{"_id":"5da753b48ebc3e0130773320","slug":"rappers-carrying-gangs-in-auto-basti-news-gkp3257646163","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑटो में गैंग लेकर घूम रहे टप्पेबाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑटो में गैंग लेकर घूम रहे टप्पेबाज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऑटो में गैंग लेकर घूम रहे टप्पेबाज
बस्ती। शहर के लिए लाइफ लाइन बने ऑटो में टप्पेबाजों की दखल बढ़ती जा रही है। सवारी ढोने की आड़ में कुछ चोर-उचक्कों और चेन स्नेचरों का गिरोह सक्रिय है। इनमें महिला और बच्चे भी शामिल हैं। मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे रोडवेज से गांधीनगर आते समय शिवनगर की महिला का पर्स चुरा लिया। हाल के महीने में लगातार सामने आ रही घटनाओं से जाहिर है कि इन पर नकेल कसना बाकी है।
चार अक्टूबर को गुजरात से लौटे सिद्धार्थनगर जिले के बेलहरा क्षेत्र के धौराहरा निवासी गोविंद ट्रेन से स्टेशन पर उतरे। घर जाने के बजाय गोविंद कप्तानगंज थाने के माझा गांव के दशरथ के यहां रिश्तेदारी में जाने के लिए ऑटो में सवार हुए। ऑटो में सवार होने के बाद गोविंद एकाएक बेहोश हो गए। कप्तानगंज- टिनिच मार्ग पर महुआरी गांव के पास किसान सेवा केंद्र के सामने सड़क किनारे पड़ा देख राहगीरों ने पानी के छींटे डाला। होश आने पर आपबीती बताया। आठ अक्टूबर को दशहरा की भीड़ के बीच एक महिला यात्री का ऑटो में बैठी कुछ महिलाओं ने लॉकेट चुरा लिया। उनकी हरकत ऑटो में बैठी सवारियों ने देख लिया। पुलिस की मदद से उसे पकड़कर तलाशी ली गई तो चोरी की गई लॉकेट बरामद की गई। पूछताछ में महिला सहजनवां की बताई गई। उनमें दो सगी बहनें बताई जा रही हैं। पुलिस की मानें तो ऑटो वाले बदमाशों का गिरोह खुद का ऑटो इस्तेमाल करते हैं, जो फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वारदातों को अंजाम देते हैं। यदि पीड़ित ऑटो का नंबर भी नोट कर लेता है तो पुलिस बदमाशों का सुराग नहीं लगा पाती है।
पहचान का संकट
शहर में ऑटो की स्टेयरिंग किसके हाथ में है, इसकी जानकारी न पुलिस को हो पाती है न ही सवारी को। चालक के पास न परिचय पत्र होता है न लाइसेंस ही मिलेगा। आरटीओ या पुलिस अमूमन तो इनके पेपर चेक नहीं करती है। यदि चेकिंग अभियान चलाया गया तो रास्ता बदल लेते हैं।
विज्ञापन
होगा ऑटो का क्रमांक, चालक का आई कार्ड
सीओ ट्रैफिक गिरीश सिंह का कहना है कि ऑटो वालों का नंबरिंग और परिचय पत्र होना आवश्यक है। इधर त्योहारों की व्यस्तता में जांच नहीं हो पाई है। जल्द ही अभियान चलाकर ऑटो की नंबरिंग कराई जाएगी। चालकों को परिचय पत्र रखना होगा।
विज्ञापन
बस्ती। शहर के लिए लाइफ लाइन बने ऑटो में टप्पेबाजों की दखल बढ़ती जा रही है। सवारी ढोने की आड़ में कुछ चोर-उचक्कों और चेन स्नेचरों का गिरोह सक्रिय है। इनमें महिला और बच्चे भी शामिल हैं। मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे रोडवेज से गांधीनगर आते समय शिवनगर की महिला का पर्स चुरा लिया। हाल के महीने में लगातार सामने आ रही घटनाओं से जाहिर है कि इन पर नकेल कसना बाकी है।
चार अक्टूबर को गुजरात से लौटे सिद्धार्थनगर जिले के बेलहरा क्षेत्र के धौराहरा निवासी गोविंद ट्रेन से स्टेशन पर उतरे। घर जाने के बजाय गोविंद कप्तानगंज थाने के माझा गांव के दशरथ के यहां रिश्तेदारी में जाने के लिए ऑटो में सवार हुए। ऑटो में सवार होने के बाद गोविंद एकाएक बेहोश हो गए। कप्तानगंज- टिनिच मार्ग पर महुआरी गांव के पास किसान सेवा केंद्र के सामने सड़क किनारे पड़ा देख राहगीरों ने पानी के छींटे डाला। होश आने पर आपबीती बताया। आठ अक्टूबर को दशहरा की भीड़ के बीच एक महिला यात्री का ऑटो में बैठी कुछ महिलाओं ने लॉकेट चुरा लिया। उनकी हरकत ऑटो में बैठी सवारियों ने देख लिया। पुलिस की मदद से उसे पकड़कर तलाशी ली गई तो चोरी की गई लॉकेट बरामद की गई। पूछताछ में महिला सहजनवां की बताई गई। उनमें दो सगी बहनें बताई जा रही हैं। पुलिस की मानें तो ऑटो वाले बदमाशों का गिरोह खुद का ऑटो इस्तेमाल करते हैं, जो फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वारदातों को अंजाम देते हैं। यदि पीड़ित ऑटो का नंबर भी नोट कर लेता है तो पुलिस बदमाशों का सुराग नहीं लगा पाती है।
विज्ञापन
पहचान का संकट
शहर में ऑटो की स्टेयरिंग किसके हाथ में है, इसकी जानकारी न पुलिस को हो पाती है न ही सवारी को। चालक के पास न परिचय पत्र होता है न लाइसेंस ही मिलेगा। आरटीओ या पुलिस अमूमन तो इनके पेपर चेक नहीं करती है। यदि चेकिंग अभियान चलाया गया तो रास्ता बदल लेते हैं।
विज्ञापन
होगा ऑटो का क्रमांक, चालक का आई कार्ड
सीओ ट्रैफिक गिरीश सिंह का कहना है कि ऑटो वालों का नंबरिंग और परिचय पत्र होना आवश्यक है। इधर त्योहारों की व्यस्तता में जांच नहीं हो पाई है। जल्द ही अभियान चलाकर ऑटो की नंबरिंग कराई जाएगी। चालकों को परिचय पत्र रखना होगा।