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सरयू खतरे के निशान के करीब
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विक्रमजोत में नदी क्षेत्र इलाके में हो रही कटान से सहमें ग्रामीण।-
- फोटो : BASTI
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विक्रमजोत और दुबौलिया क्षेत्रों में हो रहा कटान
अमर उजाला ब्यूरो
विक्रमजोत/दुबौलिया। बारिश के चलते सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को नदी का जलस्तर 91.64 मीटर था। शनिवार को यह 92.00 पहुंचा और रविवार को केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के मुताबिक 92.300 मीटर हो गया। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि सोमवार शाम तक नदी का खतरे का निशान 92.730 मीटर को पार कर जाएगी।
विक्रमजोत प्रतिनिधि के मुताबिक विक्रमजोत-लोलपुर तटबंध पूरा न होने के चलते बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नदी अपने किनारों पर कटान कर रही है। घघौआ से लेकर छतौना आदि गांवों की खेती योग्य जमीन नदी अपने में मिला रही है। केशवपुर, बाघानाला, भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव के पास नदी आबादी से सटकर बह रही है। केशवपुर में नदी महज150 मीटर की दूरी पर है। बाढ़ खंड की ओर से स्परों की सुरक्षा के लिये कोई कदम अभी तक नहीं उठाया गया है। बाघानाला के पास सरयू नदी अंत्येष्टि स्थल से सट गई है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय के पास नदी तेज कटान कर रही। कमला कांत पांडेय, रामचंद्र यादव, अभिषेक शर्मा, सुशील यादव सहित तमाम स्थानीय लोगों का कहना है कि भय के कारण नींद गायब है। नदी में कुछ गिरने की आवाज आती तो दहशत में आ जाते हैं।
संवेदनशील हुआ वीडी बांध का चांदपुर तटबंध
सरयू का जलस्तर बढने से कटरिया-चांदपुर तटबंध पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। लगातार जलस्तर बढ़ने से कटरिया, खजांचीपुर, गौरा, दिलासपुरा, पारा आदि ग्राम पंचायतों के जमीनें नदी धारा की जद में आकर नदी में समा रही हैं। तटबंध से सटे खलवा गांव के सामने मरम्मत कर रहे ठोकर की नोज धारा में मिल गया है। इससे संवेदनशील तटबंध कटरिया चांदपुर पर कभी भी खतरा गहरा सकता है। कुछ जगहों पर बंधे का बेस बैठना शुरू हो गया है। पारा व मटिहा गांव के पास ठोकर व स्पर पर भी दबाव बढ़ गया है। किशुनपुर मोजपुर रिंग बांध की तरफ तेजी से सरयू की धारा बढ़ रही। सहायक अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। मैटेरियल भी पर्याप्त आ चुका है। बंधा किसी भी स्थिति में कटने नहीं पाएगा।
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बांध को कोई खतरा नहीं
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता दिनेश कुमार त्रिपाठी का कहना है कि अभी सरयू का जलस्तर नीचे है। हमारे बांध को किसी प्रकार का खतरा नहीं है। तटबंधों की सुरक्षा और आवागमन के लिए रैनकट व पिचिंग का काम अंतिम चरण में है। जहां बांध नहीं बना है उसके लिए सहायक अभियंता से निगरानी कराई जा रही है। वहीं उप जिला अधिकारी हर्रैया जगदंबा सिंह ने कहा कि कल्याणपुर और भरथापुर में तटबंध न होने से बाढ़ प्रखंड जिम्मेदारी से बच रहा है। फिर भी गांव में मौजूद पुराने ठोकरों की मरम्मत कार्य के लिए आवश्यक बजट की व्यवस्था की जा रही है। उच्चाधिकारियों से सलाह कर शीघ्र ही स्परों की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
विक्रमजोत/दुबौलिया। बारिश के चलते सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को नदी का जलस्तर 91.64 मीटर था। शनिवार को यह 92.00 पहुंचा और रविवार को केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के मुताबिक 92.300 मीटर हो गया। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि सोमवार शाम तक नदी का खतरे का निशान 92.730 मीटर को पार कर जाएगी।
विक्रमजोत प्रतिनिधि के मुताबिक विक्रमजोत-लोलपुर तटबंध पूरा न होने के चलते बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नदी अपने किनारों पर कटान कर रही है। घघौआ से लेकर छतौना आदि गांवों की खेती योग्य जमीन नदी अपने में मिला रही है। केशवपुर, बाघानाला, भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव के पास नदी आबादी से सटकर बह रही है। केशवपुर में नदी महज150 मीटर की दूरी पर है। बाढ़ खंड की ओर से स्परों की सुरक्षा के लिये कोई कदम अभी तक नहीं उठाया गया है। बाघानाला के पास सरयू नदी अंत्येष्टि स्थल से सट गई है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय के पास नदी तेज कटान कर रही। कमला कांत पांडेय, रामचंद्र यादव, अभिषेक शर्मा, सुशील यादव सहित तमाम स्थानीय लोगों का कहना है कि भय के कारण नींद गायब है। नदी में कुछ गिरने की आवाज आती तो दहशत में आ जाते हैं।
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संवेदनशील हुआ वीडी बांध का चांदपुर तटबंध
सरयू का जलस्तर बढने से कटरिया-चांदपुर तटबंध पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। लगातार जलस्तर बढ़ने से कटरिया, खजांचीपुर, गौरा, दिलासपुरा, पारा आदि ग्राम पंचायतों के जमीनें नदी धारा की जद में आकर नदी में समा रही हैं। तटबंध से सटे खलवा गांव के सामने मरम्मत कर रहे ठोकर की नोज धारा में मिल गया है। इससे संवेदनशील तटबंध कटरिया चांदपुर पर कभी भी खतरा गहरा सकता है। कुछ जगहों पर बंधे का बेस बैठना शुरू हो गया है। पारा व मटिहा गांव के पास ठोकर व स्पर पर भी दबाव बढ़ गया है। किशुनपुर मोजपुर रिंग बांध की तरफ तेजी से सरयू की धारा बढ़ रही। सहायक अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। मैटेरियल भी पर्याप्त आ चुका है। बंधा किसी भी स्थिति में कटने नहीं पाएगा।
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बांध को कोई खतरा नहीं
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता दिनेश कुमार त्रिपाठी का कहना है कि अभी सरयू का जलस्तर नीचे है। हमारे बांध को किसी प्रकार का खतरा नहीं है। तटबंधों की सुरक्षा और आवागमन के लिए रैनकट व पिचिंग का काम अंतिम चरण में है। जहां बांध नहीं बना है उसके लिए सहायक अभियंता से निगरानी कराई जा रही है। वहीं उप जिला अधिकारी हर्रैया जगदंबा सिंह ने कहा कि कल्याणपुर और भरथापुर में तटबंध न होने से बाढ़ प्रखंड जिम्मेदारी से बच रहा है। फिर भी गांव में मौजूद पुराने ठोकरों की मरम्मत कार्य के लिए आवश्यक बजट की व्यवस्था की जा रही है। उच्चाधिकारियों से सलाह कर शीघ्र ही स्परों की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।