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ऐसा च रागाह, जिसने देश को दिए कई वीर जवान

Tue, 26 Jan 2021 12:53 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 26 Jan 2021 12:53 AM IST
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Such a raga, which gave many brave soldiers to the country
कप्तानगंज ब्लॉक क्षेत्र के बनहा स्थित चारागाह में सेना में भर्ती होने के लिए अभ्यास करते युवा। - फोटो : BASTI
ऐसा च रागाह, जिसने देश को दिए कई वीर जवान
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कप्तानगंज (बस्ती)। ‘मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।’ किसी शायर की ये पंक्तियां देश के लिए कुछ कर गुजरने की चाहत रखने वाले इन नौजवानों पर सटीक बैठती हैं। साथ ही उन लोगों के लिए सीख है, जो सीमित संसाधनों को दोष देते हैं। जानकर हैरानी होगी कि कप्तानगंज विकासखंड क्षेत्र में ऐसा चरागाह है, जिसने देश को कई वीर जवान दिए हैं।
चरागाह यानी खुला मैदान। यहां दौड़ने के लिए जमीन तो है, मगर वर्जिश के साधन नहीं। मगर क्षेत्र के नौजवानों ने यह साबित कर दिया कि संसाधन के बिना भी परिश्रम करके अपनी मंजिल को पाया जा सकता है। कप्तानगंज विकासखंड के बनहा गांव में स्थित चारागाह की छह एकड़ जमीन सेना में जाने के इच्छुक नौजवानों के अभ्यास का मुफीद स्थान बन चुका है। इस चारागाह की जमीन में पसीना बहाने वाले दो दर्जन से अधिक नौजवान पिछले तीन वर्षों के दौरान सेना और पुलिस में भर्ती हो चुके हैं। इनके जुनून का आलम ऐसा है कि कुछ नौजवान बनहा गांव में अपनी रिश्तेदारों के यहां आकर इस लिए रह रहे हैं कि ताकि वे भी यहां तैयारी कर देश की रक्षा में अपना योगदान देने के लिए सेना में भर्ती हो सकें।
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युवाओं को बनहा गांव के इस चरागाह की जमीन पर अभ्यास करने के प्रेरणास्रोत कारगिल युद्ध में शहीद बनहा गांव के श्यामलाल यादव हैं। वह यहीं दिन-रात कड़ी की मेहनत और अभ्यास से सेना में भर्ती हुए थे। क्षेत्र के नौजवानों ने कड़ी मेहनत कर इस चारागाह की जमीन को दौड़ने योग्य बनाया है। परिसर में एक बजरंग बली की छोटी मूर्ति स्थापित की गई है। सुबह-शाम दौड़ने व तैयारी करने आने वाला हर नौजवान सबसे पहले बजरंगबली को प्रणाम कर आशीर्वाद प्राप्त करता है और फिर वह दौड़ लगाना शुरू करता है।
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यहां तैयारी करने वाले नौजवान 26 जनवरी व 15 अगस्त को एक दूसरे से चंदा लगाकर ध्वजारोहण कर दौड़ प्रतियोगिता का भी आयोजन करते हैं। दौड़ प्रतियोगिता में प्रथम आने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाता है।
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