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Basti News: 714 विद्यालयों में ही खुल सके एसएमसी के नए खाते
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बस्ती। परिषदीय विद्यालयों में विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) के नए खाते खुलवाने की प्रक्रिया धीमी है। जिले के 2,071 परिषदीय विद्यालयों में अभी तक महज 714 विद्यालयों में ही एसएमसी के नए खाते खुल सके हैं। शेष 1,357 विद्यालयों में खाता खुलना बाकी है। शासन ने पहले 15 सितंबर तक खाते खुलवाने का निर्देश दिया था, लेकिन निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर समय सीमा बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी गई है।
सरकारी धनराशि के भुगतान की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने विद्यालयों की एसएमसी के नए खाते खुलवाने के निर्देश दिए हैं। जिले में 2,071 परिषदीय विद्यालयों के अलावा 22 पीएमश्री विद्यालय भी संचालित हैं। इन विद्यालयों की एसएमसी के भी नए खाते खोले जाने हैं।
खाते खुलवाने में हो रही देरी को देखते हुए पूर्व में ही बीएसए की ओर से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को पत्र जारी कर निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए गए थे। अब 30 सितंबर की समय सीमा नजदीक होने के कारण विभाग ने खाते खुलवाने में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
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एसएमसी खाते में आती है विभिन्न मदों की धनराशि
एसएमसी के खाते में कंपोजिट ग्रांट, खेल सामग्री, पुस्तकालय समेत विभिन्न मदों की धनराशि आती है। कंपोजिट ग्रांट से विद्यालय भवन की रंगाई-पुताई, मरम्मत और चाक-डस्टर जैसी आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की जाती है। वहीं, खेल मद की धनराशि से विद्यार्थियों के लिए खेल सामग्री खरीदी जाती है।
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एसएनए स्पर्श-2 से होगा भुगतान
सरकारी विद्यालयों में पहले पीएफएमएस के माध्यम से धनराशि का भुगतान किया जाता था। अब भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए शासन ने एसएनए स्पर्श-2 पोर्टल के माध्यम से भुगतान की नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसी व्यवस्था के तहत एसएमसी के नए खाते खुलवाए जा रहे हैं।
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कोट
सभी बीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि विद्यालयों में एसएमसी के नए खाते जल्द से जल्द खुलवाए जाएं। इसमें ढिलाई करने वाले बीईओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- विनोद त्रिपाठी, प्रभारी बीएसए
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सरकारी धनराशि के भुगतान की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने विद्यालयों की एसएमसी के नए खाते खुलवाने के निर्देश दिए हैं। जिले में 2,071 परिषदीय विद्यालयों के अलावा 22 पीएमश्री विद्यालय भी संचालित हैं। इन विद्यालयों की एसएमसी के भी नए खाते खोले जाने हैं।
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खाते खुलवाने में हो रही देरी को देखते हुए पूर्व में ही बीएसए की ओर से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को पत्र जारी कर निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए गए थे। अब 30 सितंबर की समय सीमा नजदीक होने के कारण विभाग ने खाते खुलवाने में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
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एसएमसी खाते में आती है विभिन्न मदों की धनराशि
एसएमसी के खाते में कंपोजिट ग्रांट, खेल सामग्री, पुस्तकालय समेत विभिन्न मदों की धनराशि आती है। कंपोजिट ग्रांट से विद्यालय भवन की रंगाई-पुताई, मरम्मत और चाक-डस्टर जैसी आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की जाती है। वहीं, खेल मद की धनराशि से विद्यार्थियों के लिए खेल सामग्री खरीदी जाती है।
एसएनए स्पर्श-2 से होगा भुगतान
सरकारी विद्यालयों में पहले पीएफएमएस के माध्यम से धनराशि का भुगतान किया जाता था। अब भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए शासन ने एसएनए स्पर्श-2 पोर्टल के माध्यम से भुगतान की नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसी व्यवस्था के तहत एसएमसी के नए खाते खुलवाए जा रहे हैं।
कोट
सभी बीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि विद्यालयों में एसएमसी के नए खाते जल्द से जल्द खुलवाए जाएं। इसमें ढिलाई करने वाले बीईओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- विनोद त्रिपाठी, प्रभारी बीएसए