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Basti News: हाईवे किनारे गांवों की पहचान के लिए लगेंगे साइन बोर्ड
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बस्ती। नेशनल हाईवे और राजमार्गों समेत ग्रामीण मार्गों किनारे स्थित गांवों की पहचान के लिए साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इनमें सड़क की दूरी भी प्रदर्शित होगी। इससे लंबी यात्रा कर रहे लोग आवश्यकता अनुसार गांव के आसपास स्थित ढाबा समेत अन्य प्रसाधन का उपयोग कर सकेंगे।
लखनऊ-गोरखपुर एनएच 28 हाईवे पर स्थित कई गांव मशहूर हैं। लेकिन, साइन बोर्ड हाईवे के किनारे वाले गांवों में नहीं लगे हैं। इससे यात्रा करने वाले यात्री संबंधित स्थल की खोज करने में परेशान हो जाते हैं।
साथ ही गांव से होकर गुजरी कई सड़कों पर बोर्ड नहीं लगे हैं। अब इसके लिए कप्तानगंज के विधायक कवींद्र चौधरी ने लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई की ओर से निर्मित एवं अनुरक्षित सड़कों के समीप स्थित गांव में बोर्ड लगाने को पत्र भेजा है।
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पत्र में कहा है कि गांवों की पहचान के लिए सड़कों पर मार्गदर्शक या सूचक बोर्ड (साइन बोर्ड) के न होने के कारण बाहरी आगंतुकों, वाहन चालकों, यात्रियों, और आपातकालीन सेवाओं (एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन आदि) को इन गांवों तक पहुंचने में कठिनाई होती है, विशेष रूप से रात्रि के समय या बारिश के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जिससे कई बार दुर्घटनाएं और असुविधाएं उत्पन्न होती हैं।
संकेत बोर्ड (साइन बोर्ड) न होने से उचित मार्गदर्शन नहीं मिल पाता है इससे न केवल जनसुविधा बाधित होती है, अपितु कई बार भ्रम की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। पत्र के बाद शासन के उप सचिव रिपुंजय गुप्ता ने पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है। पत्र में कहा है कि हाईवे और अन्य मार्गों पर जरूरत के हिसाब से संकेत बोर्ड लगाएं।
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लखनऊ-गोरखपुर एनएच 28 हाईवे पर स्थित कई गांव मशहूर हैं। लेकिन, साइन बोर्ड हाईवे के किनारे वाले गांवों में नहीं लगे हैं। इससे यात्रा करने वाले यात्री संबंधित स्थल की खोज करने में परेशान हो जाते हैं।
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साथ ही गांव से होकर गुजरी कई सड़कों पर बोर्ड नहीं लगे हैं। अब इसके लिए कप्तानगंज के विधायक कवींद्र चौधरी ने लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई की ओर से निर्मित एवं अनुरक्षित सड़कों के समीप स्थित गांव में बोर्ड लगाने को पत्र भेजा है।
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पत्र में कहा है कि गांवों की पहचान के लिए सड़कों पर मार्गदर्शक या सूचक बोर्ड (साइन बोर्ड) के न होने के कारण बाहरी आगंतुकों, वाहन चालकों, यात्रियों, और आपातकालीन सेवाओं (एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन आदि) को इन गांवों तक पहुंचने में कठिनाई होती है, विशेष रूप से रात्रि के समय या बारिश के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जिससे कई बार दुर्घटनाएं और असुविधाएं उत्पन्न होती हैं।
संकेत बोर्ड (साइन बोर्ड) न होने से उचित मार्गदर्शन नहीं मिल पाता है इससे न केवल जनसुविधा बाधित होती है, अपितु कई बार भ्रम की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। पत्र के बाद शासन के उप सचिव रिपुंजय गुप्ता ने पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है। पत्र में कहा है कि हाईवे और अन्य मार्गों पर जरूरत के हिसाब से संकेत बोर्ड लगाएं।