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Basti News: नियामतपुर में रामलीला शुरू, नारद मोह का किया मंचन
Thu, 25 Sep 2025 05:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 25 Sep 2025 05:24 AM IST
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विक्रमजोत विकास क्षेत्र के नियामतपुर गांव में चल रही रामलीला में मंचन करते ग्राामीण कलाकार।संवा
विक्रमजोत। क्षेत्र के नियामतपुर गांव में मंगलवार को नवयुवक दुर्गा पूजा एवं रामलीला समिति की ओर से रामलीला शुरू हुई। उद्घाटन कमेटी के अध्यक्ष डाॅ. राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने भगवान विष्णु की आरती कर की। कहा कि भगवान राम हमारे आदर्श हैं और मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आचरणों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। स्थानीय कलाकारों ने नारद मोह और श्रवण कुमार प्रसंग का मंचन किया।
लीला की शुरुआत में देव ऋषि नारद तपस्या में लीन रहते हैं। इंद्र का सिंहासन हिलने लगता है। इंद्र अपने गणों को भेजकर नारद की तपस्या भंग कराने का प्रयास करते हैं। तपस्या पूर्ण होने से नारद अभिमानी हो जाते हैं। नारद के अभिमान को तोड़ने के लिए भगवान विष्णु माया रूपी नगर की रचना करते हैं। वहां राजा शीलनिधि की पुत्री विश्व मोहिनी का स्वयंवर आयोजित होता है। देव ऋषि नारद भ्रमण के दौरान राजा से पुत्री के गुण दोष पूछते हैं और स्वयंवर में भाग लेने के लिए भगवान से श्री हरि का रूप धारण करते हैं। अंततः विश्व मोहिनी श्रीहरि का वरण करती हैं। स्थानीय कलाकारों में राधेश्याम सविता ने नारद, परशुराम मौर्य दशरथ, राम आशीष सविता ने श्रवण, राम दयाल ब्रह्ना, हरिवंश सिंह विष्णु और संदीप सविता ने शंकर सहित अन्य कलाकारों ने जीवंत अभिनय किया।
कार्यक्रम में श्याम शंकर पाल, मनोज सिंह आदि मौजूद रहे।
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लीला की शुरुआत में देव ऋषि नारद तपस्या में लीन रहते हैं। इंद्र का सिंहासन हिलने लगता है। इंद्र अपने गणों को भेजकर नारद की तपस्या भंग कराने का प्रयास करते हैं। तपस्या पूर्ण होने से नारद अभिमानी हो जाते हैं। नारद के अभिमान को तोड़ने के लिए भगवान विष्णु माया रूपी नगर की रचना करते हैं। वहां राजा शीलनिधि की पुत्री विश्व मोहिनी का स्वयंवर आयोजित होता है। देव ऋषि नारद भ्रमण के दौरान राजा से पुत्री के गुण दोष पूछते हैं और स्वयंवर में भाग लेने के लिए भगवान से श्री हरि का रूप धारण करते हैं। अंततः विश्व मोहिनी श्रीहरि का वरण करती हैं। स्थानीय कलाकारों में राधेश्याम सविता ने नारद, परशुराम मौर्य दशरथ, राम आशीष सविता ने श्रवण, राम दयाल ब्रह्ना, हरिवंश सिंह विष्णु और संदीप सविता ने शंकर सहित अन्य कलाकारों ने जीवंत अभिनय किया।
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कार्यक्रम में श्याम शंकर पाल, मनोज सिंह आदि मौजूद रहे।