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Basti News: सात साल की शालिनी की धड़कनों को मिला अभयदान
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उपचार के बाद स्वस्थ महसूस कर रही है शालिनी स्रोत विभाग
बस्ती। जनपद बस्ती में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित गनेशपुर बंधुआ निवासी सात वर्षीय शालिनी को दिल के छेद के सफल ऑपरेशन से नई जिंदगी मिली है। स्वास्थ्य विभाग ने 27 दिसंबर 2025 को हरियाणा के पलवल स्थित श्री सत्य साईं अंजीवनी अंतरराष्ट्रीय हार्ट एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया था, जहां पर जांच के बाद निशुल्क सर्जरी कराई गई। इलाज पूरा होने पर वह बस्ती लौट आई है।
विभाग के अनुसार, शालिनी को जन्म से ही दिल में छेद की समस्या थी। आरबीएसके टीम की स्क्रीनिंग में रोग चिह्नित कर पहले से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। यहां बाल रोग विशेषज्ञ ने जांच कर रोग की पुष्टि करके हॉयर सेंटर रेफर किया था। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) जिला मैनेजर डॉ. अजय कुमार के मुताबिक बच्चा स्वस्थ है। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने कहा कि आरबीएसके से जन्मजात हृदय रोग समेत कई गंभीर बीमारियों का इलाज होता है। खर्च सरकार उठाती है।
अगर किसी बच्चे में जन्मजात कोई दोष है तो परिजन स्वास्थ्य केंद्र पर या कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के राकेश पांडेय ने बताया कि जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्ची को नया जीवन मिल गया है। डॉ. अजय के नेतृत्व में आरबीएसके टीम मरवटिया के डॉ. अमित पांडेय एवं उनकी टीम की ओर से स्क्रीनिंग कर पहचान करते हुए उच्चस्तरीय उपचार के लिए रेफर किया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सफल ऑपरेशन किया।
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उप मुख्य चिकित्साधिकारी एवं नोडल अधिकारी आरबीएसके डॉ. एके चौधरी ने बताया कि चालू सत्र में अब तक जनपद बस्ती के लगभग 15 बच्चों का जन्मजात हृदय रोग का सफल ऑपरेशन आरबीएसके टीमों के सहयोग से कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य समय रहते बीमारियों की पहचान कर बच्चों को स्वस्थ जीवन देना है।
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विभाग के अनुसार, शालिनी को जन्म से ही दिल में छेद की समस्या थी। आरबीएसके टीम की स्क्रीनिंग में रोग चिह्नित कर पहले से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। यहां बाल रोग विशेषज्ञ ने जांच कर रोग की पुष्टि करके हॉयर सेंटर रेफर किया था। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) जिला मैनेजर डॉ. अजय कुमार के मुताबिक बच्चा स्वस्थ है। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने कहा कि आरबीएसके से जन्मजात हृदय रोग समेत कई गंभीर बीमारियों का इलाज होता है। खर्च सरकार उठाती है।
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अगर किसी बच्चे में जन्मजात कोई दोष है तो परिजन स्वास्थ्य केंद्र पर या कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के राकेश पांडेय ने बताया कि जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्ची को नया जीवन मिल गया है। डॉ. अजय के नेतृत्व में आरबीएसके टीम मरवटिया के डॉ. अमित पांडेय एवं उनकी टीम की ओर से स्क्रीनिंग कर पहचान करते हुए उच्चस्तरीय उपचार के लिए रेफर किया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सफल ऑपरेशन किया।
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उप मुख्य चिकित्साधिकारी एवं नोडल अधिकारी आरबीएसके डॉ. एके चौधरी ने बताया कि चालू सत्र में अब तक जनपद बस्ती के लगभग 15 बच्चों का जन्मजात हृदय रोग का सफल ऑपरेशन आरबीएसके टीमों के सहयोग से कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य समय रहते बीमारियों की पहचान कर बच्चों को स्वस्थ जीवन देना है।