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Basti News: हड़िया फ्लाईओवर का सर्विस रोड गड्ढों में तब्दील, राहगीर परेशान

Wed, 20 Dec 2023 11:43 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Wed, 20 Dec 2023 11:43 PM IST
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Service road of Hadiya flyover turns into potholes, pedestrians worried
बस्ती। अयोध्या-गोरखपुर फोरलेन जहां जगह-जगह क्षतिग्रस्त होकर राहगीरों के लिए जानलेवा बन चुका है, वहीं इस पर बने सर्विस रोड भी बने गड्ढे हादसोें का कारण बने हुए हैं। बावजूद इसके न तो टोल टैक्स में कोई राहत मिल रही है और न ही एनएचएआई बेहतर सड़क की सुविधा उपलब्ध करा पा रही है।
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वैसे तो जिले के सभी फ्लाईओवर व ओवरब्रिज के पास बने सर्विस रोड की हालत खराब हो चुकी है लेकिन सबसे बुरी स्थिति बस्ती से गोरखपुर के तरफ जाने वाले हड़िया चौराहे के सर्विस रोड की हो चुकी है। जिले के प्रमुख व्यापारिक केंद्र पुरानी बस्ती व संतकबीरनगर के मेंहदावल को जाने वाले इस सर्विस रोड पर जगह-जगह खतरनाक गड्ढे बन चुके हैं।
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यह इतने गहरे व बड़े हैं कि इन्हें पार करने में भारी वाहनों को भी दूसरे लेन से होकर गुजरना पड़ता है, जबकि इसी रास्ते से होकर अयोध्या, गोंडा, लखनऊ, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर व गोरखपुर से छोटे व भारी वाहनों का आवागमन होता है।
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इन खतरनाक गड्ढों की गहराई का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बारिश का पानी अभी तक नहीं सूख पाया है। यही हाल यहां से फ्लाईओवर पार कर मंडी परिषद जाने वाले सर्विस रोड की भी हो चुकी है। इस फ्लाईओवर को पार कर बस्ती-मेंहदावल-करमैनी व तमकुहीराज यानि कि बीएमसीटी मार्ग भी जाता है। जिससे दिन-रात आवागमन होता रहता है। लिहाजा आए दिन इन गड्ढों में फंसकर वाहन हादसे का शिकार होते रहते हैं। यही नहीं एनएचएआई के जिम्मेदारों ने इन गड्ढों से बचाव के लिए कोई संकेतक भी नहीं लगाया है।

रोजाना दो टोल प्लाजा से होती है 50 लाख की वसूली



जिले में चौकड़ी व मड़वानगर समेत दो टोल प्लाजा स्थापित हैं। इन दोनों टोल प्लाजा से रोजाना करीब 35 हजार छोटे व भारी वाहन गुजरते हैं। इनसे प्रतिदिन लगभग 50 लाख रुपए बतौर टैक्स वसूली की जाती है। इन दोनों टोल प्लाजा के बीच की दूरी भी महज 29 किमी है, जो एनएचएआई के मानकों के विपरीत है। बावजूद इसके फोरलेन पर जानलेवा गड्ढों का होना एनएचएआई के जिम्मेदारों की उदासीनता साबित करती है।


कंपनी बदलने से मरम्मत में देरी



एनएचएआई के टीम लीडर केपी सिंह ने बताया कि मरम्मत के लिए जिम्मेदार कंपनी को बदल दिया गया है। जल्द ही नई कंपनी से क्षतिग्रस्त लेन दुरुस्त करवाए जाएंगे।
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