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Basti News: 3.30 करोड़ से संवरेंगे संस्कृत माध्यमिक विद्यालय, विद्यार्थियों को मिलेंगी सुविधाएं
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बस्ती। जिले के संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों की सूरत बदलने की कवायद चल रही है। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 14 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष, शिक्षण कक्ष, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाओं के लिए निर्माण व मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। अब तक करीब 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। दूसरी किस्त जारी होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आई है। काम पूरा होने के बाद विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल के साथ जरूरी सुविधाएं मिल सकेंगी।
जिले में कुल 16 संस्कृत माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें से 13 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष, शिक्षण कक्ष, शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव था। सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रोजेक्ट अलंकार के तहत आगणन मांगा गया था। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद बजट जारी किया गया और वर्ष 2024 में निर्माण कार्य शुरू कराया गया।
13 विद्यालयों में निर्माण कार्य के लिए 25-25 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। वहीं, दक्षिण दरवाजा स्थित गणेश संस्कृत पाठशाला में मरम्मत कार्य के लिए पांच लाख रुपये मिले हैं। वहां नए निर्माण के बजाय केवल मरम्मत कराई जा रही है। सोनहा और भिउरा स्थित संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में दो-दो कक्ष, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय और पेयजल की व्यवस्था से संबंधित कार्य चल रहे हैं। निर्माण कार्य करीब 40 प्रतिशत पूरा हो चुका है। कार्यदायी संस्था यूपी सिडको को जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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95 प्रतिशत धनराशि सरकार देती है
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत संस्कृत विद्यालयों के विकास के लिए कुल लागत की 95 प्रतिशत धनराशि सरकार उपलब्ध कराती है। शेष पांच प्रतिशत धनराशि विद्यालय प्रबंधन को विकास और सुविधाओं पर खर्च करनी होती है।
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तहसील स्तरीय टीम करती है गुणवत्ता की जांच
निर्माण कार्यों के भौतिक सत्यापन के लिए तहसील स्तर पर टीम गठित की गई है। टीम निर्माण की गुणवत्ता और कार्य की स्थिति का सत्यापन करती है। सत्यापन के बाद ही भवन हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी की जाती है। टीम में पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता, राजकीय विद्यालय के प्रधानाचार्य और संस्कृत माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य शामिल होते हैं।
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कोट
संस्कृत विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष, शिक्षण कक्ष, शौचालय और पेयजल की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए हैं।
-संजय सिंह, डीआईओएस
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जिले में कुल 16 संस्कृत माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें से 13 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष, शिक्षण कक्ष, शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव था। सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रोजेक्ट अलंकार के तहत आगणन मांगा गया था। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद बजट जारी किया गया और वर्ष 2024 में निर्माण कार्य शुरू कराया गया।
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13 विद्यालयों में निर्माण कार्य के लिए 25-25 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। वहीं, दक्षिण दरवाजा स्थित गणेश संस्कृत पाठशाला में मरम्मत कार्य के लिए पांच लाख रुपये मिले हैं। वहां नए निर्माण के बजाय केवल मरम्मत कराई जा रही है। सोनहा और भिउरा स्थित संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में दो-दो कक्ष, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय और पेयजल की व्यवस्था से संबंधित कार्य चल रहे हैं। निर्माण कार्य करीब 40 प्रतिशत पूरा हो चुका है। कार्यदायी संस्था यूपी सिडको को जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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95 प्रतिशत धनराशि सरकार देती है
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत संस्कृत विद्यालयों के विकास के लिए कुल लागत की 95 प्रतिशत धनराशि सरकार उपलब्ध कराती है। शेष पांच प्रतिशत धनराशि विद्यालय प्रबंधन को विकास और सुविधाओं पर खर्च करनी होती है।
तहसील स्तरीय टीम करती है गुणवत्ता की जांच
निर्माण कार्यों के भौतिक सत्यापन के लिए तहसील स्तर पर टीम गठित की गई है। टीम निर्माण की गुणवत्ता और कार्य की स्थिति का सत्यापन करती है। सत्यापन के बाद ही भवन हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी की जाती है। टीम में पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता, राजकीय विद्यालय के प्रधानाचार्य और संस्कृत माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य शामिल होते हैं।
कोट
संस्कृत विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष, शिक्षण कक्ष, शौचालय और पेयजल की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए हैं।
-संजय सिंह, डीआईओएस