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ड्राइविंग लाइसेंस नियमों में बदलाव: कार्ड पर ब्लड ग्रुप दर्ज करना होगा अनिवार्य, क्या है सरकार का नया मसौदा?
Fri, 23 Oct 2026 11:30 AM IST
जागृति शुक्ला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति शुक्ला
Updated Fri, 23 Oct 2026 11:30 AM IST
सार
- ड्राइविंग लाइसेंस पर राष्ट्रीयता का उल्लेख करने का प्रस्ताव
- आयु-पते के प्रमाण से अफिडेविट हटाने की तैयारी
- जीवन बीमा पॉलिसी प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं होगी
- सत्यापित दस्तावेजों से पहचान और पते की पुष्टि होगी
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ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों में बदलाव
- फोटो : amarujala.com
विस्तार
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने या उसमें पता और दूसरी जानकारियां बदलवाने वालों के लिए नियमों में बदलाव हो सकता है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने मोटर वाहन नियमों के तहत लाइसेंस व्यवस्था में कई बदलावों का मसौदा जारी किया है। इसमें लाइसेंस पर धारक की राष्ट्रीयता दर्ज करने, भारतीय और विदेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग रंग योजना लागू करने और आयु व पते के प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल होने वाले शपथपत्र को खत्म करने का प्रस्ताव है।
मसौदे में ऑनलाइन सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल के असेसमेंट में पास होने के लिए जरूरी अंक भी बढ़ाने की बात कही गई है। अभी यह सीमा 60 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा लाइसेंस पर ब्लड ग्रुप, मोबाइल नंबर और आपातकालीन संपर्क की जानकारी अनिवार्य करने की योजना है। ध्यान देने वाली बात यह है कि ये फिलहाल प्रस्तावित बदलाव हैं। मसौदा अधिसूचना जारी होने का मतलब यह नहीं है कि सभी नए नियम तत्काल लागू हो गए हैं।
ड्राइविंग लाइसेंस पर क्या-क्या बदल सकता है?
पते, उम्र और पहचान के लिए कौन से दस्तावेज मान्य होंगे?
सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल के टेस्ट में कितने प्रतिशत अंक लाने होंगे?
आधार से ऑनलाइन सेवाएं लेने पर कुछ शुल्क माफ करने का प्रस्ताव
मसौदे में ऑनलाइन आधार ऑथेंटिकेशन के जरिये सेवाएं लेने वालों को कुछ राहत देने की बात भी कही गई है। इसमें पता, नाम और संपर्क नंबर बदलने जैसी निर्धारित ड्राइविंग लाइसेंस सेवाओं के शुल्क माफ करने का प्रस्ताव है।
इसका मकसद ऑनलाइन प्रक्रिया को आसान बनाना और लाइसेंस से जुड़ी सेवाओं के लिए आवेदन करने में लगने वाली परेशानी कम करना है।
ऑनलाइन आवेदनों पर 15 दिनों में फैसला करना होगा
कई डीएल सेवाओं के लिए एक ही आवेदन फॉर्म
मसौदे में अलग-अलग लाइसेंस सेवाओं के लिए एक समेकित आवेदन फॉर्म लाने का प्रस्ताव भी है। इसमें ड्राइविंग लाइसेंस का रीन्यूवल, डुप्लिकेट लाइसेंस जारी करना, लाइसेंस में वाहन की नई श्रेणी जोड़ना और पर्सनल डिटेल बदलना जैसी सेवाएं शामिल हैं।
जहां जानकारी उपलब्ध होगी, आवेदक के स्पेसिफाइड डिटेल सारथी पोर्टल से इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्राप्त किए जाएंगे। इससे आवेदन के दौरान जानकारी जुटाने और प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
नए प्रस्तावों का मकसद क्या है?
