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Basti News: शारदीय नवरात्र आज से... नौ दिन तक होगी देवी की उपासना

Sun, 11 Oct 2026 02:43 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 11 Oct 2026 02:43 AM IST
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Sharadiya Navratri begins today... Worship of the Goddess will continue for nine days.
मां शतचंडी काली श​क्ति पीठ मंदिर रेलवे स्टेशन पर सजी धजी देवी की मूर्तियां। संवाद - फोटो : Samvad
बस्ती। शारदीय नवरात्र रविवार से प्रारंभ हो रहा है। नौ दिनों तक देवी के नौ स्वरूप की आराधना की जाएगी। श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। घरों में तैयारी शुरू हो गई है। पूजा वाले स्थान की विधिवत सफाई की गई है। लाल चुनरी के बीच देवी के विभिन्न मुद्रा वाले चित्र सजाए गए हैं।
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शुभ मुहूर्त सुबह 6.19 बजे से 10:12 बजे के बीच पूजन स्थल पर कलश की स्थापना होगी। इसके बाद प्रकृति के प्रतीक अन्न, जल, कलश, अग्नि, सूर्य को साक्षी मानकर श्रद्धालु देवी को प्रसन्न करने के लिए नौ दिन का उपवास रखेंगे। धूप, कपूर, पुष्प, अगरबत्ती, पल्लव आदि पूजन सामग्री के साथ घर-घर मां भगवती का आह्वान किया जाएगा। श्रद्धा भाव से बच्चे, बुजुर्ग, जवान, महिला, पुरुष सभी एक साथ देवी का पूजन-अर्चन करेंगे। सामूहिक आरती गान किया जाएगा। पवित्र भाव से लोग नौ दिनों तक व्रत रहेंगे।
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पुरोहितों के अनुसार महानवमी का पर्व 19 अक्तूबर को है। इस दिन हवन पूजन किया जाएगा। दशमी तिथि 20 अक्तूबर को व्रतधारी पारायण करेंगे। मंदिरों में मूर्तियों को नए परिधान और आभूषण से सजाया गया है। देवी मंदिरों में प्रतिमाओं का मनोहारी रूप देखते बन रहा है। मंदिर के पट को फूलों की माला से सजाया गया है। मंदिर के पुजारियों का कहना है कि सुबह से ही परिसर में श्रद्धालुओं की चहल-पहल बढ़ जाएगी। इस दौरान पूरा परिसर धूप, कपूर, अगरबत्ती के सुगंध से महक उठेगा। मां दुर्गा को अटूट श्रद्धा के साथ लाल चुनरी, नारियल आदि का चढ़ावा भी चढ़ाया जाएगा।
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इन मंदिरों में जुटेगी श्रद्धालुओं की भीड़



शहर के पुरानी बस्ती रेलवे स्टेशन के निकट शतचंडी मां काली शक्ति पीठ के महंत पं. संजय शुक्ल के अनुसार पहले दिन से ही देवी भक्तों की भीड़ मंदिर में जुटने लगती है। हर वर्ष की तरह इस बार मंदिर और उसमें विराजमान देवी प्रतिमा की विधिवत सजावट की गई है। इसी तरह रौता चौराहा स्थित दुर्गा मंदिर, आवास विकास स्थित काली मंदिर, टिनिच समय माता का स्थान, बैड़वा भानपुर समय माता के मंदिर और रुधौली क्षेत्र के सरघाट देवी मंदिर की विधिवत सजावट की गई है। यहां नौ दिनों तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। देवी दर्शन के साथ लोग विभिन्न तरह के धार्मिक अनुष्ठान भी करते हैं।




ऐसे करें देवी की पूजा



पं. हरिश्चंद्र त्रिपाठी बताते हैं कि घरों में माता की चौकी स्थापित कर उस पर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं। इसके बाद कलश की स्थापना करें। मिट्टी या धातु के कलश में शुद्ध जल, सिक्का, सुपारी और अक्षत (चावल) डालें। कलश के मुख पर आम के पल्लव रखें और उसके ऊपर लाल चुनरी से लिपटा नारियल स्थापित करें। कलश में जौ के दाने बोएं। चौकी पर भगवान गणेश और मां दुर्गा की तस्वीर रखें। नौ दिनों तक सुबह स्नान करने के बाद साफ वस्त्र पहनें और पूजा स्थान पर बैठकर हाथ में जल लेकर व्रत या पूजा का संकल्प लें। माता रानी का आह्वान करने के बाद रोली, कुमकुम, हल्दी, अक्षत (चावल), लाल पुष्प और माला से देवी का शृंगार करें। उन्हें लाल या पीली चुनरी भी चढ़ाएं। धूप और घी का दीपक जलाएं। माता को ऋतुफल, मिठाई और सात्विक भोग अर्पित करें। कपूर या घी के दीपक से मां की आरती करें। नवरात्र की अष्टमी या नवमी तिथि पर 9 कन्याओं और एक लांगुर (बटुक) को आमंत्रित करें। उनके पैर धोकर उन्हें आसन पर बैठाएं, रोली-अक्षत का तिलक करें और उन्हें पूड़ी, चना व हलवे का प्रसाद तथा उपहार दें।
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