{"_id":"69027653843716f0ad03fd88","slug":"testimony-of-the-then-kotwal-through-video-conferencing-basti-news-c-207-1-sgkp1006-146693-2025-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: तत्कालीन कोतवाल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: तत्कालीन कोतवाल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही
Thu, 30 Oct 2025 01:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 30 Oct 2025 01:47 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम/एमपी-एमएलए के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरी की अदालत में बुधवार को चर्चित राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड के गवाह और तत्कालीन कोतवाल राजेंद्र सिंह की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई।
13 अक्तूबर को भी इनकी गवाही हुई थी, लेकिन अदालत ने अनुपस्थित चल रहे पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी की पत्रावली सहित दो अन्य मामलों में बयान दर्ज कराने के लिए रिटायर्ड इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह निवासी भस्यरा कला, थाना चौबेपुर, वाराणसी को 29 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था। उसी के अनुपालन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उनकी जिरह भी की गई। उनके वाहन की बरामदगी के बारे में विस्तार से पूछा गया।
तत्कालीन कोतवाल ने बयान में कहा कि मारुति कार व मार्शल जीप लावारिस हालत में मिली थी। न्यायालय ने शेष गवाहों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया है। इस मामले में अमर मणि त्रिपाठी, शिवम उर्फ रामयज्ञ और संदीप त्रिपाठी की पत्रावलियां काफी पहले ही मूल पत्रावली से अलग कर दी गई थीं। इनमें से संदीप त्रिपाठी की मृत्यु हो चुकी है। अदालत ने अब तक अपहृत राहुल मद्धेशिया के भाई कृष्ण मुरारी मद्धेशिया, सुपुर्दगी गवाह शिवा, पूर्व सीओ अविनाश मिश्र, गवाह संजय और शमशेर बहादुर सिंह के बयान दर्ज कर लिए हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि 6 दिसंबर 2001 की सुबह 7:45 बजे बस्ती के जयपुरवा रोडवेज तिराहा के पास धर्मराज मद्धेशिया के पुत्र स्कूली छात्र राहुल मद्धेशिया का अपहरण कर लिया गया था। इस मामले ने उस समय जिले में सनसनी फैला दी थी। बाद में एसटीएफ लखनऊ की टीम ने अपहृत राहुल को पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी के लखनऊ स्थित आवास से ढूंढ़ निकाला था। धर्मराज मद्धेशिया की तहरीर पर कोतवाली में केस दर्ज हुआ था। सुनवाई के दौरान धर्मराज मद्धेशिया का निधन हो गया।
विज्ञापन
बस्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम/एमपी-एमएलए के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरी की अदालत में बुधवार को चर्चित राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड के गवाह और तत्कालीन कोतवाल राजेंद्र सिंह की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई।
13 अक्तूबर को भी इनकी गवाही हुई थी, लेकिन अदालत ने अनुपस्थित चल रहे पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी की पत्रावली सहित दो अन्य मामलों में बयान दर्ज कराने के लिए रिटायर्ड इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह निवासी भस्यरा कला, थाना चौबेपुर, वाराणसी को 29 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था। उसी के अनुपालन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उनकी जिरह भी की गई। उनके वाहन की बरामदगी के बारे में विस्तार से पूछा गया।
विज्ञापन
तत्कालीन कोतवाल ने बयान में कहा कि मारुति कार व मार्शल जीप लावारिस हालत में मिली थी। न्यायालय ने शेष गवाहों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया है। इस मामले में अमर मणि त्रिपाठी, शिवम उर्फ रामयज्ञ और संदीप त्रिपाठी की पत्रावलियां काफी पहले ही मूल पत्रावली से अलग कर दी गई थीं। इनमें से संदीप त्रिपाठी की मृत्यु हो चुकी है। अदालत ने अब तक अपहृत राहुल मद्धेशिया के भाई कृष्ण मुरारी मद्धेशिया, सुपुर्दगी गवाह शिवा, पूर्व सीओ अविनाश मिश्र, गवाह संजय और शमशेर बहादुर सिंह के बयान दर्ज कर लिए हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि 6 दिसंबर 2001 की सुबह 7:45 बजे बस्ती के जयपुरवा रोडवेज तिराहा के पास धर्मराज मद्धेशिया के पुत्र स्कूली छात्र राहुल मद्धेशिया का अपहरण कर लिया गया था। इस मामले ने उस समय जिले में सनसनी फैला दी थी। बाद में एसटीएफ लखनऊ की टीम ने अपहृत राहुल को पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी के लखनऊ स्थित आवास से ढूंढ़ निकाला था। धर्मराज मद्धेशिया की तहरीर पर कोतवाली में केस दर्ज हुआ था। सुनवाई के दौरान धर्मराज मद्धेशिया का निधन हो गया।