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मसौदे में ऑनलाइन सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल के असेसमेंट में पास होने के लिए जरूरी अंक भी बढ़ाने की बात कही गई है। अभी यह सीमा 60 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा लाइसेंस पर ब्लड ग्रुप, मोबाइल नंबर और आपातकालीन संपर्क की जानकारी अनिवार्य करने की योजना है। ध्यान देने वाली बात यह है कि ये फिलहाल प्रस्तावित बदलाव हैं। मसौदा अधिसूचना जारी होने का मतलब यह नहीं है कि सभी नए नियम तत्काल लागू हो गए हैं।
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ड्राइविंग लाइसेंस पर क्या-क्या बदल सकता है?
- मंत्रालय के प्रस्ताव के अनुसार, ड्राइविंग लाइसेंस पर धारक की राष्ट्रीयता का उल्लेख किया जाएगा। भारतीय और विदेशी नागरिकों के लाइसेंस के लिए अलग-अलग रंग योजना शुरू करने का भी प्रस्ताव है।
- लाइसेंस पर कुछ अतिरिक्त जानकारियां दर्ज करना भी जरूरी हो सकता है। जैसे की धारक का ब्लड ग्रुप, मोबाइल नंबर और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट डिटेल्स शामिल हैं। इसका मकसद लाइसेंस पर जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना है।
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- इसके साथ ही प्रस्ताव में सबसे खास बदलाव आयु और पते के प्रमाण के तौर पर शपथपत्र यानी की अफिडेविट के इस्तेमाल को समाप्त करना है। अभी तक अगर कभी कोई आवेदक सूचीबद्ध 12 दस्तावेजों में से कोई दस्तावेज पेश नहीं कर पाता, तो लाइसेंसिंग अथॉरिटी कार्यकारी मजिस्ट्रेट, न्यायिक मजिस्ट्रेट या नोटरी पब्लिक के सामने दिए गए शपथपत्र को स्वीकार कर सकती है।
- लेकिन अब नए प्रस्ताव में इस व्यवस्था को खत्म करने को कहा गया है। इसके पीछे की वजह शपथपत्राें के दुरुपयोग बताई जा रही है। मोटर वाहन लाइसेंसिंग विशेषज्ञ के मुताबिक, गलत पता और जन्म तिथि दर्ज कराने के लिए कुछ लोगों की ओर से साधारण शपथपत्रों का इस्तेमाल किए जाने के बाद इन्हें चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जा रहा है। नए प्रस्ताव के तहत आवेदकों को सत्यापित दस्तावेज देने होंगे।
- इसके अलावा, जीवन बीमा पॉलिसियों को भी आयु या पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं करने का प्रस्ताव है।
पते, उम्र और पहचान के लिए कौन से दस्तावेज मान्य होंगे?
- प्रस्ताव के अनुसार पता, आयु और पहचान के प्रमाण के लिए अलग-अलग दस्तावेजों की सूची दी गई है। जिसमें एड्रेस के प्रमाण के लिए आधार कार्ड, इलेक्टोरल फोटो आइडेंटिटी कार्ड यानी मतदाता पहचान पत्र, ई-राशन कार्ड, पिछले तीन महीनों के बिजली या गैस बिल और विदेशी नागरिकों के लिए कानूनी उपस्थिति का प्रमाण चाहिए होंगे।
- आयु के प्रमाण के लिए पासपोर्ट, स्कूल बोर्ड की मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र और सरकारी विभागों की ओर से जारी पहचान पत्र की जरूरत होगी।
- वहीं, पहचान के प्रमाण के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट, ई-राशन कार्ड और पैन कार्ड की जरूरत होगी। इस प्रस्ताव का उद्देश्य दस्तावेजों की जांच को अधिक भरोसेमंद बनाना और गलत जानकारी के आधार पर लाइसेंस हासिल करने की गुंजाइश कम करना है।
सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल के टेस्ट में कितने प्रतिशत अंक लाने होंगे?
