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सालभर से शुद्ध पेयजल के लिए तरस रही दस हजार की आबादी
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सालभर से शुद्ध पेयजल के लिए तरस रही दस हजार की आबादी
- पाइप लाइन में रिसाव के कारण ग्रामीणों को नहीं मिल रहा पानी
- ग्राम पंचायत गोरखर में बनाया गया है ओवरहेड टैंक
सल्टौआ। क्षेत्र के ग्राम पंचायत गोरखर में करीब एक दशक पहले ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया गया था। इससे तीन ग्राम पंचायतों के करीब दस हजार की आबादी को पेयजल उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य रखा गया था। पाइप लाइन में जगह-जगह रिसाव के कारण सालभर से ग्रामीणों को पेयजल नहीं मिल रहा है।
गोरखर ओवरहेड टैंक से चौकवा, हसनापुर, रेहार जंगल, धौरपारा को पानी आपूर्ति की जाती थी। करीब साल भर से पाइप लाइन में रिसाव के कारण ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि इसका निर्माण 2012-13 में कराया गया था। तब करीब एक हजार घरों को पानी का कनेक्शन भी दिया गया था। इससे ग्रामीण प्यास बुझाते थे। ग्रामीण फूलचंद, बाबूराम, रामगनेश, फूलचंद्र राजभर, गंगाराम, विशाल आदि ने बताया कि गांव में लगे ज्यादातर नलों का पानी पीने लायक नहीं है। ओवरहेड टैंक से पानी की आपूर्ति मिलती थी वो भी सालभर से बंद है। क्षेत्र भ्रमण के दौरान जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन समाधान के नाम पर वे आश्वासन देकर चले जाते हैं। बीडीओ सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि जल निगम को पेयजल व्यवस्था ठीक कराने का निर्देश दिया गया है। जल्द ही ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिलने लगेगा।
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- पाइप लाइन में रिसाव के कारण ग्रामीणों को नहीं मिल रहा पानी
- ग्राम पंचायत गोरखर में बनाया गया है ओवरहेड टैंक
सल्टौआ। क्षेत्र के ग्राम पंचायत गोरखर में करीब एक दशक पहले ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया गया था। इससे तीन ग्राम पंचायतों के करीब दस हजार की आबादी को पेयजल उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य रखा गया था। पाइप लाइन में जगह-जगह रिसाव के कारण सालभर से ग्रामीणों को पेयजल नहीं मिल रहा है।
गोरखर ओवरहेड टैंक से चौकवा, हसनापुर, रेहार जंगल, धौरपारा को पानी आपूर्ति की जाती थी। करीब साल भर से पाइप लाइन में रिसाव के कारण ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि इसका निर्माण 2012-13 में कराया गया था। तब करीब एक हजार घरों को पानी का कनेक्शन भी दिया गया था। इससे ग्रामीण प्यास बुझाते थे। ग्रामीण फूलचंद, बाबूराम, रामगनेश, फूलचंद्र राजभर, गंगाराम, विशाल आदि ने बताया कि गांव में लगे ज्यादातर नलों का पानी पीने लायक नहीं है। ओवरहेड टैंक से पानी की आपूर्ति मिलती थी वो भी सालभर से बंद है। क्षेत्र भ्रमण के दौरान जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन समाधान के नाम पर वे आश्वासन देकर चले जाते हैं। बीडीओ सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि जल निगम को पेयजल व्यवस्था ठीक कराने का निर्देश दिया गया है। जल्द ही ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिलने लगेगा।
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