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नियमित चालक-परिचालक नहीं करेंगे दफ्तर में काम
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नियमित चालक-परिचालक नहीं करेंगे दफ्तर में काम
बस्ती। बसों पर ड्यूटी करने वाले चालक और परिचालक अब ऑफिस के किसी भी पटल पर तैनात नहीं किए जाएंगे। इस पर सख्ती दिखाते हुए परिवहन निगम की नई एएमडी सरनीत कौर ब्रोका ने तत्काल प्रभाव से पाबंदी लगा दी है।
बस्ती डिपो में कुल 43 चालक और 41 परिचालक नियमित रूप से कार्यरत हैं। इनके अलावा 139 चालक और 155 परिचालकों को संविदा के रूप में तैनाती देकर डिपो के 117 बसों के बेड़े का संचालन कराया जा रहा है। वहीं, प्रशासनिक भवन से लेकर टिकट काउंटर, ईटीएम, डीजल शेड, एमएसटी तथा एकाउंट समेत अन्य पटलों पर कुल 12 नियमित चालकों और परिचालकों को तैनात कर ऑफिस का कार्य लिया जा रहा है। इसका नतीजा रहा कि मई महीने में पिछले वर्ष की अपेक्षा तकरीबन पांच लाख रुपये का घाटा सिर्फ बस्ती डिपो में ही हो गया है।
यही हाल तकरीबन प्रदेश के सभी डिपो का रहा। यही नहीं, चालकों-परिचालकों की ऑफिस में तैनाती से कई बसें ऑनरोड नहीं हो पाती हैं। इससे बसों की मौजूदगी के बावजूद निगम की छवि धूमिल होती है और इनके एवज में संविदा कर्मियों से सेवा लेकर उनका वेतन भुगतान किया जाता है, जो सीधे निगम की भारी क्षति मानी जाती है। इन सब बिंदुओं पर विधिवत समीक्षा होने के बाद निगम मुख्यालय ने सभी आरएम और एआरएम समेत उच्चाधिकारियों को नियमित चालकों तथा परिचालकों से कोई अन्य कार्य न लिए जाने के निर्देश जारी किए हैं। बस्ती डिपो के एआरएम आरपी सिंह ने बताया कि निगम मुख्यालय के निर्देशों का अनुपालन कराया जा रहा है।
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बस्ती। बसों पर ड्यूटी करने वाले चालक और परिचालक अब ऑफिस के किसी भी पटल पर तैनात नहीं किए जाएंगे। इस पर सख्ती दिखाते हुए परिवहन निगम की नई एएमडी सरनीत कौर ब्रोका ने तत्काल प्रभाव से पाबंदी लगा दी है।
बस्ती डिपो में कुल 43 चालक और 41 परिचालक नियमित रूप से कार्यरत हैं। इनके अलावा 139 चालक और 155 परिचालकों को संविदा के रूप में तैनाती देकर डिपो के 117 बसों के बेड़े का संचालन कराया जा रहा है। वहीं, प्रशासनिक भवन से लेकर टिकट काउंटर, ईटीएम, डीजल शेड, एमएसटी तथा एकाउंट समेत अन्य पटलों पर कुल 12 नियमित चालकों और परिचालकों को तैनात कर ऑफिस का कार्य लिया जा रहा है। इसका नतीजा रहा कि मई महीने में पिछले वर्ष की अपेक्षा तकरीबन पांच लाख रुपये का घाटा सिर्फ बस्ती डिपो में ही हो गया है।
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यही हाल तकरीबन प्रदेश के सभी डिपो का रहा। यही नहीं, चालकों-परिचालकों की ऑफिस में तैनाती से कई बसें ऑनरोड नहीं हो पाती हैं। इससे बसों की मौजूदगी के बावजूद निगम की छवि धूमिल होती है और इनके एवज में संविदा कर्मियों से सेवा लेकर उनका वेतन भुगतान किया जाता है, जो सीधे निगम की भारी क्षति मानी जाती है। इन सब बिंदुओं पर विधिवत समीक्षा होने के बाद निगम मुख्यालय ने सभी आरएम और एआरएम समेत उच्चाधिकारियों को नियमित चालकों तथा परिचालकों से कोई अन्य कार्य न लिए जाने के निर्देश जारी किए हैं। बस्ती डिपो के एआरएम आरपी सिंह ने बताया कि निगम मुख्यालय के निर्देशों का अनुपालन कराया जा रहा है।
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