{"_id":"5c5c6e86bdec224bd41e267b","slug":"rain-increased-cold","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश: हवाओं ने बढ़ाई ठंड, बढ़ सकता है कीट प्रकोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश: हवाओं ने बढ़ाई ठंड, बढ़ सकता है कीट प्रकोप
Thu, 07 Feb 2019 11:14 PM IST
राकेश पांडेय
basti
basti
Published by: राकेश पांडेय
Updated Thu, 07 Feb 2019 11:14 PM IST
विज्ञापन
बारिश से फैला कीचड़।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती/बहादुरपुर। बेमौसम बरसात ने हर किसी कि समस्याएं बढ़ा दी हैं। तेज हवा चलने से जहां ठंड बढ़ी है, वहीं, बारिश से फसलों में कीट का प्रकोप भी बढ़ सकता है। शुक्रवार को भी बारिश हो सकती है।
जिले में बुधवार शाम से बूंदाबांदी शुरू हुई। कहीं-कहीं हल्की बरसात भी हुई। इससे तापमान पर तो विशेष असर नहीं पड़ा लेकिन हवाओं के तेज चलने से ठंड जरूर बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को बूंदाबांदी के बाद शुक्र को भी ऐसे ही मौसम के आसार हैं। कृषि विशेषज्ञ डॉ. एसएन सिंह के अनुसार जनवरी में मौसम अपेक्षा से ज्यादा गर्म हो गया था, जिससे थोड़ी निराशा थी। किसानों को सलाह है कि दोमट भूमि में देरी से बुआई वाले क्षेत्रों में यूरिया (नाइट्रोजन) की एक चौथाई मात्रा छिड़काई करें। वहीं, सब्जी और दलहन वाले किसानों को कीट प्रकोप की आशंका सता रही है। बहादुर पुर के भेड़वा निवासी अवधेश मौर्या का कहना है कि सिर्फ गेहूं के लिए यह बारिश लाभदायक होगी जबकि लछोनहा के किसान विश्वंभर कहते हैं कि सरसों की फसल जिसमें फूल लगे हैं उन्हें नुकसान पहुंचेगा। किसान सर्वदमन शुक्ला ने कहा कि और बारिश हुई तो आलू के खेतों में पानी लगने से सड़न पैदा हो सकती है। कोरमा निवासी ठाकुरशरण ओझा ने बताया कि सबसे अधिक सब्जी की फसल को नुकसान हो सकता है। बारिश और बादल से गोभी, बैगन, टमाटर में कीड़े लगने लगे हैं।
विज्ञापन
जिले में बुधवार शाम से बूंदाबांदी शुरू हुई। कहीं-कहीं हल्की बरसात भी हुई। इससे तापमान पर तो विशेष असर नहीं पड़ा लेकिन हवाओं के तेज चलने से ठंड जरूर बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को बूंदाबांदी के बाद शुक्र को भी ऐसे ही मौसम के आसार हैं। कृषि विशेषज्ञ डॉ. एसएन सिंह के अनुसार जनवरी में मौसम अपेक्षा से ज्यादा गर्म हो गया था, जिससे थोड़ी निराशा थी। किसानों को सलाह है कि दोमट भूमि में देरी से बुआई वाले क्षेत्रों में यूरिया (नाइट्रोजन) की एक चौथाई मात्रा छिड़काई करें। वहीं, सब्जी और दलहन वाले किसानों को कीट प्रकोप की आशंका सता रही है। बहादुर पुर के भेड़वा निवासी अवधेश मौर्या का कहना है कि सिर्फ गेहूं के लिए यह बारिश लाभदायक होगी जबकि लछोनहा के किसान विश्वंभर कहते हैं कि सरसों की फसल जिसमें फूल लगे हैं उन्हें नुकसान पहुंचेगा। किसान सर्वदमन शुक्ला ने कहा कि और बारिश हुई तो आलू के खेतों में पानी लगने से सड़न पैदा हो सकती है। कोरमा निवासी ठाकुरशरण ओझा ने बताया कि सबसे अधिक सब्जी की फसल को नुकसान हो सकता है। बारिश और बादल से गोभी, बैगन, टमाटर में कीड़े लगने लगे हैं।
विज्ञापन