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अयोध्या से कोलकाता तक चलेंगे क्रूज और मालवाहक जहाज
Tue, 04 Jun 2019 11:45 PM IST
राकेश पांडेय
basti
basti
Published by: राकेश पांडेय
Updated Tue, 04 Jun 2019 11:45 PM IST
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बस्ती में मालवाहक जहाज के लिए सर्वे किया गया।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती/विक्रमजोत। बस्ती में बाढ़ और कटान से बर्बादी का पर्याय बन गई सरयू नदी में अब महत्वपूर्ण जलमार्ग का कार्य तेजी हो शुरू हुआ है। प्रथम चरण के तहत हाई पावर डोजर मशीनों से अयोध्या की तरफ से नदी की धारा में 600 मीटर चौड़ाई में खुदाई का कार्य हो रहा है। जिले में कलवारी के अलावा विक्रमजोत और दुबौलिया के बीच एक पोर्ट का निर्माण किया जाएगा।
भारतीय राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 40 में वाराणसी की तरह अयोध्या के गुप्तारघाट पर वाटरवेज टर्मिनल का निर्माण कार्य अप्रैल से तेज हुआ है। गुप्तारघाट से बलिया के माझी घाट तक भारतीय राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 40 को विश्व बैंक की मदद से केंद्र सरकार का जहाजरानी मंत्रालय विकसित कर रहा है। इस मार्ग से कोलकाता तक मालवाहक जहाज के साथ क्रूज जहाज भी चलेंगे। इस नए जलमार्ग से न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि ढुलाई खर्च में भी 80 फीसदी तक कमी आएगी। क्रूज जहाजों के चलने से पर्यटन विकास के साथ बस्ती के सरयू नदी के तटीय इलाकों की तस्वीर भी चमकेगी। इसमें कलवारी में टर्मिनल तथा विक्रमजोत और दुबौलिया के बीच एक पोर्ट (जल स्टेशन) का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। खर्च केंद्र सरकार व विश्व बैंक आधा आधा-आधा वहन करेंगे। लोकसभा चुनाव के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में ही अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में देश का पहला वाटरबेस टर्मिनल राष्ट्र को समर्पित किया था। ठीक उसी तर्ज पर जून 2018 में बस्ती में हुआ है। दिसंबर 2017 में अयोध्या के जीआईसी स्कूल मैदान में केंद्रीय जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने जलमार्ग का शिलान्यास किया था। अयोध्या से लेकर सरयू नदी जहां गंगा में मिलती हैं माझी घाट तक 5369.18 करोड़ की लागत से चार टर्मिनल का निर्माण किया जाएगा। जिसमें से एक बस्ती में प्रस्तावित है। इस तरह से देश की 111 नदियों को जल मार्ग के रूप में विकसित करने की योजना चल रही है।
बस्ती में खर्च होंगे एक हजार करोड़: अभियंता
परियोजना से जुडे़ सिंचाई विभाग लखनऊ के सहायक अभियंता एसपी सिंह कहते हैं कि अयोध्या के गुप्तारघाट से लेकर बलिया के मांझी घाट तक जलमार्ग को विकसित किया जा रहा है। बस्ती जनपद में लगभग एक हजार करोड़ की लागत से टर्मिनल और पोर्ट का निर्माण कार्य कराया जाना है। केंद्र की सत्ता में दूसरी बार भाजपा के आते ही भारतीय राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 40 के विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ कराया जा रहा है। बताया कि नदी के किनारे चयनित प्रमुख स्थलों को संवारा जा रहा है। मुख्य धारा व तलहटी के साथ-साथ घाटों तक पानी लाने की आधुनिक व्यवस्था की जाएगी।
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अयोध्या के बाद बस्ती में शुरू होगा काम
