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रामजानकी मार्ग पर आवागमन हुआ मुश्किल
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कलवारी क्षेत्र के सीएचसी बहादुरपुर के पास राम-जानकी मार्ग पर बने गड्ढे। संवाद
- फोटो : BASTI
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रामजानकी मार्ग पर आवागमन हुआ मुश्किल
- बारिश में जगह-जगह बने गड्ढे अब तक नहीं भरे गए
संवाद न्यूज एजेंसी
कलवारी। रामजानकी मार्ग पर बारिश में बने गड्ढे अब तक नहीं भरे गए हैं। इससे आवागमन मुश्किल हो गया है। जिम्मेदारों की अनदेखी से राहगीरों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
रामजानकी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया गया है। करीब तीन साल से छावनी से यूपी की सीमा तक इसका निर्माण कार्य चल रहा है। राहगीर रामदरश ने बताया कि जब इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया गया, तब ऐसा लगा कि आवागमन सुगम हो जाएगा।
लंबे समय के बाद भी मार्ग का निर्माण अधूरा है। दो पहिया वाहन लेकर चलने में डर लगता है। विजय कुमार का कहना है कि गौसपुर से कलवारी तक मात्र चार किलोमीटर दूरी तय करने के लिए सोचना पड़ता है। मार्ग पर गिट्टियों के कारण कई बार वाहन पंचर हो जाते हैं। जब तक मार्ग का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक इस पर यात्रा करना जोखिम भरा है। धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि कुदरहा जाने के लिए सोचना पड़ता है। कुछ दिन पहले बाइक से गया था। रास्ते में खराब हो गई, जिससे एक किलोमीटर तक पैदल लेकर जाना पड़ा। एनएचआई के अवर अभियंता रोहित ने बताया कि गड्ढाें को भरने के निविदा की प्रक्रिया पूरी हो गई है। शीघ्र ही कार्य शुरू हो जाएंगे।
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- बारिश में जगह-जगह बने गड्ढे अब तक नहीं भरे गए
संवाद न्यूज एजेंसी
कलवारी। रामजानकी मार्ग पर बारिश में बने गड्ढे अब तक नहीं भरे गए हैं। इससे आवागमन मुश्किल हो गया है। जिम्मेदारों की अनदेखी से राहगीरों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
रामजानकी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया गया है। करीब तीन साल से छावनी से यूपी की सीमा तक इसका निर्माण कार्य चल रहा है। राहगीर रामदरश ने बताया कि जब इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया गया, तब ऐसा लगा कि आवागमन सुगम हो जाएगा।
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लंबे समय के बाद भी मार्ग का निर्माण अधूरा है। दो पहिया वाहन लेकर चलने में डर लगता है। विजय कुमार का कहना है कि गौसपुर से कलवारी तक मात्र चार किलोमीटर दूरी तय करने के लिए सोचना पड़ता है। मार्ग पर गिट्टियों के कारण कई बार वाहन पंचर हो जाते हैं। जब तक मार्ग का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक इस पर यात्रा करना जोखिम भरा है। धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि कुदरहा जाने के लिए सोचना पड़ता है। कुछ दिन पहले बाइक से गया था। रास्ते में खराब हो गई, जिससे एक किलोमीटर तक पैदल लेकर जाना पड़ा। एनएचआई के अवर अभियंता रोहित ने बताया कि गड्ढाें को भरने के निविदा की प्रक्रिया पूरी हो गई है। शीघ्र ही कार्य शुरू हो जाएंगे।
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