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Basti News: समूह सखियों ने मानदेय बढ़ाने समेत छह मांगें उठाईं
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बस्ती। सल्टौआ गोपालपुर विकासखंड की समूह सखियों ने मानदेय बढ़ाने, नियमित भुगतान और ऑनलाइन कार्य के लिए जरूरी डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराने समेत छह मांगें उठाईं। सोमवार को उन्होंने जिला मिशन प्रबंधक इकाई, बस्ती को संबोधित ज्ञापन डीएम के प्रशासनिक अधिकारी को सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की।
समूह सखियों ने बताया कि वे अपने क्षेत्र में स्वयं सहायता समूहों से जुड़े विभिन्न कार्यों की जिम्मेदारी निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें वर्तमान में महज दो हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। बढ़ते कार्यभार और जिम्मेदारियों को देखते हुए इसे बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में समूह सखियों को स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने और मानदेय का भुगतान हर माह नियमित रूप से सीधे उनके व्यक्तिगत बैंक खातों में भेजने की मांग की गई है। उनका कहना है कि कई बार मानदेय का भुगतान कई महीनों बाद एक साथ किया जाता है, जिससे आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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इसके अलावा एंड्रॉयड मोबाइल फोन नहीं रखने वाली समूह सखियों को मोबाइल अथवा जरूरी डिजिटल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई। ऑनलाइन कार्य के लिए डिजिटल प्रशिक्षण, इंटरनेट या डेटा और अन्य आवश्यक संसाधन मुहैया कराने की भी मांग रखी गई।
ज्ञापन देने के दौरान पूजा देवी, रेशमा देवी, हेमा देवी, मीरा, सावित्री देवी, मीना देवी, संगीता, विद्यावती, सुशीला देवी, सुमित्रा, संगीता देवी, रीता देवी, पिंकी देवी और अनीता देवी आदि मौजूद रहीं।
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समूह सखियों ने बताया कि वे अपने क्षेत्र में स्वयं सहायता समूहों से जुड़े विभिन्न कार्यों की जिम्मेदारी निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें वर्तमान में महज दो हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। बढ़ते कार्यभार और जिम्मेदारियों को देखते हुए इसे बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई है।
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ज्ञापन में समूह सखियों को स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने और मानदेय का भुगतान हर माह नियमित रूप से सीधे उनके व्यक्तिगत बैंक खातों में भेजने की मांग की गई है। उनका कहना है कि कई बार मानदेय का भुगतान कई महीनों बाद एक साथ किया जाता है, जिससे आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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इसके अलावा एंड्रॉयड मोबाइल फोन नहीं रखने वाली समूह सखियों को मोबाइल अथवा जरूरी डिजिटल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई। ऑनलाइन कार्य के लिए डिजिटल प्रशिक्षण, इंटरनेट या डेटा और अन्य आवश्यक संसाधन मुहैया कराने की भी मांग रखी गई।
ज्ञापन देने के दौरान पूजा देवी, रेशमा देवी, हेमा देवी, मीरा, सावित्री देवी, मीना देवी, संगीता, विद्यावती, सुशीला देवी, सुमित्रा, संगीता देवी, रीता देवी, पिंकी देवी और अनीता देवी आदि मौजूद रहीं।