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अचानक शुरू हो गई आपूर्ति, खंभे पर चढ़े संविदा लाइनमैन की मौत

Fri, 05 Aug 2022 12:48 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 05 Aug 2022 12:48 AM IST
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Sudden supply started, death of contract lineman mounted on pole
लाइनमैन रामजी। फाइल फोटो - फोटो : BASTI
अचानक शुरू हो गई आपूर्ति, खंभे पर चढ़े संविदा लाइनमैन की मौत
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बस्ती। शहर के 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र अमहट के सिविल लाइन फीडर पर किसान पीजी कॉलेज के पास लाइन में आई खराबी ठीक करने खंभे पर चढ़े संविदा कर्मी की करंट लगने से मौत हो गई। हादसा शटडाउन लेने के बाद भी अचानक विद्युत आपूर्ति शुरू होने के कारण हुआ।
घटना के बाद मुआवजे की मांग कर सहकर्मियों ने परिवार वालों के साथ शव लेकर अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। अधिशाषी अभियंता के आश्वासन पर वे शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए गए। इससे पहले मृतक की पत्नी गीता की तहरीर पर घटना के लिए जिम्मेदार विद्युत कर्मियों के विरुद्ध कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया।
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जानकारी के मुताबिक अमहट उपकेंद्र पर तैनात संविदा लाइनमैन रामजी (40) निवासी भिउरा थाना वाल्टरगंज बृहस्पतिवार को सुबह करीब छह बजकर 55 मिनट पर लाइन का फाल्ट ठीक करने शिवहर्ष किसान पीजी कॉलेज के पास पहुंचे। बताया जा रहा है कि उपकेंद्र से शटडाउन लेकर खंभे पर चढ़ गए। तार जोड़ते समय अचानक उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। जिससे रामजी करंट की चपेट में आ गए। मौके पर मौजूद उनके साथी उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सक ने रामजी को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद विभाग को मानों सांप सूंघ गया हो। विभागीय अधिकारी मौके पर जाने से कतराने लगे। इसी दौरान पहुंची पुलिस को शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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अकुशल श्रमिक थे रामजी, लाइन पर चढ़ने की होगी जांच
बस्ती। विद्युत वितरण खंड प्रथम ने रामजी के परिजनों को दिए गए पत्र में उन्हें अकुशल संविदा श्रमिक बताया है। नियमानुसार अकुशल श्रमिक बिजली लाइन पर काम नहीं कर सकते हैं। ऐसे में रामजी 11 केवी लाइन पर किसके निर्देश पर चढ़े। नियमों के विपरीत उन्हें शटडाउन कैसे दिया गया।
विद्युत वितरण खंड रामजी को अकुशल श्रमिक बता रहा है। अधिकारी उनके खंभे पर चढ़े होने की बात का दिनभर नकारते रहे। लेकिन परिजन व संविदाकर्मी रामजी के खंभे पर चढ़े होने की बात पर अड़े रहे। मुख्य अभियंता गुलाम मुस्तफा ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट में सही तथ्य उजागर हो पाएगा।

शटडाउन के समय फीडर पर लटकाया जाता है बोर्ड
विद्युत उपकेंद्र से शटडाउन लेने और देने के लिए नियम बनाए गए हैं। शटडाउन लेने वाला कर्मी ही इसे वापस करता है। संविदा कर्मचारी संघ के महामंत्री आदित्य भट्ट ने बताया कि रामजी ने 6:55 बजे उपकेंद्र से शटडाउन लिया। वे फाल्ट दुरुस्त कर ही रहे थे कि 7:01 बजे आपूर्ति शुरू कर दी गई। करंट लगने से रामजी बुरी तरह से झुलस गए और अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आदित्य बताते हैं कि शटडाउन का समय और लेने वाले कर्मी का नाम अलॉट शीट में दर्ज किया जाता है। जिस फीडर पर शटडाउन दिया गया है उसकी ट्रॉली बाहर होती है और उस पर शटडाउन का बोर्ड लगाया जाता है। ऐसे में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई, यह जांच का विषय है।
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