{"_id":"5e46e3e38ebc3ee5b122d8df","slug":"shahido-ko-kiya-naman-basti-news-gkp341121252","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलवामा: बरसी पर शहीदों की याद में छलकी आंखें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलवामा: बरसी पर शहीदों की याद में छलकी आंखें
विज्ञापन
बस्ती जिले में दीसीएमएस में पुलवामा में शहीद जवानों को छात्र-छात्राओं ने नमन किया।
- फोटो : BASTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलवामा हमला : शहीदों की याद में छलके आंसू
बस्ती। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले में 44 जवान शहीद हो गए थे। इस घटना के बाद पूरा देश एकजुट होकर आतंकियों के समूल नाश का आह्वान करने लगा। एक वर्ष बाद भी लोग घटना को भूल नहीं सके। शुक्रवार को जिले भर में जगह-जगह शहीदों की याद में कार्यक्रम आयोजित कर श्रद्धांजलि दी गई। शहीदों को याद कर लोगों के आंसू छलक पड़े। लोगों ने कहा कि 44 शहीदों की शहादत को देश कभी नहीं भुला सकेगा। अमर उजाला ने पुलवामा हमले पर लोगों से बातचीत की।
कोतवाली थाने में तैनात महिला आरक्षी मंजू मौर्या कहती हैं कि वह हृदय विदारक घटना कभी भी भूलाई नहीं जा सकती। उनका शहीद होना गौरव की अनुभूति कराता है। उनकी कुर्बानी युवाओं में देेशभक्ति की लौ जला गई। कहती हैं कि उन्होंने जो वर्दी पहनी है वह इस बात की प्रेरणा देता है कि वतन से बढ़कर कुछ भी नहीं। जरूरत पड़े तो जान भी दे दें। उनकी याद आज भी आंखों को नम कर देती है।
डॉ. स्वाति त्रिपाठी ने कहा कि उस घटना का दर्द आज भी दिल से महसूस किया जाता है। आतंकी घटना ने कई मां की गोद सूनी कर दी तो कई की मांग, कई बेटे अनाथ हो गए मगर फिर भी हमारे दिल में देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा भर गए पुलवामा के शहीद। उनकी बरसी पर शहादत का ऐतिहासिक दिन कभी नहीं भूलेगा। पुराना डाकखाना निवासी व पूर्व सैनिक उपेंद्र नाथ यादव की बेटी खुशी कहती हैं कि पुलवामा हमले के बारे में सोचकर सिहर जाती हूं। सैनिक सुरक्षा को लेकर सरकार को ठोस नीति बनानी चाहिए। छावनी निवासी पूर्व सैनिक समर बहादुर सिंह कहते हैं कि देश के लिए जान देने वालों का सबको सम्मान करना चाहिए। देश हर कदम पर शहीदों के परिजनों के साथ खड़ा है।
विज्ञापन
श्रद्धा पूर्वक याद किए गए शहीद
पुलवामा की पहली बरसी पर शहर के राजन डिग्री कॉलेज में छात्राओं ने शहीदों को नमन किया। छात्राओं ने घटना पर अपने विचार रखे। कहा कि पुलवामा की शहादत देश कभी नहीं भुला सकेगा। इस मौके पर प्राचार्य डॉ. संजीव पांडेय, मनीष मिश्र, प्रमोद तिवारी, पिंटू, मुरली तिवारी, रामस्वरूप यादव, विनोद चौबे, मोनिका सिंह, स्नेहलता मिश्रा, निवेदिता मिश्रा आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन
बस्ती। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले में 44 जवान शहीद हो गए थे। इस घटना के बाद पूरा देश एकजुट होकर आतंकियों के समूल नाश का आह्वान करने लगा। एक वर्ष बाद भी लोग घटना को भूल नहीं सके। शुक्रवार को जिले भर में जगह-जगह शहीदों की याद में कार्यक्रम आयोजित कर श्रद्धांजलि दी गई। शहीदों को याद कर लोगों के आंसू छलक पड़े। लोगों ने कहा कि 44 शहीदों की शहादत को देश कभी नहीं भुला सकेगा। अमर उजाला ने पुलवामा हमले पर लोगों से बातचीत की।
कोतवाली थाने में तैनात महिला आरक्षी मंजू मौर्या कहती हैं कि वह हृदय विदारक घटना कभी भी भूलाई नहीं जा सकती। उनका शहीद होना गौरव की अनुभूति कराता है। उनकी कुर्बानी युवाओं में देेशभक्ति की लौ जला गई। कहती हैं कि उन्होंने जो वर्दी पहनी है वह इस बात की प्रेरणा देता है कि वतन से बढ़कर कुछ भी नहीं। जरूरत पड़े तो जान भी दे दें। उनकी याद आज भी आंखों को नम कर देती है।
विज्ञापन
डॉ. स्वाति त्रिपाठी ने कहा कि उस घटना का दर्द आज भी दिल से महसूस किया जाता है। आतंकी घटना ने कई मां की गोद सूनी कर दी तो कई की मांग, कई बेटे अनाथ हो गए मगर फिर भी हमारे दिल में देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा भर गए पुलवामा के शहीद। उनकी बरसी पर शहादत का ऐतिहासिक दिन कभी नहीं भूलेगा। पुराना डाकखाना निवासी व पूर्व सैनिक उपेंद्र नाथ यादव की बेटी खुशी कहती हैं कि पुलवामा हमले के बारे में सोचकर सिहर जाती हूं। सैनिक सुरक्षा को लेकर सरकार को ठोस नीति बनानी चाहिए। छावनी निवासी पूर्व सैनिक समर बहादुर सिंह कहते हैं कि देश के लिए जान देने वालों का सबको सम्मान करना चाहिए। देश हर कदम पर शहीदों के परिजनों के साथ खड़ा है।
विज्ञापन
श्रद्धा पूर्वक याद किए गए शहीद
पुलवामा की पहली बरसी पर शहर के राजन डिग्री कॉलेज में छात्राओं ने शहीदों को नमन किया। छात्राओं ने घटना पर अपने विचार रखे। कहा कि पुलवामा की शहादत देश कभी नहीं भुला सकेगा। इस मौके पर प्राचार्य डॉ. संजीव पांडेय, मनीष मिश्र, प्रमोद तिवारी, पिंटू, मुरली तिवारी, रामस्वरूप यादव, विनोद चौबे, मोनिका सिंह, स्नेहलता मिश्रा, निवेदिता मिश्रा आदि मौजूद रहीं।