फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   ramjanaki road incomplete

वादों का ढिंढोरा, रामजानकी मार्ग अब भी अधूरा

Sun, 20 May 2018 11:49 PM IST
basti
basti Updated Sun, 20 May 2018 11:49 PM IST
विज्ञापन
ramjanaki road incomplete
सड़क पर फैला कीचड़। - फोटो : amar ujala
बस्ती। 
विज्ञापन

सूबे की सरकार बेहतर आवागमन के लिए सड़कों को चाक-चौबंद करने का ढिंढोरा पीट रही है। अयोध्या से जनकपुर को जोड़ने वाले ऐतिहासिक महत्व के रामजानकी मार्ग का निर्माण पांच वर्षों से अधर में है। अभी एक हफ्ते पहले जनकपुर से पीएम ने विशेष बस सेवा भी शुरू की, जिससे इस मार्ग के महत्व को समझना पर्याप्त है।
मान्यता है कि रामजानकी मार्ग से भगवान राम की बारात अयोध्या आई थी। इसी वजह से यह सड़क जहां एक तरफ ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व रखती है, वहीं, बिहार के सीतामढ़ी जनपद से अयोध्या को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दशकों पहले इस सड़क की पटरियों पर बोर्ड लगा कर राम चरित मानस की सारगर्भित चौपाइयां लिखी रहती थीं। समय के साथ साथ सड़क टूटती गई, और चौपाइयां लिखे लोहे के बोर्ड गायब हो गए। पिछले लोकसभा चुनाव से पहले सपा सरकार के मंत्री राजकिशोर सिंह की पहल पर छावनी से जनपद संतकबीरनगर की सीमा तक की करीब 60 किलोमीटर सड़क को चौड़ा कर नए सिरे से बनाने का कार्य शुरू हुआ। सरकार बदलते ही काम की गति शिथिल होती गई। बैसिया से लेकर रामपुर के बीच करीब छह किलोमीटर सड़क पर दो साल से गिट्टियां डालकर वैसे छोड़ दी गईं हैं। जिस पर राहगीर चोटिल तो हो ही रहे हैं भारी वाहनों के गुजरने में भी जोखिम बना रहता है। सड़क पर जगह जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। पानी बरसते ही सड़क का और बुरा हाल हो जाता है।
विज्ञापन


रोज के राहगीरों की सुनिए
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रिंटू यादव कहते हैं कि बैसिया से आगे बढ़ते ही निर्माणाधीन सड़क मुसीबत बन जाती है। पग-पग पर बिखरीं गिट्टियां परेशानी का सबब बनी हुई हैं।        
विज्ञापन
विज्ञापन

चकिया के सुरेन्द्र यादव का कहना है कि चार साल से आवागमन की दुर्दशा झेल रहे हैं। रोज का आना-जाना है गिट्टियां छिटक कर लोगों को चोटिल कर रही हैं। जिम्मेदार चुप हैं।        
पिपरपाती के बसंत लाल बताते हैं कि बाइक हो साइकिल अथवा पैदल चलने वाले सभी को अधूरी सड़क दर्द दे रही है। ऊपर से सड़क से गुजरने में धूल से लथपथ हो जाते हैं।       
छिबरा के प्रधान महेन्द्र प्रसाद चौधरी का कहना है कि चर्चा है कि सड़क निर्माण का धन भी उपलब्ध है। बावजूद इसके सड़क का काम दो साल से अटका पड़ा है।       

 
टूटी सड़क पर मजबूरी है चलना       
कुदरहा। कस्बे से नौरहनी घाट की तरफ जाने वाली सड़क सरकार के गड्ढामुक्त योजना को मुंह चिढ़ा रही है। हर कदम पर गड्ढे बने हैं तो सड़क पर कीचड़ पसरा है। रामजानकी मार्ग से कुदरहा गांव होते हुए नौरहनी घाट तक जाने वाली सड़क से बालू के ओवरलोड ट्रक और ट्रॉलियां गुजर रही हैं जिससे सड़क टूटती जा रही है। नालियों का पानी भी सड़क पर ही है। आएदिन गड्ढे में वाहन फंस जा रहे हैं, जिससे घंटों रास्ता ठप हो जाता है। पूर्व ग्राम प्रधान इन्द्र कुमार चौधरी का कहना है कि सड़क पर पहले से ही आवागमन अधिक था, इधर, बालू घाट शुरू होने से सड़क की हालत और खराब हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed