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सब्जियों के निरोगी पौधों की नर्सरी हो रही तैयार

Sun, 19 Jan 2020 11:40 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jan 2020 11:40 PM IST
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sabji ki nursery
बस्ती में फल उत्कृष्टा केंद्र वंजरिया में इंडो इस्राइल तकनीक से उगाई गई टमाटर की नर्सरी। - फोटो : BASTI
सब्जियों के निरोगी पौधों की नर्सरी हो रही तैयार
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बस्ती। निरोगी पौधे मिल जाएं तो सब्जी व फलों की खेती करने वाला किसान माला माल हो जाए। ऐसे करीब ढाई लाख पौधे बंजरिया में स्थापित इंडो-इजरायल फल उत्कृष्ठता केंद्र में तैयार किए जा रहे हैं जिन्हें फरवरी में लगाया जा सकेगा। लौकी, नेनुआ, धारीदार तोरई, सतपुतिया, कद्दू, सहजन, करेला, टमाटर आदि की यह फसल मार्च के अंत से उपज देनी शुरू कर देगी। किसान को इससे पूरे गर्मी भर रोजाना नकदी मिलती रहेगी।
प्रगतिशील किसानों के केंद्र के रूप में लोकप्रिय होने की सबसे बड़ी वजह किसान उस हाईटेक व्यवस्था में अपना मनपसंद ब्रांड का बीज ले जाकर नर्सरी तैयार करा रहे हैं। अब तक चालीस से ज्यादा किसानों ने खुद की नर्सरी वहां डाल रखी है। इंडो-इजराइली तकनीकी से ऐसी नर्सरी तैयार कर उसमें उगाए जा रहे उत्कृष्ट श्रेणी के पौधे किसानों को खूब रास आ रहे हैं। कई गुना ज्यादा उत्पादन होने के साथ ही उत्पाद की गुणवत्ता एवं सुंदरता काफी अधिक है। इससे बाजार में उपज का भाव अच्छा मिलने से नर्सरी काफी लोकप्रिय हो रही है। केले की खेती करने वाले बहादुरपुर ब्लाक के किसान अनुराग, कौशलेंद्र बताते हैं कि वह अपनी लौकी की नर्सरी तैयार करा रहे हैं।
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फल उत्कृष्टता केंद्र के प्रभारी अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष विभिन्न किस्म के 78 हजार पौधे किसानों को मुहैया कराए गए। नेनुआ के दो लाख के सापेक्ष डेढ़ लाख पौधों का उत्पादन किया गया जिसे दो रुपये प्रति पौधे किसानों को दिए गए। इस बार भी गर्मी के सीजन के लिए तैयारी कर ली गई है।
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सूबे की दूसरी सबसे हाईटेक नर्सरी
सूबे की दूसरी सबसे उत्कृष्ट नर्सरी की सौगात बस्ती जिले को मिली है। पूरे प्रदेश के कन्नौज और बस्ती में ही इंडो-इजरायल योजना के तहत फल उत्कृष्ठता केंद्र स्थापित किए गए हैं जिसमें पहले पौध उत्पादन का गौरव बस्ती को ही प्राप्त है। बूम पद्धति से सब्जियों की सिंचाई, ट्रे-स्टैंड के नीचे ड्रेनेज सिस्टम बनाए गए हैं। जिससे पौध की सिंचाई करते समय अनावश्यक पानी की निकासी होती रहे।

यह किस्में उपलब्ध
लौकी की काशी गंगा, काशी बहार, नेनुआ में काशी दिव्या, काशी सौम्या प्रजाति की नर्सरी डाली गई है। काशी शिवानी प्रजाति की धारीदार तोरई, काशी खुशी प्रजाति की सतपुतिया, काशी हरित कद्दू की नर्सरी फरवरी तक तैयार होगी। नेनुआ के दो लाख, लौकी के 40 हजार पौधे उगाने का लक्ष्य है।
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