- इन सब बदलावों के साा ही मंत्रालय ने ऑनलाइन सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल के असेसमेंट को भी सख्त करने का प्रस्ताव रखा है। फिलहाल पास होने के लिए 60 प्रतशित अंक हासिल करना जरूरी है। इसे बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने की योजना है।
- प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल कम से कम 30 मिनट का होना चाहिए। यानी ट्यूटोरियल की अवधि और असेसमेंट में पास होने की शर्त, दोनों को स्पष्ट करने की तैयारी है।
आधार से ऑनलाइन सेवाएं लेने पर कुछ शुल्क माफ करने का प्रस्ताव
मसौदे में ऑनलाइन आधार ऑथेंटिकेशन के जरिये सेवाएं लेने वालों को कुछ राहत देने की बात भी कही गई है। इसमें पता, नाम और संपर्क नंबर बदलने जैसी निर्धारित ड्राइविंग लाइसेंस सेवाओं के शुल्क माफ करने का प्रस्ताव है।
इसका मकसद ऑनलाइन प्रक्रिया को आसान बनाना और लाइसेंस से जुड़ी सेवाओं के लिए आवेदन करने में लगने वाली परेशानी कम करना है।
ऑनलाइन आवेदनों पर 15 दिनों में फैसला करना होगा
- नए मसौदे के अनुसार, लाइसेंसिंग अथॉरिटी को नाम और पता बदलने सहित ऑनलाइन आवेदनों पर 15 दिनों के भीतर मंजूरी का फैसला करना होगा। अगर आवेदन खारिज किया जाता है, तो इसकी वजह भी बतानी होगी।
- पते में बदलाव के आवेदन को लेकर एक और प्रावधान प्रस्तावित है। अगर ऐसा आवेदन 30 दिनों तक लंबित रहता है, तो उसे खुद से ही स्वीकृत माना जाएगा। इस व्यवस्था से आवेदन लंबे समय तक अटके रहने की समस्या कम करने और फैसले की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है।
कई डीएल सेवाओं के लिए एक ही आवेदन फॉर्म
मसौदे में अलग-अलग लाइसेंस सेवाओं के लिए एक समेकित आवेदन फॉर्म लाने का प्रस्ताव भी है। इसमें ड्राइविंग लाइसेंस का रीन्यूवल, डुप्लिकेट लाइसेंस जारी करना, लाइसेंस में वाहन की नई श्रेणी जोड़ना और पर्सनल डिटेल बदलना जैसी सेवाएं शामिल हैं।
जहां जानकारी उपलब्ध होगी, आवेदक के स्पेसिफाइड डिटेल सारथी पोर्टल से इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्राप्त किए जाएंगे। इससे आवेदन के दौरान जानकारी जुटाने और प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
नए प्रस्तावों का मकसद क्या है?
- जानकारों के अनुसार, मंत्रालय के मसौदे में दस्तावेजों के सत्यापन को मजबूत करने, सुरक्षित ड्राइविंग से जुड़े असेसमेंट की शर्तें सख्त करने और ऑनलाइन सेवाओं को अधिक सुविधाजनक बनाने पर जोर है। शपथपत्र और जीवन बीमा पॉलिसी को प्रमाण के तौर पर स्वीकार नहीं करने का प्रस्ताव गलत या अप्रमाणित जानकारी के इस्तेमाल पर रोक लगाने की दिशा में उठाया गया कदम है।
- वहीं, आधार ऑथेंटिकेशन से कुछ शुल्क माफ करने, ऑनलाइन आवेदनों के निपटारे की समयसीमा तय करने और एक ही फॉर्म से कई सेवाओं के लिए आवेदन की सुविधा देने का मकसद लाइसेंसिंग प्रक्रिया को अधिक सुलभ और कुशल बनाना है। फिलहाल ये बदलाव मसौदे का हिस्सा हैं। इनके लागू होने की स्थिति और अंतिम नियमों के लिए मंत्रालय की आगे की अधिसूचना देखना जरूरी हो सकता है।