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सरयू नहर कालोनी: जर्जर भवन में कट रही लोगों की रात
basti
Updated Wed, 12 Dec 2018 11:59 PM IST
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जर्जर भवन।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती। शहर की सरयू नहर कालोनी के वाशिंदे जैसे-तैसे जीवन गुजार रहे हैं। जिस भवन में इनकी रात कट रही है, वह बेहद जर्जर है। यह कब गिर जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। यही नहीं इस कालोनी में पेय जल भी मयस्सर नहीं है, मजबूरन लोग साधारण हैंडपंप के जल का ही प्रयोग कर रहे हैं। इससे इनमें जलजनित रोगों का भी भय है। लेकिन जिम्मेदारों की नजर इस समस्या की तरफ नहीं पड़ रही है।
वर्ष लगभग 1977 में स्थापित इस कालोनी में करीब सौ परिवार हैं। यहां मौजूद सार्वजनिक शौचालय इतने गंदे हैं कि लोग इनसे परहेज कर रहे हैं। साथ ही इनकी स्थिति गिरने जैसी है। बाउंड्रीवाल टूट जाने से कॉलोनी में चोरी का भी भय हमेशा बना रहता है। यहां मौजूद पार्क सिर्फ नाम मात्र का ही रह गया है, इसमें इतनी गंदगी है कि बच्चों ने इससे मुंह ही मोड़ लिया है। एक समय था जब इस पार्क में बच्चों की किलकारियां गूंजतीं थीं। गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने से बरसात में लोगों के घरों में पानी घुस जाता है। कॉलोनी के भीतर दाखिल होनी वाली सड़क भी बेहद जर्जर हो गई। कॉलोनी की निर्मला देवी ने बताया कि हर माह प्रत्येक घर से 1160 रुपये का किराया दिया जाता है, बावजूद इसके सुविधाएं शून्य हैं। कहती हैं कि खुद न सफाई की जाए तो गंदगी हर तरफ बिखरी रहती है। निकिता ने कहा कि कई बार समस्या को लेकर अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहती हैं कि बाउंड्रीवाल टूट जाने से चोर-उचक्कों का भी भय बना हुआ है। कालिंदी देवी कहती हैं कि कई वर्ष से भवनों की न तो रंगाई-पुताई हुई है और न ही मरम्मत कार्य। कहीं कि खिड़की, जंगले, दरवाजे सब जर्जर हाल में पहुंच गए हैं। लेकिन समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। संवारा देवी ने कहा कि कई वर्ष से वह यहीं परिवार के साथ रह रही हैं, लेकिन कोई अधिकारी कर्मचारियों व उनके परिवारों की सुध लेने नहीं आता है। कहतीं हैं कि जब हम सब किराया देते हैं तो सुविधाएं भी हमें मिलनी चाहिए।
अधिकारी की सुनिए
सरयू नहर खंड चतुर्थ के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार गौतम कहते हैं कि स्थिति संज्ञान में है, बजट के अभाव में मरम्मत कार्य नहीं हो पा रहा था। जल्द ही कालोनी का स्वरूप बदला नजर आएगा। और कर्मचारियों की समस्या दूर होगी।
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वर्ष लगभग 1977 में स्थापित इस कालोनी में करीब सौ परिवार हैं। यहां मौजूद सार्वजनिक शौचालय इतने गंदे हैं कि लोग इनसे परहेज कर रहे हैं। साथ ही इनकी स्थिति गिरने जैसी है। बाउंड्रीवाल टूट जाने से कॉलोनी में चोरी का भी भय हमेशा बना रहता है। यहां मौजूद पार्क सिर्फ नाम मात्र का ही रह गया है, इसमें इतनी गंदगी है कि बच्चों ने इससे मुंह ही मोड़ लिया है। एक समय था जब इस पार्क में बच्चों की किलकारियां गूंजतीं थीं। गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने से बरसात में लोगों के घरों में पानी घुस जाता है। कॉलोनी के भीतर दाखिल होनी वाली सड़क भी बेहद जर्जर हो गई। कॉलोनी की निर्मला देवी ने बताया कि हर माह प्रत्येक घर से 1160 रुपये का किराया दिया जाता है, बावजूद इसके सुविधाएं शून्य हैं। कहती हैं कि खुद न सफाई की जाए तो गंदगी हर तरफ बिखरी रहती है। निकिता ने कहा कि कई बार समस्या को लेकर अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहती हैं कि बाउंड्रीवाल टूट जाने से चोर-उचक्कों का भी भय बना हुआ है। कालिंदी देवी कहती हैं कि कई वर्ष से भवनों की न तो रंगाई-पुताई हुई है और न ही मरम्मत कार्य। कहीं कि खिड़की, जंगले, दरवाजे सब जर्जर हाल में पहुंच गए हैं। लेकिन समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। संवारा देवी ने कहा कि कई वर्ष से वह यहीं परिवार के साथ रह रही हैं, लेकिन कोई अधिकारी कर्मचारियों व उनके परिवारों की सुध लेने नहीं आता है। कहतीं हैं कि जब हम सब किराया देते हैं तो सुविधाएं भी हमें मिलनी चाहिए।
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अधिकारी की सुनिए
सरयू नहर खंड चतुर्थ के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार गौतम कहते हैं कि स्थिति संज्ञान में है, बजट के अभाव में मरम्मत कार्य नहीं हो पा रहा था। जल्द ही कालोनी का स्वरूप बदला नजर आएगा। और कर्मचारियों की समस्या दूर होगी।
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