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कागज में बेहतर चल रहा शेल्टर होम
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बस्ती के शेल्टर होम में खाली पड़े कमरे।
- फोटो : BASTI
कागज में बेहतर चल रहा है शेल्टर होम
बस्ती। निराश्रितों के लिए पंचपेड़िया में एक करोड़ 95 लाख की लागत से शेल्टर होम का निर्माण कराया गया है। 12 दिसंबर को सदर विधायक दयाराम चौधरी व डीएम आशुतोष निरंजन ने इस शेल्टर होम का शुभारंभ किया था। जानकर हैरानी होगी कि यह शेल्टर होम महज कागजों में बढ़ियां चल रहा है।
सोमवार को शेल्टर होम की पड़ताल करने पर हैरान करने वाले नजारे सामने आए। प्रबंधक संदीप कुमार गुप्ता बाहर धूप में बैठे हुए थे। केयर टेकर दुर्गेश तिवारी भीतर मौजूद थे। एक कर्मी अनीता रसोई घर में कुछ काम कर रही थीं। 75 बेड के इस शेल्टर होम में सभी कमरे खाली दिखे। पूछने पर बताया गया कि रात्रि में लोग आते हैं और सुबह अपने काम पर चले जाते हैं। भंडार गृह देखने पर वहां सिर्फ खाली बर्तन ही दिखे। राशन के बारे में पूछने पर बताया गया कि खत्म हो गया है, मंगाने के लिए भेजा गया है। रसोई कक्ष में देखने पर यहां दो प्याज, तीन टमाटर व महज छह आलू मिला। दरअसल इस शेल्टर होम में निवास करने वालों के लिए यहां भोजन, बिस्तर आदि की व्यवस्था मिलनी चाहिए। प्रबंधक के पास मौजूद रजिस्टर में दर्ज लोगों की संख्या यदि मानें तो यहां 23 दिसंबर को 15, 25 दिसंबर को 10, 26 दिसंबर को 12, 27 दिसंबर को 14, 28 दिसंबर को पांच, 29 दिसंबर को 12 लोगों की मौजूदगी दर्ज की गई है। इन लोगों की आईडी के बारे में पूछने पर प्रबंधक की ओर से संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। हां प्रबंधक ने इतना जरूर कहा कि अभी बजट नहीं मिला है, खुद के खर्च पर राशन की व्यवस्था की जा रही है।
बिना आईडी के कर दी इंट्री
इस शेल्टर होम पर 23 दिसंबर से 29 दिसंबर के बीच 88 लोगों की इंट्री की गई है। लेकिन किसी की भी आईडी नहीं जमा की गई है। जो कि संस्था की ओर से की गई बड़ी चूक है। जबकि अधिकारियों का सख्त निर्देश है कि बिना आईडी कार्ड के किसी की भी इंट्री न की जाए।
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अधिकारी की सुनिए
नगरीय विकास अभिकरण डूडा के पीओ चंद्रभान वर्मा कहते हैं कि यदि ऐसा है, तो यह गंभीर विषय है, औचक निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी।
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बस्ती। निराश्रितों के लिए पंचपेड़िया में एक करोड़ 95 लाख की लागत से शेल्टर होम का निर्माण कराया गया है। 12 दिसंबर को सदर विधायक दयाराम चौधरी व डीएम आशुतोष निरंजन ने इस शेल्टर होम का शुभारंभ किया था। जानकर हैरानी होगी कि यह शेल्टर होम महज कागजों में बढ़ियां चल रहा है।
सोमवार को शेल्टर होम की पड़ताल करने पर हैरान करने वाले नजारे सामने आए। प्रबंधक संदीप कुमार गुप्ता बाहर धूप में बैठे हुए थे। केयर टेकर दुर्गेश तिवारी भीतर मौजूद थे। एक कर्मी अनीता रसोई घर में कुछ काम कर रही थीं। 75 बेड के इस शेल्टर होम में सभी कमरे खाली दिखे। पूछने पर बताया गया कि रात्रि में लोग आते हैं और सुबह अपने काम पर चले जाते हैं। भंडार गृह देखने पर वहां सिर्फ खाली बर्तन ही दिखे। राशन के बारे में पूछने पर बताया गया कि खत्म हो गया है, मंगाने के लिए भेजा गया है। रसोई कक्ष में देखने पर यहां दो प्याज, तीन टमाटर व महज छह आलू मिला। दरअसल इस शेल्टर होम में निवास करने वालों के लिए यहां भोजन, बिस्तर आदि की व्यवस्था मिलनी चाहिए। प्रबंधक के पास मौजूद रजिस्टर में दर्ज लोगों की संख्या यदि मानें तो यहां 23 दिसंबर को 15, 25 दिसंबर को 10, 26 दिसंबर को 12, 27 दिसंबर को 14, 28 दिसंबर को पांच, 29 दिसंबर को 12 लोगों की मौजूदगी दर्ज की गई है। इन लोगों की आईडी के बारे में पूछने पर प्रबंधक की ओर से संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। हां प्रबंधक ने इतना जरूर कहा कि अभी बजट नहीं मिला है, खुद के खर्च पर राशन की व्यवस्था की जा रही है।
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बिना आईडी के कर दी इंट्री
इस शेल्टर होम पर 23 दिसंबर से 29 दिसंबर के बीच 88 लोगों की इंट्री की गई है। लेकिन किसी की भी आईडी नहीं जमा की गई है। जो कि संस्था की ओर से की गई बड़ी चूक है। जबकि अधिकारियों का सख्त निर्देश है कि बिना आईडी कार्ड के किसी की भी इंट्री न की जाए।
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अधिकारी की सुनिए
नगरीय विकास अभिकरण डूडा के पीओ चंद्रभान वर्मा कहते हैं कि यदि ऐसा है, तो यह गंभीर विषय है, औचक निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी।