।
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जगदीशपुर के आयर्न चौधरी (7) और हर्रैया थाना क्षेत्र के बरहपुर के सुशांत (5) की मौत के बाद उनके घरों पर सन्नाटा है। इधर, दहशत के चलते बच्चे स्कूल जाने को तैयार नहीं हैं। परिजन बोले- तत्काल होता इलाज तो बच जाती जान: परिजन विद्यालय प्रबंधन पर आक्रोश जता रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते बेहतर इलाज मिला होता तो मासूमों की जान बच जाती। सुशांत की मां सरिता ने बताया कि जिला अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से उनके बच्चे की जान गई। वह जिला अस्पताल में अपने बेटे की जान बचाने के लिए डॉक्टरों से विनती करती रही लेकिन कोई नहीं सुना। जबकि आर्यन के पिता इंद्रदेव ने बताया कि मधुमक्खियों के डंक मारने के बाद उनके बेटे के इलाज में काफी देर हो गई। इस वजह से जान चली गई।
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शुक्रवार को कुछ बच्चे क्लास रूम से निकलकर स्कूल के पीछे बाथरूम के लिए निकले थे। उन्हें भी सुरंग में काली मधुमक्खियों का झुंड होने का आभास नहीं था। इसी बीच मधुमक्खियों ने हमला शुरू कर दिया। कुछ बच्चे दो भाग निकले लेकिन, सुरंग के बिल्कुल नजदीक दो मासूम नहीं भाग पाए। दोनों की मौत हो गई।
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इस घटना के बाद स्कूल और आसपास के लोगों में अभी भी दहशत का माहौल है। स्कूल के पीछे बने सुरंग में केमिकल कीटनाशक दवा और आग के जलाकर उन्हें भगाने का प्रयास दूसरे दिन भी होते देखा गया। मधुमक्खियां अभी सुरंग से निकली नहीं है।
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जगदीशपुर के आयर्न चौधरी (7) और हर्रैया थाना क्षेत्र के बरहपुर के सुशांत (5) की मौत के बाद उनके घरों पर सन्नाटा है। इधर, दहशत के चलते बच्चे स्कूल जाने को तैयार नहीं हैं। परिजन बोले- तत्काल होता इलाज तो बच जाती जान: परिजन विद्यालय प्रबंधन पर आक्रोश जता रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते बेहतर इलाज मिला होता तो मासूमों की जान बच जाती। सुशांत की मां सरिता ने बताया कि जिला अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से उनके बच्चे की जान गई। वह जिला अस्पताल में अपने बेटे की जान बचाने के लिए डॉक्टरों से विनती करती रही लेकिन कोई नहीं सुना। जबकि आर्यन के पिता इंद्रदेव ने बताया कि मधुमक्खियों के डंक मारने के बाद उनके बेटे के इलाज में काफी देर हो गई। इस वजह से जान चली गई।

मानपुर गांव के सुशांत की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन,जुटे गांव के लोग- संवाद

मानपुर गांव के सुशांत की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन,जुटे गांव के लोग- संवाद