भारतीय राष्ट्रीय जलमार्ग परियोजना की निर्माणदायी संस्था इंडिया वाटर वेज अथॉरिटी आफ इंडिया के अवर अभियंता श्रीप्रकाश ने बताया कि अयोध्या में पोर्ट के सर्वे का काम पूरा हो गया। अयोध्या में पहला स्टेशन गुप्तारघाट में बनाया जा रहा है। जिसका 40 फीसदी कार्य हो चुका है। वहीं, इसका दूसरे पड़ाव बस्ती जनपद में नदी प्रवाह के अलावा दो प्रमुख स्थलों को विकसित करने की तैयारी की जा रही है। नदी में लगभग दोनों तरफ 600 मीटर तक चौड़ाई वाले विकसित जल मार्ग द्वारा सबसे पहले अयोध्या से पटना तक परिवहन किया जाएगा है।
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भारतीय राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 40 में वाराणसी की तरह अयोध्या के गुप्तारघाट पर वाटरवेज टर्मिनल का निर्माण कार्य अप्रैल से तेज हुआ है। गुप्तारघाट से बलिया के माझी घाट तक भारतीय राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 40 को विश्व बैंक की मदद से केंद्र सरकार का जहाजरानी मंत्रालय विकसित कर रहा है। इस मार्ग से कोलकाता तक मालवाहक जहाज के साथ क्रूज जहाज भी चलेंगे। इस नए जलमार्ग से न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि ढुलाई खर्च में भी 80 फीसदी तक कमी आएगी। क्रूज जहाजों के चलने से पर्यटन विकास के साथ बस्ती के सरयू नदी के तटीय इलाकों की तस्वीर भी चमकेगी। इसमें कलवारी में टर्मिनल तथा विक्रमजोत और दुबौलिया के बीच एक पोर्ट (जल स्टेशन) का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। खर्च केंद्र सरकार व विश्व बैंक आधा आधा-आधा वहन करेंगे। लोकसभा चुनाव के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में ही अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में देश का पहला वाटरबेस टर्मिनल राष्ट्र को समर्पित किया था। ठीक उसी तर्ज पर जून 2018 में बस्ती में हुआ है। दिसंबर 2017 में अयोध्या के जीआईसी स्कूल मैदान में केंद्रीय जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने जलमार्ग का शिलान्यास किया था। अयोध्या से लेकर सरयू नदी जहां गंगा में मिलती हैं माझी घाट तक 5369.18 करोड़ की लागत से चार टर्मिनल का निर्माण किया जाएगा। जिसमें से एक बस्ती में प्रस्तावित है। इस तरह से देश की 111 नदियों को जल मार्ग के रूप में विकसित करने की योजना चल रही है।
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बस्ती में खर्च होंगे एक हजार करोड़: अभियंता
परियोजना से जुडे़ सिंचाई विभाग लखनऊ के सहायक अभियंता एसपी सिंह कहते हैं कि अयोध्या के गुप्तारघाट से लेकर बलिया के मांझी घाट तक जलमार्ग को विकसित किया जा रहा है। बस्ती जनपद में लगभग एक हजार करोड़ की लागत से टर्मिनल और पोर्ट का निर्माण कार्य कराया जाना है। केंद्र की सत्ता में दूसरी बार भाजपा के आते ही भारतीय राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 40 के विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ कराया जा रहा है। बताया कि नदी के किनारे चयनित प्रमुख स्थलों को संवारा जा रहा है। मुख्य धारा व तलहटी के साथ-साथ घाटों तक पानी लाने की आधुनिक व्यवस्था की जाएगी।
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अयोध्या के बाद बस्ती में शुरू होगा काम
भारतीय राष्ट्रीय जलमार्ग परियोजना की निर्माणदायी संस्था इंडिया वाटर वेज अथॉरिटी आफ इंडिया के अवर अभियंता श्रीप्रकाश ने बताया कि अयोध्या में पोर्ट के सर्वे का काम पूरा हो गया। अयोध्या में पहला स्टेशन गुप्तारघाट में बनाया जा रहा है। जिसका 40 फीसदी कार्य हो चुका है। वहीं, इसका दूसरे पड़ाव बस्ती जनपद में नदी प्रवाह के अलावा दो प्रमुख स्थलों को विकसित करने की तैयारी की जा रही है। नदी में लगभग दोनों तरफ 600 मीटर तक चौड़ाई वाले विकसित जल मार्ग द्वारा सबसे पहले अयोध्या से पटना तक परिवहन किया जाएगा है।