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Basti News: मेडिकल कॉलेज में हड़ताल, ठप रहीं स्वास्थ्य सेवाएं

Sat, 17 Aug 2024 03:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Sat, 17 Aug 2024 03:37 AM IST
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Strike in medical college, health services coming to a standstill
ऊधम सिंह नगर में स्टाॅफ नर्स से लूट, दरिंदगी व हत्या को लेकर आक्रोश
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- इमरजेंसी सेवा को छोड़कर ठप रहीं सभी सेवाएं, लौटे तमाम मरीज



संवाद न्यूज एजेंसी

बस्ती। उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में स्टाॅफ नर्स के साथ लूट, दरिंदगी व हत्या के विरोध में शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में स्टॉफ नर्स व डाॅक्टर धरने पर बैठ गए। इससे ओपीडी सेवाएं ठप हो गईं। मुख्य गेट पर मरीजों व तीमारदारों की भीड़ जमा हो गई। ओपीडी सेवा ठप होने से दूर-दराज से आए मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी।
स्टॉफ नर्स व डाॅक्टर पंजीकरण कक्ष के सामने हाथ में पोस्टर लेकर नारेबाजी करने लगे। एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड जांच भी बंद कर दी गई। पैथाेलॉजी विभाग में सिर्फ भर्ती मरीजों की जांच के लिए नमूना लिया गया। धरने पर बैठीं स्टॉफ नर्सों ने उत्तराखंड में नर्स व कोलकत्ता में ट्रेनी डॉक्टर को न्याय दिलाने की मांग करते हुए आरोपियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
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कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर से दरिंदगी व हत्या को लेकर 13 और 14 अगस्त को भी मेडिकल कॉलेज में हड़ताल रहा। उम्मीद थी कि शुक्रवार को चिकित्सीय व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी। मगर, उत्तराखंड के ऊधमपुर नगर में स्टाफ नर्स के साथ हुई हैवानियत के बाद शुक्रवार को भी मेडिकल कॉलेज के भीतर आक्रोश भड़क उठा।
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शुक्रवार की सुबह करीब 9 बजे तक पंजीकरण हुआ। परामर्श लिए आए कुछ मरीजों का पर्चा भी जमा हुआ। कुछ चिकित्सकों ने मरीजों को देखना शुरू किया। मेडिसिन विभाग में 12 मरीज, बाल रोग विभाग में आठ, आंख विभाग में पांच, सर्जरी में 13, चेस्ट विभाग में 14 मरीजों का इलाज हुआ। चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र ने बताया एक मरीज की हालात गंभीर होने के कारण उसका ऑपरेशन किया गया। इस दौरान हड़ताल का एलान हो गया और सभी विभाग यहां तक ओटी भी ठप कर दी गई। अचानक हड़ताल होते देख मरीज भी सकते में आ गए। हड़ताल का कारण जानने के बाद शांत हो गए। कई मरीजों को इमरजेंसी में इलाज कराते देखा गया।



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मरीजों का दर्द



पाैली से साइकिल से आए राजेश ने बताया कि हाथ सूजन की शिकायत को लेकर आए थे। हड़ताल होने से इलाज नहीं हो सका। आमा टिनिच से आईं अंजनी ने बताया कि उनकी दृष्टिबाधित मां सुनीता की अंगुली में सड़न हो गई है। उसी का इलाज के लिए आई थी। हड़ताल होने से लौटना पड़ा।



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इमरजेंसी वार्ड फुल



ओपीडी सेवाएं तीन दिन से पटरी से उतरने की वजह से इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इससे 35 बेड का वार्ड फुल हो गया। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पर्चा काटने के लिए मरीजों व तीमारदारों की संख्या अधिक रही। रजिस्ट्रेशन ऑपरेटर ने बताया कि डॉक्टर के पर्ची पर गंभीर मरीजों का पर्चा कट रहा है। वार्ड में ड्यूटी कर रहे चिकित्सक ने बताया कि हड़ताल के कारण तीसरे दिन भी गंभीर मरीजों को भर्ती कराया जा रहा है। ओपीडी सेवाएं ठप होने से मरीजों का बोझ बढ़ गया है। ओपीडी के पुराने पर्चे पर मरीजों को परामर्श दिया गया है। बोझ बढ़ने से मरीजों को वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है।


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इसलिए बढ़ा गुस्सा

धरने पर बैठीं स्टाफ नर्स अंजली शुक्ला, कैलाश चंद्र, मोहन थापा, शुभम त्रिपाठी, पूर्णिमा, अंजली, जेबा आदि ने बताया कि आए दिन महिलाओं के साथ बढ़ रही घटनाओं को लेकर सरकार से महिलाओं की सुरक्षा की सुनिश्चित हो। अस्पताल परिसर में स्टॉफ नर्सों के लिए सेफ्टी रूम की सुविधा नहीं है। नर्स के आवास में सीसीटीवी कैमरे की सुविधा नहीं होने से भय का माहौल बना रहता है। परिसर में स्ट्रीट लाइट की सुविधा नहीं होने ड्यूटी खत्म कर जाने में डर बना रहता है। आए दिन चोरी होती रहती हैं। स्टॉफ नर्सों की सुरक्षा के लिए गार्ड उपलब्ध नहीं हैं। अस्पताल परिसर और वार्ड में सीसीटीवी कैमरे निष्क्रिय हैं।
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