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Basti News: हड्डी तोड़ने में दो को सश्रम कारावास
Wed, 31 Jul 2024 04:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 31 Jul 2024 04:25 AM IST
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अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ने दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय विजय कुमार कटियार ने मारपीट कर हड्डी तोड़ने के आरोप में दो दोषियों छह-छह वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने प्रत्येक पर 10500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसे न अदा करने पर साढ़े तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
एडीजीसी लक्ष्मीकांत द्विवेदी ने न्यायाधीश को बताया कि परशुरामपुर क्षेत्र सुकरौली निवासी गणेश ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि कस्बे के दीनानाथ उर्फ लक्ष्मीकांत उर्फ भल्लू के साथ उनका जमीन को लेकर मुकदमा चल रहा है। 14 नवंबर 2007 को वह पिता ठाकुर प्रसाद के साथ साइकिल से बस्ती जा रहे थे।
धोलपुर गांव के पास पहले से घात लगाकर बैठे लक्ष्मी कांत, रमाशंकर उर्फ बब्बन व ओम प्रकाश उर्फ बल्लू ने हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से वह भदासी गांव की तरफ भागे, लेकिन उनके पिता वृद्ध होने के कारण भाग नहीं पाए। तीनों ने मिलकर उन्हें मारापीटा। इससे पिता की हड्डी टूट गई।
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मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की। तीनों आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र भेजा। मुकदमा विचारण के दौरान लक्ष्मी कांत की मृत्यु हो गई। मामले में आठ गवाहों ने गवाही दी। मेडिकल परीक्षण व अन्य साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने दोनों को सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय विजय कुमार कटियार ने मारपीट कर हड्डी तोड़ने के आरोप में दो दोषियों छह-छह वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने प्रत्येक पर 10500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसे न अदा करने पर साढ़े तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
एडीजीसी लक्ष्मीकांत द्विवेदी ने न्यायाधीश को बताया कि परशुरामपुर क्षेत्र सुकरौली निवासी गणेश ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि कस्बे के दीनानाथ उर्फ लक्ष्मीकांत उर्फ भल्लू के साथ उनका जमीन को लेकर मुकदमा चल रहा है। 14 नवंबर 2007 को वह पिता ठाकुर प्रसाद के साथ साइकिल से बस्ती जा रहे थे।
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धोलपुर गांव के पास पहले से घात लगाकर बैठे लक्ष्मी कांत, रमाशंकर उर्फ बब्बन व ओम प्रकाश उर्फ बल्लू ने हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से वह भदासी गांव की तरफ भागे, लेकिन उनके पिता वृद्ध होने के कारण भाग नहीं पाए। तीनों ने मिलकर उन्हें मारापीटा। इससे पिता की हड्डी टूट गई।
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मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की। तीनों आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र भेजा। मुकदमा विचारण के दौरान लक्ष्मी कांत की मृत्यु हो गई। मामले में आठ गवाहों ने गवाही दी। मेडिकल परीक्षण व अन्य साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने दोनों को सश्रम कारावास की सजा सुनाई।