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शुगर जांच न एक्सरे की सुविधा, परेशान हो रहे मरीज
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शुगर जांच, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा नदारद
नगर बाजार (बस्ती)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवटिया बाबू में एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड की सुविधा नदारद है। यही नहीं, विशेषज्ञ चिकित्सकों के भी पद खाली हैं और खून, मल-मूत्र के अलावा शुगर जैसी सामान्य जांच के लिए भी लोगों को प्राइवेट सेंटरों का सहारा लेना पड़ता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवटिया बाबू पर 102 ग्राम पंचायतों में रहने वाली करीब दो लाख की आबादी की जिम्मेदारी है। यहां की ओपीडी में हर दिन पचास से साठ मरीज आते हैं। लेकिन, जिनका इलाज यहां तैनात दो डॉक्टर करते हैं। ऐसे में मरीजों को मिलने वाली तमाम जरूरी सेवाएं नदारद हैं। प्रसव केंद्र तो है, लेकिन स्त्रीरोग विशेषज्ञ की तैनाती ही नहीं है। यहां कार्यरत चार महिला नर्स ही प्रसव का काम देखती हैं। आपात स्थिति में वह प्रसूता को जिला महिला अस्पताल रेफर कर देती हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एकमात्र सर्जन के भरोसे चल रहा है।
मानक के अनुसार एक सीएचसी में 25 लोगों का स्टाफ होना चाहिए। इसमें सर्जन, फिजीशियन, बाल रोग विशेषज्ञ व स्त्रीरोग विशेषज्ञ व उनकी सहायता के लिए 21 पैरा मेडिकल स्टाफ होने चाहिए। दांत के डॉक्टर तो हैं, लेकिन मशीनें नहीं हैं। डॉक्टरों की तैनाती न होने से मरीजों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अव्यवस्था यहीं तक नहीं है, परिसर में लगा एक इंडिया मार्का हैंडपंप एक वर्ष से दूषित पानी दे रहा है। मजबूरी में लोग उसी का पानी पी रहे हैं। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी मरवटिया बाबू के डॉ. विवेक विश्वास ने बताया कि डॉक्टरों की कमी की वजह से मेडिको लीगल व अन्य मरीजों का उपचार करने में काफी समस्या होती है। इसकी लिखित सूचना सीएमओ को दी गई है। लेकिन, अभी तक चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो पाई है।
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न एक्स-रे न जांच, सिर्फ दवा मिली
सीएचसी में ओपीडी के बाहर मिलीं 60 वर्षीय गनपता देवी ने बताया की कमर से लेकर पैर तक कई दिनों से बहुत दर्द है। डॉक्टर को दिखाया। न एक्सरे और न कोई जांच। सिर्फ दवा लेकर जा रहे हैं।
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बाहर से कराएंगे एक्स-रे जांच
वाल्टरगंज निवासी श्याम नारायण ने बताया कि कई दिनों से शरीर में दर्द है। डॉक्टर एक्सरे की जरूरत बताई है। लेकिन, पता चला कि अस्पताल में एक्स-रे की सुविधा नहीं है। अब बाहर से एक्स-रे कराना पड़ेगा।
अल्ट्रासाउंड को जाना पड़ेगा बस्ती
नगर बाजार निवासी परवीन फातमा ने बताया कि हफ्तों से पेट में दर्द है। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवटिया बाबू में आई। यहां पता चला कि अल्ट्रासाउंड कराने की व्यवस्था नहीं है। अब मजबूरी में बस्ती शहर जाकर जांच करानी पड़ेगी।
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नगर बाजार (बस्ती)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवटिया बाबू में एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड की सुविधा नदारद है। यही नहीं, विशेषज्ञ चिकित्सकों के भी पद खाली हैं और खून, मल-मूत्र के अलावा शुगर जैसी सामान्य जांच के लिए भी लोगों को प्राइवेट सेंटरों का सहारा लेना पड़ता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवटिया बाबू पर 102 ग्राम पंचायतों में रहने वाली करीब दो लाख की आबादी की जिम्मेदारी है। यहां की ओपीडी में हर दिन पचास से साठ मरीज आते हैं। लेकिन, जिनका इलाज यहां तैनात दो डॉक्टर करते हैं। ऐसे में मरीजों को मिलने वाली तमाम जरूरी सेवाएं नदारद हैं। प्रसव केंद्र तो है, लेकिन स्त्रीरोग विशेषज्ञ की तैनाती ही नहीं है। यहां कार्यरत चार महिला नर्स ही प्रसव का काम देखती हैं। आपात स्थिति में वह प्रसूता को जिला महिला अस्पताल रेफर कर देती हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एकमात्र सर्जन के भरोसे चल रहा है।
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मानक के अनुसार एक सीएचसी में 25 लोगों का स्टाफ होना चाहिए। इसमें सर्जन, फिजीशियन, बाल रोग विशेषज्ञ व स्त्रीरोग विशेषज्ञ व उनकी सहायता के लिए 21 पैरा मेडिकल स्टाफ होने चाहिए। दांत के डॉक्टर तो हैं, लेकिन मशीनें नहीं हैं। डॉक्टरों की तैनाती न होने से मरीजों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अव्यवस्था यहीं तक नहीं है, परिसर में लगा एक इंडिया मार्का हैंडपंप एक वर्ष से दूषित पानी दे रहा है। मजबूरी में लोग उसी का पानी पी रहे हैं। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी मरवटिया बाबू के डॉ. विवेक विश्वास ने बताया कि डॉक्टरों की कमी की वजह से मेडिको लीगल व अन्य मरीजों का उपचार करने में काफी समस्या होती है। इसकी लिखित सूचना सीएमओ को दी गई है। लेकिन, अभी तक चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो पाई है।
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न एक्स-रे न जांच, सिर्फ दवा मिली
सीएचसी में ओपीडी के बाहर मिलीं 60 वर्षीय गनपता देवी ने बताया की कमर से लेकर पैर तक कई दिनों से बहुत दर्द है। डॉक्टर को दिखाया। न एक्सरे और न कोई जांच। सिर्फ दवा लेकर जा रहे हैं।
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बाहर से कराएंगे एक्स-रे जांच
वाल्टरगंज निवासी श्याम नारायण ने बताया कि कई दिनों से शरीर में दर्द है। डॉक्टर एक्सरे की जरूरत बताई है। लेकिन, पता चला कि अस्पताल में एक्स-रे की सुविधा नहीं है। अब बाहर से एक्स-रे कराना पड़ेगा।
अल्ट्रासाउंड को जाना पड़ेगा बस्ती
नगर बाजार निवासी परवीन फातमा ने बताया कि हफ्तों से पेट में दर्द है। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवटिया बाबू में आई। यहां पता चला कि अल्ट्रासाउंड कराने की व्यवस्था नहीं है। अब मजबूरी में बस्ती शहर जाकर जांच करानी पड़ेगी।